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खुफिया एजेंसियों ने पहले ही बता दिया था नक्सलियों का प्लान, क्या इस चूक से गई 10 जवानों की जान?

जवानों का काफिला जिस रूट से गुजर रहा था, उसे लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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27 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 27 अप्रैल 2023, 09:17 AM IST)
Chhattisgarh Dantewada Naxal Attack Intelligence Informed About Plan To CRPF
छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले के बाद घटनास्थल. (फोटो- ट्विटर)
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 26 अप्रैल को एक बड़ा नक्सली (Dantewada Naxalite attack) हमला हुआ. हमले में 10 जवानों की मौत हो गई. इसके साथ एक ड्राइवर की भी मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नक्सलियों ने IED ब्लास्ट (Naxalite IED blast) से इस हमले को अंजाम दिया. खबर है कि नक्सलियों ने पिछले महीने के अंत में ही हमला करने की धमकी दी थी. इसके अलावा इस बात पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि जिस रूट से सुरक्षा बल गए थे उसे सैनिटाइज़ क्यों नहीं किया गया था?

इंडियन एक्सप्रेस के संवाददाता महेंद्र सिंह मनराल की रिपोर्ट के अनुसार, सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसियों ने 15 दिन पहले ही CRPF और स्थानीय पुलिस को नक्सलियों के प्लान के बारे में आगाह किया था. इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि नक्सली दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में सुरक्षा बलों पर IED हमला करने की योजना बना रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, धमकी भरे पत्र में नक्सलियों ने लिखा था कि सुरक्षाबल स्थानीय लोगों के लिए समस्याएं पैदा कर रहे हैं. यही नहीं, नक्सलियों ने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 25 मार्च की यात्रा का भी जिक्र किया था. अमित शाह CRPF के 84वें स्थापना दिवस पर जगदलपुर पहुंचे थे.

ये भी जानकारी मिली है कि पिछले 6 महीने से सुरक्षा बल ने नक्सली नेता हिड़मा को पकड़ने के कई प्रयास किए. लेकिन वो पकड़ में नहीं आया. इंडियन एक्सप्रेस को एक सूत्र ने बताया,

“सुरक्षाबलों को इंटेलिजेंस इनपुट दिए गए थे कि नक्सली सुरक्षाबलों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं और उनके वाहनों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं. यही नहीं, नक्सली पुलिस के मुखबिरों के बारे में भी पूछताछ कर रहे थे और उन्हें धमका रहे थे.”

रूट सैनिटाइज़ नहीं था!

ऐसे भी सवाल खड़े किए जा रहे कि जिस रूट से सुरक्षा बल गए थे उसे सैनिटाइज़ क्यों नहीं किया गया था? आमतौर पर सुरक्षाबलों के काफिले के आगे एक छोटी फुर्तीली टीम होती है, जो रूट की जांच करती है और उसे सैनिटाइज़ करती है. लेकिन घटना की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले से पहले रूट की जांच नहीं की गई थी. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जगह पर नक्सली हमला हुआ, वहां से 100 मीटर दूर ‘अमा पांडुम’ नाम का एक स्थानीय त्योहार मनाया जा रहा था. इस कारण रूट को सैनिटाइज़ नहीं किया गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षाबलों की गाड़ियां त्योहार के चलते उस रास्ते पर धीमे गई थीं. रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि हो सकता है कि नक्सलियों ने स्थानीय लोगों को घटनास्थल के पास त्योहार आयोजित करने के लिए मजबूर किया हो, ताकि सुरक्षाबलों का काफिला धीमा हो जाए और नक्सली उनपर हमला कर सकें.

ये भी जानकारी मिली है कि सुरक्षाबलों के रूट को सैनिटाइज़ करने वाली टीम पिछले कुछ महीनों से चार पहिया गाड़ी का इस्तेमाल कर रही थी. इससे पहले वो रूट की जांच या तो पैदल करते थे या दो पहिया गाड़ी पर करते थे. सूत्रों ने बताया कि DRG का मैनुअल रूट को सैनिटाइज करने के लिए चार पहिया गाड़ी के इस्तेमाल की इजाजत नहीं देता है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: दंतेवाड़ा में नक्सली हमले के पीछे की कहानी और षड्यंत्र का सुराग पता चल गया

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