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'मुझे लंबे समय तक दबाया गया...अजित पवार मेरा विभाग तक देखते थे', विधानसभा में बोले CM शिंदे

CM एकनाथ शिंदे के पहले भाषण की बड़ी बातें

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4 जुलाई 2022 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2022, 09:08 PM IST)
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विधानसभा में बेहद भावुक हुए CM शिंदे | फोटो: आजतक
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार, 4 जुलाई को विधानसभा के सदस्यों को संबोधित किया. शिंदे ने कहा कि उन्होंने शिवसेना के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया और परिवार पर ध्यान नहीं दिया. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल और केवल पार्टी और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाना है. शिंदे ने ये भी बताया कि उन्हें लंबे समय तक दबाया गया और महाविकास अघाड़ी की सरकार में उनका मंत्रालय भी अजित पवार के ही कब्जे में था. सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने संबोधन में बाला ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस, अजीत पवार सहित कई नेताओं का नाम लिया और खुद को गद्दार बताने वालों को खरी-खरी सुनाई. आइये जानते हैं उनके भाषण की प्रमुख बातें-

1- जब मैं ठाणे में शिवसेना पार्षद के रूप में काम कर रहा था, मैंने अपने 2 बच्चों को खो दिया और सोचा कि सब कुछ खत्म हो गया है... मैं टूट गया था लेकिन आनंद दीघे साहब ने मुझे राजनीति में बने रहने के लिए मना लिया.

2- हम शिवसैनिक हैं और हमेशा बालासाहेब और आनंद दिघे के शिवसैनिक रहेंगे. उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का लगातार विरोध करने वाले लोगों के साथ हम कैसे रह सकते हैं. बालासाहब ने मुम्बई को दंगों में बचाया. ऐसी परिस्थिति में हम क्या करते. हमने बालासाहेब और दिघे साहब के हिंदुत्व और विकास का एजेंडा लिया है. अगर इनके इलाकों में विकास नहीं होगा तो हम क्या करेंगे?

3- सत्ता का फायदा शिवसैनिकों को होना चाहिए था, क्योंकि उद्धवजी मुख्यमंत्री थे, लेकिन लेकिन वो हुआ नहीं. अब मैं कहना चाहता हूं कि यह बालासाहेब की सरकार है और उनके जीवन में बदलाव लाए बिना हम नहीं रहेंगे.

4- पहले आपने हमें गद्दार कहा, पोस्टर जलाए, अब सब खत्म हुआ. हम 50 लोग हैं, हर कोई हजारों के वोट से जीता है, हर कोई समर्थ है, लेकिन हमने लड़ाई नहीं कि और ना ही कभी खून बहने देंगे और मर्यादित रहेंगे, लेकिन सहन करने की एक सीमा होती है. अब हर किसी को मैं कहता हूं कि आप मुख्यमंत्री हैं. मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं मुख्यमंत्री हूं. हमारे सारे 50 विधायक मुख्यमंत्री हैं.

5- मुझे एमवीए सरकार में सीएम बनाया जाना था, बाद में मुझे पता लगा कि अजित दादा (अजित पवार) और कुछ अन्य नेताओं ने कहा कि मुझे सीएम नहीं बनाया जाना चाहिए. लेकिन एक बार अजित पवार ने एक बैठक में कहा था कि हमारा सीएम एक्सीडेंट है. मैंने उनसे मुलाकात के बाद पूछा कि क्या उन्होंने सीएम के तौर पर मेरा विरोध किया? उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है, यह आपकी पार्टी का फैसला है. तब मुझे सीएम नहीं बनाया गया मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं हुई और मैंने उद्धवजी से कहा कि आगे बढ़ो और मैं उनके साथ हूं. उस पोस्ट पर मेरी कभी नजर नहीं पड़ी. 

6- मैं देवेंद्र फडणवीस जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे (पिछली सरकार में) मंत्री के रूप में काम करने का मौका दिया. और मैं समृद्धि महामार्ग परियोजना पर काम कर सका. उन्हें 2019 में शिवसेना को भी डिप्टी सीएम का पद देना था.

7- आज जो कुछ हुआ है वो हिंदुत्व का विचार है. अन्य धर्म का हम अनादर नहीं करेंगे, उनका सम्मान करेंगे. इस राज्य में सभी जात-पात के लोगों को लगना चाहिए कि यह हमारा राज्य है. बड़े बुजुर्ग और अनुभवी लोग हमारे साथ हैं.

8- अजित दादा आपने कहा कि हम गए हैं तो वापस जीतकर नहीं आएंगे, लेकिन मैं आपको कहता हूं कि हम हिंदुत्व के पास रहे, बाकी हिंदुत्व छोड़कर चले गए. अभी हम 165 हैं, अगली बार 200 आएंगे. हमारे 50 हैं, एक को गिरने नहीं देंगे. बीजेपी के भी विधायक हैं अगली बार 200 करेंगे. यह वादा है.

9- अजित पवार सुबह 7 बजे से आ जाते थे. मेरे विभाग का काम भी वो ही देखते थे. मैंने कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में अजित पवार ने पैरेलल नगर विकास का हेड बनाया. तब भी अजित पवार ने कहा कि आप संभालिये, मैंने तब भी कुछ नहीं कहा, आपके कुछ करने का मुझे दुख नहीं था. मुझे कभी भी निकाल सकते थे, लेकिन हम नहीं डरे. 

10- शिवसेना की भाजपा सरकार का बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हो गया है. पिछले 20 दिनों से सभी 50 विधायकों ने मुझ पर और मेरे फैसले पर विश्वास किया. मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं. मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भाषण दे रहा हूं. यह घटना ऐतिहासिक है. क्योंकि हमने गठबंधन छोड़ने का साहस किया है.

11- विधानसभा में बोलते हुए सीएम एकनाथ शिंदे ने एक बड़ी घोषणा भी की. उन्होंने कहा कि सरकार ईंधन पर मूल्य कम करेगी या वैट को कम घटाएगी, जिससे राज्य में कीमतों में प्रभावी कमी आएगी. एकनाथ शिंदे ने सदन को बताया कि डीजल-पेट्रोल पर वैट कम करने का निर्णय जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल में लिया जाएगा.

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