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"हमास को खत्म नहीं कर सकते", इजरायल की सेना के बयान से नेतन्याहू सरकार में खलबली

इजरायली सेना के इस बयान से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहमत नजर नहीं आ रहे हैं. इसलिए प्रधानमंत्री कार्यालय को तुरंत बयान जारी करना पड़ा.

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20 जून 2024 (अपडेटेड: 20 जून 2024, 04:31 PM IST)
Israel army on Hamas
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू. (फोटो- रॉयटर्स)
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इजरायल और हमास के बीच पिछले आठ महीने से जंग जारी है. इस जंग में हजारों लोगों की मौत के बाद अब इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि हमास को खत्म नहीं किया जा सकता है. लेकिन सेना के इस बयान से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहमत नजर नहीं आ रहे हैं. इसलिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत बयान जारी कर दिया कि इस जंग का एकमात्र मकसद हमास को खत्म करना है. फिर इजरायली आर्मी को भी सफाई देनी पड़ गई.

बीते 8 महीनों में इजरायली सेना के हमलों में 37 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इनमें 15 हजार से ज्यादा बच्चे हैं. 85 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुआ ये युद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचनाओं के बावजूद जारी है.

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हेगरी ने 'चैनल 13' नाम के प्राइवेट ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू दिया. इसी चैनल पर उन्होंने कहा,

"ये कहना कि हम हमास को पूरी तरह खत्म करने जा रहे हैं, ये लोगों की आखों में धूल झोंकने जैसा है. अगर हम विकल्प नहीं देते हैं तो अंत में हमास रहेगा ही. हमास एक विचारधारा है और हम एक विचारधारा को खत्म नहीं कर सकते हैं. ये लोगों के दिलों में बसा है."

आर्मी प्रवक्ता के इस बयान को इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत खारिज किया. नेतन्याहू ने कहा कि गाजा में कार्रवाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक हमास की हार नहीं होगी. बयान में कहा गया है,

"प्रधानमंत्री नेतन्याहू की अध्यक्षता वाली राजनीतिक और सुरक्षा कैबिनेट ने साफ किया है कि जंग के उद्देश्यों में एक हमास की मिलिट्री को खत्म करना है. और IDF (इजरायल डिफेंस फोर्स) इसके लिए प्रतिबद्ध है."

इसके बाद फिर आर्मी ने भी स्पष्टीकरण जारी किया. टेलीग्राम चैनल पर आर्मी ने एक बयान दिया कि डेनियल हेगरी ने हमास को एक विचारधारा बताया और उनका बयान साफ है. इसके अलावा कुछ और कहना बयान को संदर्भ से बाहर ले जाना है.

ये भी पढ़ें- गाजा पर बम बरसा रहे इजरायल की वॉर कैबिनेट भंग, नेतन्याहू ने इस एक तीर से कितने निशाने साध लिए?

जंग को लेकर नेतन्याहू सरकार के फैसले की लगातार आलोचना हो रही है. बीते कई महीनों से सीजफायर की अपील की जा रही है. इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी एक प्रस्ताव रखा था. लेकिन अब तक सीजफायर पर बात नहीं बनी है.

इजरायल लगातार गाजा पर जमीनी और हवाई कार्रवाई कर रहा है. गाजा के कई इलाकों में भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है. अलजजीरा की रिपोर्ट बताती है कि इजरायल ने एक बार फिर खाद्य सामग्री के इंतजार में खड़े लोगों पर हमला कर लिया. फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि पिछले 24 घंटे में 35 फिलिस्तीनी मारे गए हैं और 130 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

7 अक्टूबर के हमले में हमास ने 252 इजरायली और विदेशी नागरिकों को बंधक भी बनाया था. इनमें से 105 बंधकों को हमास ने अस्थायी समझौते के बाद छोड़ा था. लेकिन अब भी 125 इजरायली नागरिक हमास के कब्जे में हैं. कुछ बंधक मार दिए गए थे.

वीडियो: दुनियादारी: अमेरिका ने इज़रायल को धोखा देकर कौन सा प्रस्ताव भेज दिया, हमास क्या बोला?

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