The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • iran us 2nd round talks in islamabad seyed abbas araghchi arrives Pakistan

इस्लामाबाद पहुंचा ईरानी डेलीगेशन, अमेरिका के साथ बातचीत या कोई और प्लान?

US-Iran Islamabad Talks 2.0: ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi एक डेलीगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंचे हैं. अमेरिकी डेलीगेशन के भी पहुंचने की उम्मीद है. इस कूटनीतिक प्रयास में Pakistan एक पुल का काम कर रहा है.

Advertisement
pic
25 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 25 अप्रैल 2026, 12:59 PM IST)
iran us 2nd round talks in islamabad, abbas araghchi, Pakistan
ईरानी डेलीगेशन इस्लामाबाद पहुंच गया है. (फोटो: X/@MIshaqDar50)
Quick AI Highlights
Click here to view more

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार, 24 अप्रैल की देर रात एक डेलीगेशन के साथ इस्लामाबाद पहुंचे. उनकी यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. हालांकि, इस बार अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं होगी. इसके बजाय, पाकिस्तान तेहरान की शर्तें और प्रस्ताव वॉशिंगटन तक पहुंचाएगा.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने बताया कि अब्बास अराघची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात कर सकते हैं. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने X हैंडल पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं. इन तस्वीरों में उन्हें फील्ड मार्शल मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ ईरानी डेलीगेशन का स्वागत करते हुए देखा जा सकता है.

अमेरिका के साथ सीधी मुलाकात से इनकार

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईरानी डेलीगेशन इस्लामाबाद पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे. यह पाकिस्तान की चल रही मध्यस्थता की कोशिशों का हिस्सा है, जिसका मकसद ‘अमेरिका द्वारा थोपा गया युद्ध’ खत्म करना और इलाके में शांति बहाल करना है.

iran us 2nd round talks
(फोटो: X)

उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी बैठक का कोई प्लान नहीं है. बकाई का कहना है कि तेहरान अपनी शर्तें और चिंताएं पाकिस्तानी अधिकारियों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाएगा.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि बातचीत के दूसरे दौर को संभव बनाने की कोशिशें जारी हैं. इस कूटनीतिक प्रयास में पाकिस्तान एक पुल का काम कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद पर्दे के पीछे रहकर चुपचाप दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए काम कर रहा है. हाल के हफ्तों में एक मीडिएटर के तौर पर उसकी भूमिका को काफी अहमियत मिली है.

अमेरिकी डेलीगेशन के आने की उम्मीद

अमेरिका भी कूटनीतिक पहल की तैयारी कर रहा है. अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है. वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने पुष्टि करते हुए कहा कि बातचीत सीधे तौर पर होगी, लेकिन इसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा. उन्होंने आगे कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वांस वॉशिंगटन से ही इस बातचीत में शामिल होंगे.

ये भी पढ़ें: ईरान का अमेरिका पर 'बहुत ज्यादा डिमांड' का आरोप, इस्लामाबाद में बातचीत से किया इनकार

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा करने के मकसद से एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है. उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ एक फोन इंटरव्यू में शुक्रवार को कहा, "वे एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं और हमें देखना होगा." ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें अभी तक इस प्रस्ताव की ज्यादा जानकारी नहीं मिली है. 

उन्होंने दोहराया कि किसी भी संभावित समझौते में यह शर्त जरूर होनी चाहिए कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम छोड़ दे और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से बिना रोक-टोक आवाजाही हो सके. जब उनसे पूछा गया कि वॉशिंगटन किसके साथ बातचीत कर रहा है, तो उन्होंने किसी शख्स का नाम लेने से इनकार कर दिया और कहा, "हम उन लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं जो अभी सत्ता में हैं."

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक जारी रखेगी जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता. यह पूछे जाने पर कि किन शर्तों के पूरा होने पर घेराबंदी हटाई जाएगी. इस पर ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा करने के बाद ही इस पर फैसला करेंगे.

वीडियो: एक तरफ इस्लामाबाद में शांति वार्ता, दूसरी तरफ इजरायल का लेबनान पर ताबड़तोड़ हमला

Advertisement

Advertisement

()