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अमेरिका ने भारत की इस कंपनी पर बैन क्यों लगा दिया?

भारतीय कंपनी के साथ दूसरे देशों की 7 और कंपनियों को भी बैन किया गया है.

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Joe Biden USA
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो- रॉयटर्स)
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साकेत आनंद
1 अक्तूबर 2022 (अपडेटेड: 1 अक्तूबर 2022, 07:32 PM IST)
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अमेरिका ने ईरान से व्यापार के कारण भारत की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी पर बैन लगा दिया है. यह पहली बार है जब अमेरिका ने ईरान पर लगाए प्रतिबंधों के कारण भारत की किसी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की है. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 30 सितंबर को एक बयान जारी किया. इसके मुताबिक, मुंबई की तिबालाजी पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड ने ईरान के लाखों डॉलर के पेट्रोलियम प्रोडक्ट को खरीदकर चीन और दूसरे देशों को बेच दिया.

चीनी कंपनियों पर भी बैन की तैयारी

अमेरिका ने भारतीय कंपनी के साथ 7 और कंपनियों को भी बैन किया है. इनमें UAE और हांग कांग की कंपनियां भी हैं. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के मुताबिक, तिबालाजी पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड ने ईरान की ब्रोकर कंपनी Triliance के लाखों डॉलर के प्रोडक्ट को खरीदा और चीन को निर्यात किया. ट्रेजरी डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ फॉरेन असेट्स कंट्रोल (OFAC) ने कंपनियों पर यह प्रतिबंध लगाया है.

Triliance ईरान की एक बिचौलिया कंपनी है जो पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेचने के लिए दूसरे देशों की कंपनियों से डील करती है. ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा है कि अमरेकी विदेश मंत्रालय चीन की दो कंपनियों झोंगू स्टोरेज एंड ट्रांसपोर्टेशन कंपनी लिमिटेड और WS शिपिंग कंपनी लिमिटेड पर भी प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. ये कंपनियां भी ईरान के पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल हैं.

2018 में US ने ईरान पर लगाया था प्रतिबंध

भारत सरकार ने अमेरिका की इस कार्रवाई पर अब कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में अमेरिका का दौरा किया था. उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सहित दूसरे मंत्रियों से भी मुलाकात की थी. 

साल 2018 में ईरान परमाणु समझौते से अलग होने के बाद अमेरिका ने कई प्रतिबंधों की घोषणा की थी. अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने वाले देशों से भी कहा कि वे ईरान से तेल आयात बंद करें. साल 2018-19 में भारत ने ईरान से 9 लाख 79 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कच्चा तेल आयात किया था. अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद मई 2019 में भारत ने ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद कर दिया.

भारत के संबंध ईरान से भी काफी अच्छे हैं. ईरान के चाबहार पोर्ट में भारत ने अरबों रुपये का निवेश किया है. इस पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों के साथ भारत का व्यापार आसान होगा. हाल में पीएम मोदी ने समरकंद में SCO समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से मुलाकात की थी.

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