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रूसी सेना में जबरन धकेले गए भारतीय की मौत हुई, नाम भी सामने आया

इस मामले पर फिलहाल भारत सरकार को कोई बयान नहीं आया है. हालांकि रूस में भारतीय दूतावास ने भी इसकी पुष्टि की है.

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hyderabad man dies fighting for russia was duped on the pretext of job
दूतावास ने कहा कि वो असफान के पार्थिव शरीर को भारत भेजने का प्रयास कर रहा है. (फोटो- ट्विटर)
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प्रशांत सिंह
6 मार्च 2024 (अपडेटेड: 6 मार्च 2024, 09:26 PM IST)
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रूस गए भारतीयों को यूक्रेन के खिलाफ जंग में धकेलने की खबरों के बीच एक भारतीय नागरिक की मौत की जानकारी सामने आई है. हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद असफान की रूस में मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि असफान को नौकरी का झांसा देकर रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था. असफान की मौत कब हुई, ये अभी साफ नहीं हो पाया है.

इस मामले पर फिलहाल भारत सरकार को कोई बयान नहीं आया है. हालांकि रूस में भारतीय दूतावास ने भी इसकी पुष्टि की है. दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया,

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द हिंदू में छपी रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बताया कि भारतीय दूतावास के एक कर्मचारी ने उन्हें 6 मार्च को असफान की मौत की जानकारी दी. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि असफान की मौत कब हुई. ओवैसी असफान के भाई मोहम्मद इरफान से लगातार संपर्क में हैं.

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असफान के भाई इरफान ने दी हिंदू को जानकारी दी कि उनके भाई चेन्नई और शारजाह के रूट से मॉस्को गए थे. उन्हें ‘बाबा व्लॉग्स’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाले एक एजेंट ने वहां काम दिलाने की बात कही थी. हालांकि, एजेंट ने युद्ध में काम दिलाने जैसी कोई बात नहीं बताई थी. इरफान ने बताया,

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इरफान ने ये भी जानकारी दी कि एजेंट ने उनके परिवार को ये आश्वासन दिया था कि असफान को युद्ध नहीं लड़ना होगा.

ये भी पढ़ें: नौकरी के बहाने रूस बुलाया और यूक्रेन युद्ध में झोंक दिया, भारतीयों का वीडियो परेशान कर देगा

तेलंगाना के नारायणपेट के रहने वाले मोहम्मद सूफियान भी रूस में फंसे हुए हैं. उनके बड़े भाई, सैयद सलमान ने दी हिंदू को बताया कि सुफियान ने वहां की स्थिति को PUBG गेम की तरह बताया है. जैसे कोई रियल लाइफ में ये गेम खेल रहा हो.

21 फरवरी को द हिंदू ने एक और रिपोर्ट में एक रूसी अधिकारी के हवाले से बताया था कि पिछले साल लगभग 100 भारतीयों को रूसी सेना के हेल्पर के तौर पर रिक्रूट किया गया. रूसी रक्षा मंत्रालय के लिए काम करने वाले एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ये जानकारी दी थी. अधिकारी ने कहा था कि भर्ती किए गए लोगों से कॉन्ट्रैक्ट साइन कराने से पहले नौकरी से जुड़ी रिस्क के बारे में जानकारी दी गई थी.

इस रिपोर्ट के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वो रूसी सरकार से बात कर रही है. और फंसे लोगों को वापस लाने के लिए काम किया जा रहा है.

वीडियो: नौकरी के नाम पर भारतीयों को जंग में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहे रूस पर विदेश मंत्रालय सख्त

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