"इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की समयसीमा 15 मार्च तक बढ़ा दी गई है."ये जानकारी सुनकर वो लोग मारे खुशी के नाचने लगे होंगे, जिन्होंने 31 दिसंबर तक ITRफाइल नहीं किया या नहीं कर पाए और अब फाइन लगने का डर सता रहा है. ऐसे लोगों को हमबता दें कि सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समयसीमा 15 मार्च तक बढ़ाईजरूर है, लेकिन कुछ खास कैटेगरी के लिए ही. उन नौकरीपेशा और कमआय वर्ग के लोगों कोराहत नहीं मिली है, जिनकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन 31 दिसंबर 2021 थी.क्या है खबर?सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) की ओर से मंगलवार, 11 जनवरी को एकनोटिफिकेशन जारी किया गया. इसमें कहा गया कि कोविड और टैक्सपेयर्स की परेशानियों कोदेखते हुए असेसमेंट ईयर 2021-22 की इनकम टैक्स रिटर्न और कई तरह की ऑडिट रिपोर्टोंको भरने की समयसीमा 15 मार्च तक बढ़ा दी गई है. हालांकि इस नोटिफिकेशन के सोशलमीडिया में आने के बाद यह खबर वायरल होती दिखी कि इनकम टैक्स रिटर्न की डेडलाइन बढ़गई है. लेकिन ऐसा नहीं है. इनकम टैक्स विभाग के एक अधिकारी ने 'दी लल्लनटॉप'को बताया कि यह रिटर्न सिर्फ उन संस्थाओं या उच्च आयवर्ग के लिए है, जिन्हें रिटर्नके साथ ऑडिट रिपोर्ट भी भरनी पड़ती है. इनमें एक करोड़ से लेकर 10 करोड़ तक टर्नओवरवाले व्यापारी और कई तरह के संस्थान शामिल हैं. आम टैक्सपेयर या नौकरीपेशा लोगों केलिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन 31 दिसंबर थी. इसमें कोई विस्तार नहीं हुआहै. यानी करीब 90 फीसदी लोगों को राहत नहीं मिली है. इस वर्ग के टैक्सपेयर अगर अबरिटर्न भर रहे हैं तो उन्हें एक हजार रुपये से पांच हजार रुपये तक लेट फीस चुकानीपड़ रही है. टैक्स कंसल्टेंट सीए राकेश गुप्ता ने हमसे बातचीत में कहा, 'ऑडिट वालेइनकम टैक्सपेयर्स को 15 जनवरी तक ऑडिट रिपोर्ट और 15 फरवरी तक इनकम टैक्स रिटर्नभरनी थी. इनमें एक महीने की मोहलत मिल गई है. कोविड के चलते दिल्ली-एनसीआर मेंज्यादातर दफ्तर बंद होने के कारण और 15 को वीकेंड कर्फ्यू की वजह से इस वर्ग कीरिटर्न्स और रिपोर्ट जानी मुश्किल हो गई थीं. बेहतर होता अगर सरकार 31 दिसंबर तकरिटर्न नहीं भर पाए आम टैक्सपेयर्स को भी राहत देती.' गौरतलब है कि सैलरीड क्लास औरदूसरे छोटे आयवर्ग के लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी डेट पहले 31जुलाई 2021 थी. लेकिन कोविड संबंधी दिक्कतों के चलते इसे 31 दिसंबर तक बढ़ाना पड़ाथा. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 दिसंबर तक करीब 4.5 करोड़ टैक्स पेयर्स ने रिटर्नभर दिया था. हालांकि जानकारों का कहना है कि अब भी बड़े पैमाने पर छोटे आयकरदाताडेडलाइन चूक गए थे और अब लेटफीस के साथ रिटर्न भर रहे हैं. इनकम टैक्स एक्ट केसेक्शन 234F के तहत लेटफाइलिंग पर एक हजार से 10 हजार रुपये लेटफीस का प्रावधान है.5 लाख रुपये तक सालाना इनकम वालों को 1000 रुपये लेट फीस देनी होती है, जबकि इससेऊपर 10,000 रुपये. इस साल कोविड और दूसरी जटिलताओं के चलते सरकार ने फीस की ऊपरीसीमा घटाकर 5,000 रुपये कर दी है.