'पानी की एक बूंद नहीं देंगे', सिंधु जल समझौते पर भारत का रुख, पाक बोला 'एक्ट ऑफ़ वॉर' है
CR Patil on Indus Water Treaty: भारत के जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल ने सिंधु जल समझौते पर सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी नहीं मिलेगा. इस पर पाकिस्तान ने फिर से 'एक्ट ऑफ़ वॉर' की धमकी दे दी.

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधू जल समझौते को सस्पेंड कर दिया था. तब पाकिस्तान ने इसे ‘एक्ट ऑफ़ वॉर’ बताया था. फिर भारत ने पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने के लिए बांध बनाने का काम तेज किया. पाकिस्तान ने फिर ‘एक्ट ऑफ़ वॉर’ का राग अलापा. अब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने भारत को एक बार फिर वही रटी-रटाई धमकी दी है. लेकिन आखिर किस बात पर ये बात उठी? ये जानते हैं.
हाल ही में भारत के जल संसाधन मंत्री सीआर पाटिल से सिंधु जल समझौते के सस्पेंशन से जुड़ा सवाल पूछा गया. इसके जवाब में उन्होंने कहा,
‘ये अभी भी लागू है, बल्कि, संधि को अभी रोककर रखा गया है. जब से प्रधानमंत्री मोदी ने ये फैसला किया है, तब से पूरी कोशिश की जा रही है कि वहां पानी की एक भी बूंद न जाए. प्रधानमंत्री के आदेश के तहत, गृह मंत्री अमित शाह भी व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नज़र रख रहे हैं. हम इस पर सक्रीय रूप से काम कर रहे हैं.’
उन्होंने बताया कि काम इतनी तेजी से हो रहा है कि पाकिस्तान को जाने वाला सिंधु का पानी रुक जाएगा. ये निश्चित है. उनका दावा है कि आने वाले सालों में पानी की एक भी बूंद पाकिस्तान नहीं जाएगी.
पाकिस्तान ने क्या कहा?जब भारत के पानी रोकने की बात कही तो पाकिस्तान छटपटा उठा. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से सीआर पाटिल के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई. जवाब में पाकिस्तान ने पहले नियम-कायदों की लंबी-चौड़ी दुहाई दी. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा,
‘25 करोड़ से ज़्यादा पाकिस्तानियों की रोजी-रोटी और खेती के लिए सिंधु का पानी ही इस्तेमाल होता है. ऐसी कार्रवाई साझा नदियों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों और दोनों देशों के बीच बाइलैटरल एग्रीमेंट्स का उल्लंघन होगी. पानी का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार या दबाव बनाने के तरीके के तौर पर इस्तेमाल हो, पाकिस्तान इस विचार को खारिज करता है. इससे होने वाली किसी भी अस्थिरता की जिम्मेदारी भारत की होगी.’
अंद्राबी ने आगे कहा कि इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN चार्टर के तहत डिप्लोमैटिक, राजनीतिक, कानूनी और आर्थिक माध्यमों से अपने अधिकारों की रक्षा करेगा. पाकिस्तान के अस्तित्व और विकास के लिए जरूरी पानी को रोकने के लिए अगर कार्रवाई की गई तो इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे. अंत में दोहराया कि ऐसी कोशिश ‘एक्ट ऑफ वार’ मानी जाएगी.
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सिंधु जल समझौता विवादखैर, पाकिस्तान की लगातार धमकियों के बावजूद सिंधु जल समझौता अभी भी सस्पेंडेड है. सरकार ने 2025 में इसपर प्रतिबंध लगाते हुए स्पष्ट किया था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को हथियार के रूप में इस्तेमाल करता रहेगा, तब तक ये सस्पेंडेड रहेगी.
उसके बाद भारत ने कई मौकों पर कहा है कि सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर उसका पूरा अधिकार है और इसका पानी पाकिस्तान नहीं जाने दिया जाएगा.
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