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क्या है चीन में फैल रहा HMPV Virus, जिस पर काम नहीं करते एंटीबायोटिक्स?

HMPV के इलाज के लिए कोई भी वैक्सीन या कोई एंटीवायरल नहीं है. अधिकांश लोगों को बुखार और दर्द से राहत पाने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाओं की आवश्यकता होती है.

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3 जनवरी 2025 (अपडेटेड: 3 जनवरी 2025, 11:01 PM IST)
HMPV outbreak in China Could it become the next pandemic after COVID-19 What indian govt said
HMPV संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या वायरस वाली वस्तुओं को छूने से फैलता है. (फोटो- X)
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चीन से कोविड-19 जैसा एक और स्वास्थ्य संकट पैदा होता दिख रहा है. नाम है HMPV Virus. सोशल मीडिया पर चीन से आईं कई तस्वीरों के बाद भारत में इसको लेकर चर्चा बढ़ गई है (HMPV outbreak in China). जिस वायरस की चर्चा है उसका नाम है ड्यूमन मेटान्यूमोवायरस. Fसे HMPV भी कहा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में HMPV के मामलों में कुछ तेजी देखने को मिली है. ये एक रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन है. हालांकि, चीन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर HMPV को महामारी घोषित नहीं किया है.

इस बीच भारत सरकार ने वायरस को लेकर अपडेट जारी किया है. सरकार की तरफ से क्या कहा गया है, ये जानने से पहले वायरस के बारे में जानना जरूरी है.

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस क्या है?

ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक रेस्पिरेटरी वायरस है. इसमें सामान्य सर्दी-जुकाम की तरह ही हल्का इन्फेक्शन होता है. दी हिंदू में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस वायरस को वैज्ञानिकों ने पहली बार 2001 में पहचाना था. ये वायरस न्यूमोविरिडे (Pneumoviridae) फैमिली से संबंधित है. ये वही फैमिली है जिसका हिस्सा रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV), measles और mumps भी हैं.

HMPV ऊपरी और निचले रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट दोनों में संक्रमण पैदा कर सकता है और आमतौर पर सर्दियों और शुरुआती वसंत में देखा जाता है. बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को ये इन्फेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है.

HMPV के लक्षण

इस वायरस के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही हो सकते हैं. इनमें खांसी, बहती या बंद नाक, गले में खराश, बुखार और घरघराहट शामिल हैं. ज्यादातर लोगों में ये बीमारी कुछ दिनों में अपनेआप ठीक हो जाती है. इसके लक्षण सामने आने में तीन से छह दिन का समय लग सकता है. हालांकि इन्फेक्शन बढ़ने पर कुछ लोगों में ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी जटिलताएं भी उत्पन्न होने की संभावना होती है. जिसके लिए डॉक्टर की देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है.

कैसे फैलता है HMPV?

HMPV संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या वायरस वाली वस्तुओं को छूने से फैलता है. ये खांसी, छींक, संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट संपर्क जैसे हाथ मिलाना, गले लगना, दरवाजे की कुंडी या फोन या कीबोर्ड को छूने से भी हो सकता है.

क्या कोई वैक्सीन है?

HMPV के इलाज के लिए कोई भी वैक्सीन या कोई एंटीवायरल नहीं है. अधिकांश लोगों को बुखार और दर्द से राहत पाने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाओं की आवश्यकता होती है. इस वायरल में एंटीबायोटिक्स काम नहीं करते हैं.

भारत सरकार ने क्या कहा?

भारत की डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के अधिकारी डॉक्टर अतुल गोयल ने लोगों को ना घबराने की सलाह दी है. साथ ही उन्होंने लोगों से रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के प्रति सावधानी बरतने को कहा है. डॉक्टर गोयल ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

“चीन में मेटान्यूमोवायरस के प्रकोप के बारे में खबरें चल रही हैं. मैं इस बारे में स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मेटान्यूमोवायरस किसी भी अन्य रेस्पिरेटरी वायरस की तरह है. जिससे सामान्य सर्दी-जुकाम होता है.”

डॉक्टर गोयल ने आगे कहा,

"हमने देश में सांस से जुड़ी बीमारियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया है. दिसंबर 2024 के आंकड़ों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है. हमारे किसी भी संस्थान में बड़ी संख्या में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है."

डॉक्टर गोयल ने कहा कि खांसते और छींकते समय लोग अलग-अलग रूमाल या तौलिया का प्रयोग करें. अगर सर्दी या बुखार हो तो सामान्य दवाएं लें. अधिकारी ने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर चिंतित होने की कोई बात नहीं है.

चीन में एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन में वृद्धि हुई 

बता दें कि WHO के वेस्टर्न पैसिफिक रीजन ऑफिस (WPRO) के 16-22 दिसंबर के डेटा के अनुसार चीन में एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन में वृद्धि हुई है. इसमें सीजनल इन्फ्लूएंजा, राइनोवायरस, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) और HMPV शामिल हैं. चीन की नेशनल डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एडमिनिस्ट्रेशन (NCDPA) ने निमोनिया मामलों को ट्रैक करने और प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक पायलट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है.

चीन में नए प्रोटोकॉल के तहत सभी लैब्स को इन्फेक्शन के बारे में जानकारी साझा करने को कहा गया है. हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट्स में स्थिति को गंभीर नहीं बताया गया है.

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