The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • IRMS officer Satish Kumar becomes first Dalit chairman of Railway Board

भारतीय रेलवे बोर्ड के पहले दलित अध्यक्ष बनेंगे सतीश कुमार, 34 साल के अब तक के करियर में दिए अहम योगदान

Railway Board New Chairman: इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस (IRMS) ऑफिसर सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड का नया अध्यक्ष और CEO नियुक्त किया गया है. रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि सतीश कुमार का एक अहम योगदान फॉग सेफ डिवाइस पर उनका काम है.

Advertisement
pic
28 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 28 अगस्त 2024, 03:15 PM IST)
Satish Kumar Railway Board new chairman
सतीश कुमार ने भारतीय रेलवे में अपना करियर मार्च, 1988 में शुरू किया था. (फाइल फोटो: X)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारतीय रेलवे बोर्ड (Railway Board) के नये अध्यक्ष बनने वाले सतीश कुमार का नाम चर्चा में है. सतीश कुमार को रेलवे बोर्ड का अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है. भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) के अधिकारी सतीश कुमार 1 सितंबर से अपना पद संभालेंगे. न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड की वर्तमान अध्यक्ष और CEO जया वर्मा सिन्हा 31 अगस्त को रिटायर हो रही हैं. उनके बाद रेलवे बोर्ड की कमान सतीश के हाथों में होगी. रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड के इतिहास में सतीश कुमार अनुसूचित जाति से आने वाले पहले अध्यक्ष और CEO हैं.

कई जोन और डिवीजनों में निभाई अहम भूमिकाएं 

सतीश कुमार इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स  (IRSME) के 1986 बैच के अधिकारी हैं. कुमार ने 34 सालों से अधिक के अपने अब तक के करियर के दौरान भारतीय रेलवे में अहम योगदान दिया है. सतीश कुमार ने भारतीय रेलवे में अपना करियर मार्च, 1988 में शुरू किया था. तब से वे कई जोन और डिवीजनों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम कर चुके हैं. 

रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि 8 नवंबर, 2022 को सतीश कुमार नॉर्थ सेंट्रल रेलवे, प्रयागराज के जनरल मैनेजर बने. ये उनकी पब्लिक सर्विस में एक और मील का पत्थर है. अधिकारी ने कहा,

"सतीश कुमार की शुरुआती पोस्टिंग में झांसी डिवीजन और वाराणसी में डीजल लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) शामिल थे. इस दौरान उन्होंने लोकोमोटिव इंजीनियरिंग और रखरखाव में अपने कौशल को निखारा. बाद में उन्होंने उत्तर पूर्व रेलवे, गोरखपुर और पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में काम किया और इन डिवीजनों की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने वाले अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया."

अधिकारी के मुताबिक सतीश कुमार का एजुकेशनल बैकग्राउंट उनकी प्रोफेशनल उपलब्धियों की तरह ही प्रभावशाली है. उन्होंने मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT), जयपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है. उन्होंने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से ऑपरेशन मैनेजमेंट और साइबर लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है.

ये भी पढ़ें- यूपी के इन 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदल गए, नए नाम जान लीजिए सुविधा रहेगी…

फॉग सेफ डिवाइस पर सतीश कुमार का काम

सतीश कुमार रेलवे के सिस्टम में नई चीजें, दक्षता और सुरक्षा सुधार लाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. अधिकारी ने बताया कि कुमार का एक अहम योगदान फॉग सेफ डिवाइस पर उनका काम है. ये एक ऐसा इनोवेशन है, जो कोहरे के दौरान सुरक्षित ट्रेन ऑपरेशन सुनिश्चित करने में मददगार साबित हुआ है. अधिकारी ने कहा,

"ये डिवाइस भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण डिवाइस बन गई है. ये डिवाइस सर्दियों के महीनों के दौरान कम दृश्यता से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम करती है, खासकर भारत के उत्तरी क्षेत्रों में."

अप्रैल 2017 से अप्रैल 2019 तक, सतीश कुमार उत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के तौर पर काम कर चुके हैं. सतीश कुमार ने उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर और  मुख्य सतर्कता अधिकारी के तौर पर काम किया. इसके बाद वो उत्तर मध्य रेलवे के जनरल मैनेजर बने.

रेलवे बोर्ड के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारतीय रेलवे में सतीश कुमार के लंबे अनुभव और योगदान को मान्यता दी गई है. अब उन्हें भारतीय रेलवे का सर्वोच्च पद दिया गया है. 

वीडियो: सोशल लिस्ट : नकली TTE और ट्रैक पर सोता इंसान, भारतीय रेलवे से आए कैसे-कैसे वायरल वीडियोज?

Advertisement

Advertisement

()