ईरान से सीजफायर के बाद इजरायल में विपक्षी खेमे में हलचल तेज, गाजा को लेकर की बड़ी मांग
Israel के विपक्षी नेताओं ने Operation Rising Lion को सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना है. विपक्षी हलके में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अब राजनीतिक और कूटनीतिक कदम उठाने की जरूरत है.

ईरान और इजरायल के बीच 13 जून से चल रहे संघर्ष का अंत हो चुका है. मंगलवार, 24 जून को दोनों देश सीजफायर के लिए राजी हो गए. ईरान के साथ टकराव खत्म होने के बाद इजरायल के अंदर नई मांग उठ रही है. विपक्ष के नेताओं ने मांग की है कि अब गाजा का युद्ध भी खत्म किया जाए और बंधकों को सुरक्षित वापस लाया जाए. विपक्षी नेताओं ने सरकार से कहा है कि इन दोनों कामों को करने का यह सही समय है.
यरूशलेम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने मंगलवार, 24 जून को सरकार से मांग की कि ईरान के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' की सफलता का फायदा उठाना चाहिए. इसकी कामयाबी के जरिए गाजा युद्ध को खत्म किया जाए और हमास के कब्जे में बचे हुए 50 बंधकों को सुरक्षित वापस लाया जाए.
विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यैर लैपिड ने एक वीडियो बयान में कहा,
नेशनल यूनिटी अलायंस के चेयरमैन बेनी गैंट्ज ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया. उन्होंने कहा,
इसके लिए गैंट्ज ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, इजरायल की पॉलिटिकल और डिफेंस लीडरशिप की तारीफ की. इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का भी आभार जताया.
गैंट्ज ने आगे कहा कि अब हमारे पास गाजा को युद्ध खत्म करने और क्षेत्रीय रणनीतिक बदलाव लाने का एक ऐतिहासिक मौका है. उन्होंने आगे कहा कि हमें ना केवल अपने बंधकों को वापस लाना चाहिए, बल्कि सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम देशों के साथ सामान्य संबंध बनाने के लिए समझौते करने चाहिए.
वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के अध्यक्ष यैर गोलान ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया,
इस तरह ईरान के साथ सीजफायर के बाद इजरायल में गाजा युद्ध खत्म करने और बंधकों की रिहाई के लिए राजनीतिक मांग तेज हो गई है. इसके अलावा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए भी नई पहल की जरूरत महसूस की जा रही है.
वीडियो: दुनियादारी: युद्ध करके इज़रायल-ईरान को क्या मिला? अमेरिका को भी क्या हासिल हुआ?

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