घर जाने की मारामारी में फंस गए लोग, भगदड़ में मौत भी हो गई, ये वीडियो परेशान कर देंगे
खचाखच भरी ट्रेनों में जब दरवाजे के रास्ते जाने की जगह नहीं बची तो लोग खिड़की से अंदर घुसते नजर आए.

दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ जुटी हुई है. इनमें ज्यादातर प्रवासी मजदूर हैं. हालात ये हैं कि जिन लोगों के पास कन्फर्म टिकट हैं, वो भी ट्रेन में नहीं चढ़ पा रहे. देश के अलग-अलग हिस्सों से कई वीडियो सामने आए हैं. खचाखच भरी ट्रेनों में जब दरवाजे के रास्ते जाने की जगह नहीं बची तो लोग खिड़की से अंदर घुसते नजर आए. गुजरात के सूरत स्टेशन पर तो भगदड़ मच गई. और एक व्यक्ति की जान चली गई.
11 नवंबर की सुबह सूरत से भागलपुर जाने वाली ट्रेन में घुसने की कोशिश के दौरान 36 साल के अंकित वीरेंद्र कुमार सिंह की मौत हो गई. भगदड़ में एक महिला समेत तीन लोग घायल हुए हैं.
पश्चिम रेलवे GRP अधीक्षक सरोजिनी कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि प्लेटफॉर्म पर सूरत-भागलपुर ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों की भीड़ थी. डिब्बों में घुसने की होड़ में लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे, जिससे एक की मौत हो गई और दो घायल हो गए. इन यात्रियों के पास टिकट थे. उन्होंने रेलवे अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इस तरह की भीड़भाड़ को दूर करने के लिए यात्रियों को ज्यादा वेटिंग टिकट जारी न करें.
11 नवंबर को आनंद विहार बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन जाने के लिए भी लोगों की भारी भीड़ जुटी. एक वीडियो में दिख रहा है कि आनंद विहार के ब्रिज पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची.
एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वडोदरा रेलवे स्टेशन का वीडियो शेयर किया. अंशुल शर्मा नाम के इस यूजर ने बताया कि थर्ड AC की टिकट होने के बावजूद वो ट्रेन में नहीं चढ़ सके. उन्होंने लिखा,
“मजदूरों की भीड़ ने मुझे ट्रेन से बाहर फेंक दिया. उन्होंने दरवाजे अंदर से बंद कर दिए और वो किसी को भी ट्रेन में घुसने नहीं दे रहे थे. पुलिस ने मदद करने से साफ मना कर दिया और स्थिति पर हंसने लगी.”
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी वीडियो सामने आया है, जहां भारी भीड़ दिख रही है.
रेलवे स्टेशन पर दिख रही भारी भीड़ के बीच पश्चिम रेलवे ने एक बयान में बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को देखते हुए विशेष उपाय किए गए हैं. इनमें सूरत और उधना से स्पेशन ट्रेन चलाना और सुरक्षा-भीड़ प्रबंधन के लिए सरकारी रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों को तैनात करना शामिल हैं. रेलवे ने कहा कि पश्चिम रेलवे अलग-अलग जगहों के लिए 46 जोड़ी विशेष ट्रेनें 400 फेरे लगाएंगी.
दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, मुंबई में UP-बिहार के लाखों लोग रहते हैं. UP, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कई प्रवासी मजदूर सूरत की कपड़ा और हीरा फैक्ट्रियों में भी काम करते हैं. दिवाली-छठ के मौके पर घर जाने के लिए हर साल इस तरह की समस्या सामने आती है.

