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जमघट: 'मुहर्रम गया, शोक मनाया... नमाज भी पढ़वाएंगे', जम्मू-कश्मीर के LG मनोज सिन्हा और क्या बोले?

लल्लनटॉप के साप्ताहिक पॉलिटिकल इंटरव्यू शो जमघट में इस बार चर्चा हुई जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से.

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14 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 14 अगस्त 2023, 08:54 PM IST)
Jamghat: Manoj Sinha says he participated in Muharram procession, namaz reading to be held peacefully
जमघट में इस बार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं और टारगेटेड किलिंग से लेकर वोट बैंक के लिहाज़ से बाहरी लोगों को बसाने पर बात की. (फोटो- PTI)
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लल्लनटॉप का साप्ताहिक पॉलिटिकल इंटरव्यू शो जमघट. इसमें हम देश की राजनीति में सक्रिय और राजनीति से जुड़े लोगों से चर्चा करते हैं. जमघट में इस बार चर्चा हुई जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से. 8 बार लोकसभा चुनाव लड़ चुके मनोज सिन्हा ने अपने राजनीतिक करियर के बारे में तसल्ली से बात की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे की कहानी, कश्मीर में आतंकी घटनाओं और टारगेटेड किलिंग से लेकर वोट बैंक के लिहाज़ से बाहरी लोगों को बसाने तक कई मुद्दों पर बात की. 

मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के नेताओं को कथित रूप से नज़रबंद करने जैसे आरोपों पर भी खुलकर बात की. मीरवाइज़ उमर फारूक द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी बातचीत हुई. मीरवाइज़ ने आरोप लगाए थे कि उन्हें नजरबंद किया गया है, वो नमाज़ पढ़ने भी नहीं जा सकते हैं. इन आरोपों पर उपराज्यपाल ने कहा कि वो इस बात का पूरी तरह से खंडन करते हैं. और कहा कि मीरवाइज़ गिरफ्तार नहीं हैं. मनोज सिन्हा ने आगे कहा,

“ये सच है और मीरवाइज़ खुद ये मानते हैं कि उनकी सुरक्षा को खतरा है. ये बात उन्होंने सुरक्षाबलों से साझा की है.”

मीरवाइज़ को किससे खतरा है? इस सवाल का जवाब देते हुए मनोज सिन्हा ने कहा,

“ये वो जानते होंगे कि उन्हें किससे खतरा है. लेकिन उन्होंने ये बात सुरक्षाबलों से साझा की है.”

उपराज्यपाल ने आगे कहा,

"हम ये मानते हैं कि जिस व्यक्ति को जान का खतरा है उसको पूरी सुरक्षा प्रदान की जाए. उन्हें कहीं आना-जाना है तो उन्हें पूरी आजादी है कि वो जाएं. उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी."

मुहर्रम के जुलूस में शामिल हुए

राज्य में जुमे की नमाज़ पढ़ने को लेकर उठ रहे सवालों पर बोलते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, 

"मैं नमाज़ पढ़वाने का मन बना चुका हूं. शांति से सब कुछ हो (तो) जरूर पढ़वाई जाएगी."

उन्होंने आगे कहा,

“34 साल बाद मुहर्रम का जुलूस निकाला गया. लोगों ने आश्वस्त किया. एक बड़े समुदाय ने हमें और प्रशासन को आश्वस्त किया कि कोई भारत विरोधी बात नहीं होनी चाहिए. और शांति रहनी चाहिए. उन्होंने हमें भरोसा दिया और जुलूस निकाला गया. मैं भी गया और उनके शोक में शामिल हुआ.”

मनोज सिन्हा ने आगे कहा कि शांतिपूर्वक नमाज़ हो इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. नमाज हर जगह हो रही है, वहां भी करा देंगे.

उपराज्यपाल ने ये भी कहा कि सामान्य रूप से वो हर धार्मिक आयोजन में जाते हैं. अमरनाथ यात्रा की तैयारी की दृष्टि से भी जाते हैं. यात्रा में आने वाले देशभर के यात्रियों को सुविधा मिले, ये भी सुनिश्चित कराते हैं. उन्होंने बताया कि ईद के पहले भी वो हजरतबल और बाकी जगहों पर जाकर व्यवस्था देखते हैं.

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