The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • India EU FTA scott bessent suggests USA unease ted cruz leaked audio row

भारत- EU ट्रेड डील से क्यों चिढ़ा अमेरिका? यूरोप को सुनाई खरी-खोटी, ट्रंप ने रोकी India-USA डील!

USA on India-EU FTA: अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटेरी के बयान से लगता है कि अमेरिका EU और भारत के बीच होने जा रही ट्रेड डील से बिल्कुल खुश नहीं है. इस बीच एक लीक ऑडियो में दावा है कि ट्रंप ने खुद भारत-अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील रोकी थी.

Advertisement
India EU FTA scott bessent suggests USA unease ted cruz leaked audio row
US प्रेसिडेंट डॉनल्ट ड्रंप (बाएं), EU की अध्यक्ष उर्सला वॉन डर लेयेन के साथ पीएम मोदी. (Photo: File/X)
pic
सचिन कुमार पांडे
27 जनवरी 2026 (Published: 12:31 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट हो चुका है. खुद पीएम मोदी ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि 26 जनवरी को भारत और EU ने मुक्त व्यापार यानी फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए. यानी 18 साल से चल रही रही बातचीत के बाद आखिरकार डील हो ही गई. लेकिन लगता है कि अमेरिका इस डील से टेंशन में है. India-EU FTA फाइनल होने से तुरंत पहले अमेरिका ने डील को लेकर यूरोप पर हमला बोला था और खरी-खोटी सुनाई थी.

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटेरी स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा है कि यूरोप अपने खिलाफ युद्ध को खुंद फंड कर रहा है. उनका तर्क था कि यूरोप भारत से जो रिफाइन किया हुआ तेल खरीद रहा है, वह रूस से आ रहा है. इस तरह से यूरोप का दिया हुआ पैसा रूस जा रहा है और उसके खिलाफ युद्ध में इस्तेमाल हो रहा है. स्कॉट बेसेंट ने यह भी कहा कि रूसी तेल खरीदने की वजह से हमने (अमेरिका ने) भारत पर 25% टैरिफ लगाया, लेकिन यूरोप भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रहा है. इंडिया टुडे के मुताबिक बेसेंट ने एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा,

यूरोपीय सरकारें लगातार एनर्जी ट्रेड के माध्यम से अपनी सुरक्षा स्थिति को कमजोर कर रही हैं. हमने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. अंदाजा लगाइए पिछले हफ्ते क्या हुआ? यूरोपीय लोगों ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता किया. और फिर से साफ कर दूं, रूसी तेल भारत जाता है, रिफाइंड उत्पाद बाहर आते हैं, और यूरोपीय लोग रिफाइंड उत्पाद खरीदते हैं. वे खुद के खिलाफ युद्ध को फाइनेंस कर रहे हैं.

India-EU FTA से खुश नहीं है अमेरिका!

स्कॉट बेसेंट के बयान से साफ है कि अमेरिका EU और भारत के बीच होने जा रही ट्रेड डील से बिल्कुल खुश नहीं है. इसकी एक बड़ी वजह यह भी हो सकती है कि अमेरिका टैरिफ के दम पर भारत और यूरोप दोनों से अपनी शर्तें मनवाना चाहता है. लेकिन India-EU FTA से दोनों पक्षों की अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम होगी. आपस में व्यापार बढ़ेगा. अमेरिकी टैरिफ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी. इससे अमेरिका का नाखुश होना लाजमी है.

US-India ट्रेड डील किसने रोकी?

इस बीच खबर यह भी आई है कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप के आर्थिक सलाहकार पीटर नवारो ने भारत के साथ USA की ट्रेड डील नहीं होने दी. अमेरिकी मीडिया Axios की एक रिपोर्ट में रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज़ के एक कथित ऑडियो के हवाले से इसका दावा किया गया है. ऑडियो में टेड क्रूज कहते हैं कि कई बार जेडी वेंस, पीटर नवारो और यहां तक कि खुद ट्रंप ने भारत के साथ होने वाली ट्रेड डील को रोक दिया.

यह भी पढ़ें- भारत-EU की ऐतिहासिक ट्रेड डील पर लगी मुहर, पीएम मोदी ने बताया किन सेक्टर्स को मिलेगा फायदा

Axios के मुताबिक लगभग 10 मिनट की यह रिकॉर्डिंग 2025 की है और एक रिपब्लिकन सूत्र ने उसके साथ साझा की है. इसमें टेड क्रूज कुछ प्राइवेट डोनर्स से बातचीत करते हुए सुने जा रहे हैं. इसमें वह खुद को एक मुक्त-व्यापार समर्थक रिपब्लिकन के रूप में पेश कर रहे हैं. वहीं वेंस के अधिक अलगाववादी नजरिए का विरोध कर रहे हैं. कथित ऑडियो में क्रूज ट्रंप की टैरिफ आधारित ट्रेड स्ट्रैटेजी की आलोचना भी करते हुए सुनाई देते हैं. वह कहते हैं कि इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह नुकसान हो सकता है. यहां तक कि इसे महाभियोग का खतरा भी पैदा हो सकता है. फिलहाल इस कथित ऑडियो की बातचीत और रिपोर्ट पर ट्रंप प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. 

वीडियो: अमेरिका का यू-टर्न? भारत पर 50 फीसदी टैरिफ हटाने के संकेत

Advertisement

Advertisement

()