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इजरायल ने ये 'सी-डोम' क्या बना लिया, जिसके आगे बड़े-बड़े रॉकेट तहस-नहस हो जाएंगे?

फिलिस्तीन के रॉकेट्स का सामने इजराइल करता रहता है, और अब तो...

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Israel ministry of defence c dome
इजराइल के सार-6 पोत से सी-डोम का सफल टेस्ट हुआ है. (फोटो सोर्स- Reuters, Twitter @Israel_MOD)
1 जून 2023 (Updated: 2 जून 2023, 12:23 IST)
Updated: 2 जून 2023 12:23 IST
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आयरन डोम (Iron Dome Israel). इजराइल के आसमान का सुरक्षा कवच. बीते दिनों इजराइल और फिलिस्तीन (Israel Palestine War) के बीच दोनों तरफ से रॉकेट दागे जा रहे थे. खबरें आईं कि इजराइल का आयरन डोम सिस्टम, फिलिस्तीनी जमीन और गाजा पट्टी से दागे जा रहे सारे रॉकेट नहीं रोक पा रहा. लेकिन अब खबर आई है कि उसने अपनी समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘सी-डोम’ बना लिया है. इसे एक युद्धपोत पर तैनात किया गया है. आसमानी खतरों से निपटने में सी-डोम कितना कारगर है, ये जानने के लिए किए गए सभी परीक्षणों में सी-डोम सफल रहा है. इसे जल्दी ही इजराइली नेवी को सौंप दिया जाएगा.

सी-डोम क्या है?

इजराइल के पास अभी तक 4 तरीके की रक्षा प्रणालियां हैं. आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, ऐरो-2 और ऐरो-3. इनमें से आयरन डोम के बारे में हम पहले ही विस्तार से बात कर चुके हैं. जबकि डेविड्स स्लिंग, ऐरो-2 और ऐरो-3 इजराइल के अलग-अलग तरह के एयर डिफेंस सिस्टम हैं. और अब इजराइल की रक्षा प्रणालियों में एक और नाम जुड़ा है- सी-डोम.

सी-डोम, असल में आयरन डोम सिस्टम का ही नेवल वर्जन है. इजराइली अख़बार द जेरुसलम पोस्ट में छपी खबर के मुताबिक, इजराइली डिफेंस फ़ोर्स की नेवी ने सी-डोम सिस्टम के कई स्तर के इंटरसेप्शन टेस्ट पूरे कर लिए हैं. इजराइली नेवी ने अपने सार-6 क्लास की युद्धपोत INS मेगन पर इसे तैनात कर दिया है.

सी-डोम को एक जॉइंट प्रोजेक्ट के तहत इजराइली नेवी और इजराइली मिसाइल डिफेन्स सिस्टम ऑर्गेनाइजेशन (IMDO) और राफेल एडवांस्ड डिफेन्स सिस्टम्स ने मिलकर तैयार किया है. सी-डोम के टेस्ट में कुछ ऐसे टारगेट रखे गए थे जो इजराइल के इन्फ्रास्ट्रक्चर और उसके इकनॉमिक जोन के लिए ख़तरा हो सकते थे. इसने इन सभी खतरों को सफलतापूर्वक रोका.

इजराइली नेवी ने इससे पहले नवंबर 2022 में भी सी-डोम का इंटरसेप्शन टेस्ट किया था. लेकिन बीते सोमवार 29 मई, 2023 को इसका और बड़े पैमाने पर टेस्ट किया गया. इस बार मेगन शिप के लिए खतरा बन सकने वाले कई आसमानी हथियार जैसे क्रूज़ मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट वगैरह को सी-डोम सिस्टम की इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल करके रोका गया.

 अख़बार से बात करते हुए IMDO के डायरेक्टर मोशे पटेल ने बताया,

"हमने इस ताजा अभियान के दौरान, सार-6 पोत पर नेवी के आयरन डोम (सी-डोम) की नई क्षमताओं की जांच की है. इजराइल के दूसरे रक्षा हथियारों को भी सी-डोम के साथ टेस्ट में शामिल किया गया है. युद्धपोत और जमीन पर जो सिस्टम मौजूद हैं उनकी कनेक्टिविटी और एक नए डेवलप किए गए राडार का भी टेस्ट किया गया है. ऑपरेशन शील्ड एंड ऐरो के दौरान आयरन डोम और डेविड्स स्लिंग को भी इस्तेमाल किया गया और इसी दौरान सी-डोम का सफल टेस्ट हुआ."

मोशे पटेल ने आगे बताया कि सिस्टम ने रॉकेट, UAV (मानवरहित ड्रोन वगैरह) और क्रूज़ मिसाइल जैसे खतरों को पहचाना और शिप पर तैनात इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल करके बिना किसी गलती के उन्हें नष्ट भी किया.

 इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा,

“टेस्ट में युद्धपोत के सिस्टम और इजराइल के कई स्तर के रक्षा हथियारों को शामिल किया गया था. हमने जमीन और समुद्र में हमारे एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए एक नई तकनीक का टेस्ट किया है. युद्ध क्षेत्र में मौजूदा और भविष्य के खतरों का मुकाबला करने के लिए इस तकनीक की सफलता एक मील का पत्थर है.”

वहीं, सी-डोम की क्षमताओं के बारे में बात करते हुए, इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा,

"सी-डोम से हमारी डिफेंस की ताकत बढ़ी है. समुद्री क्षेत्र में बढ़ते खतरों के बीच सी-डोम इजराइली डिफेंस की काबिलियत और श्रेष्ठता को पुख्ता करता है."

सिस्टम ख़ास तौर पर क्या काम करता है?

सार-6 युद्धपोत पर लगाया गया ये सी-डोम सिस्टम, इजराइल के नैचुरल गैस रिग्स की सुरक्षा करेगा. नैचुरल गैस या ऑयल रिग्स माने ऐसे समुद्री जहाज या इन्फ्रास्ट्रक्चर जिनका इस्तेमाल समुद्र से गैस और तेल वगैरह निकालने के लिए किया जाता है.  सी-डोम, इजराइल की शिपिंग लेन की भी सुरक्षा करेगा. इजराइल, अपना 98 फीसद तक आयात इसी शिपिंग लेन यानी समुद्री रास्ते से करता है. इजराइली नेवी ने सुरक्षा कारणों से ऑयल रिग्स पर आयरन डोम बैटरियों को नहीं लगाया है.

इजराइल की डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, सोमवार को कुछ नई चीजों का भी परीक्षण किया गया है. लेकिन क्या? इस बारे में मंत्रालय ने कोई जवाब नहीं दिया है. अभी इजराइल की तरफ से ये भी नहीं बताया गया है कि सी-डोम को पूरी तरह कब तैनात किया जाएगा. इसमें एक साल या उससे ज्यादा का वक़्त भी लग सकता है.

वीडियो: दुनियादारी: इजराइल को हमास के रॉकेट्स से बचाने वाले आयरन डोम की पूरी कहानी

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