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अमेरिका की 'कुछ दालों' पर भारत घटाएगा टैरिफ, US ने फैक्ट शीट में बड़ा दावा किया है

India US Trade Deal: इस फैक्ट शीट में ‘कुछ दालों’ का जिक्र इसलिए अहम है, क्योंकि भारत और अमेरिका ने 6 फरवरी को जो अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया था, उसमें कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं था.

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भारत, अमेरिका से आने वाली ‘कुछ दालों’ पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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अर्पित कटियार
11 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 11 फ़रवरी 2026, 07:57 AM IST)
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अमेरिका ने ट्रेड डील को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की है. इसमें दिखाया गया कि भारत, अमेरिका से आने वाली ‘कुछ दालों’ पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा. इस फैक्ट शीट में ‘कुछ दालों’ का जिक्र इसलिए अहम है, क्योंकि भारत और अमेरिका ने 6 फरवरी को जो अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया था, उसमें कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं था. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वाइट हाउस ने 9 फरवरी को ट्रेड डील को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की. इसमें कहा गया है कि "भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और सूखे अनाज (DDG), लाल ज्वार, मेवे, ताजे और डिब्बाबंद फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट और दूसरे प्रोडेक्ट्स समेत अमेरिकी खाद्य और कृषि वस्तुओं पर टैरिफ को खत्म या कम करेगा."

यह पैराग्राफ 6 फरवरी को दोनों देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान से बहुत अलग है, जिसमें कहा गया था, 

भारत, अमेरिका से आने वाले सभी औद्योगिक सामानों और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ हटाएगा या कम करेगा. इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और डिब्बाबंद फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं.

यह संयुक्त बयान दोनों देशों के बीच चल रही लंबी बातचीत के बाद जारी किया गया था. अभी कुछ फैसले अस्थायी तौर पर लागू होंगे, ताकि व्यापार में चल रही दिक्कतें कम हों, टैरिफ कम हो और दोनों देशों के कारोबारियों को तुरंत राहत मिले. बाद में दोनों पक्ष इस समझौते को अंतिम रूप देंगे.

8 फरवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छिलके वाले अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दालें, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी और डिब्बाबंद सब्जियां भारत में नहीं आएंगी. 

एक दिन पहले यानी 7 फरवरी को भी जब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया को संबोधित किया, तो उन्होंने उन वस्तुओं में ‘दालों’ का उल्लेख किया, जिनका अमेरिका से सालों से आयात किया जा रहा है और जिन पर टैरिफ में कटौती की जाएगी. गोयल ने कहा,

हम कुछ वस्तुओं का आयात 20 सालों से कर रहे हैं, यहां तक ​​कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में भी. पिस्ता, अखरोट, बादाम और दाल जैसी कुछ वस्तुएं सालों से [अमेरिका से भारत को] निर्यात की जा रही हैं. हमने इनमें से कुछ वस्तुओं पर बैन हटाए हैं, और कुछ जरूरी वस्तुओं पर हमने शुरू से ही छूट दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का दालों का आयात बिल तेजी से बढ़ा है. यह 46 प्रतिशत बढ़कर 5.48 अरब डॉलर हो गया, जबकि 2023-24 में यह 3.75 अरब डॉलर था. यानी एक साल में भारत ने दालों की खरीद (आयात) पर काफी ज्यादा पैसा खर्च किया.

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भारत के कुल 5.48 अरब डॉलर के दाल आयात में अमेरिका का हिस्सा बहुत कम रहा. अमेरिका से केवल 89.65 मिलियन डॉलर की दालें इम्पोर्ट की गईं. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 78 मिलियन डॉलर था. दालों की आपूर्ति के मामले में कनाडा पहले नंबर पर रहा, जहां से 466 मिलियन डॉलर की दालें आईं, जबकि ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर रहा, जहां से 328 मिलियन डॉलर का इम्पोर्ट हुआ.

वीडियो: भारत-अमेरिका के ट्रेड डील में किसानों को फायदा या नुकसान ?

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