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अडानी के बाद हिंडनबर्ग की एक और रिपोर्ट? भारत में अब किस पर 'गाज' गिरने वाली है?

Hindenburg New Report: 10 अगस्त की सुबह को हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक पोस्ट किया जिसके बाद से हलचल शुरू हो गई. क्या लिखा अपने पोस्ट में कंपनी ने?

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10 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2024, 11:22 AM IST)
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भारत पर एक और हिंडनबर्ग रिपोर्ट (सांकेतिक फोटो)
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हिंडनबर्ग की भारत से जुड़ी एक और रिसर्च रिपोर्ट सामने आने वाली है (Hindenburg Research New Report India). ऐसा अंदेशा एक सोशल मीडिया पोस्ट से लगाया जा रहा है, जो खुद शॉर्ट सेलिंग कंपनी 'हिंडनबर्ग रिसर्च' ने एक्स पर किया है. 10 अगस्त की सुबह को 'हिंडनबर्ग रिसर्च' ने अपने एक पोस्ट में लिखा- ‘जल्द ही कुछ बड़ा आने वाला है’. आगे लिखा- ‘इंडिया’. इस पोस्ट के बाद से माना जा रहा है कि हिंडनबर्ग फिर से भारत की किसी कंपनी पर जांच रिपोर्ट पेश करने वाला है.

बीते साल अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी 'हिंडनबर्ग रिसर्च' ने अडानी समूह के खिलाफ एक रिसर्च पेपर जारी किया था. जिसके बाद अडानी समूह को काफी नुकसान झेलना पड़ा था. हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह पर अपने स्टॉक्स के प्राइस के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था. 32 हजार शब्दों की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ये समूह दशकों से शेयरों के हेरफेर और अकाउंट की धोखाधड़ी में शामिल है.

रिपोर्ट में कहा गया कि तीन साल में शेयरों की कीमतें बढ़ने से अडानी समूह के संस्थापक गौतम अडानी की संपत्ति एक अरब डॉलर बढ़कर 120 अरब डॉलर हो गई है. इस दौरान समूह की 7 कंपनियों के शेयर औसत 819 फीसदी बढ़े हैं. रिपोर्ट के निष्कर्ष में 88 प्रश्नों को शामिल किया. 

हालांकि अडानी समूह ने हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया था. उसने पूरी की पूरी रिपोर्ट को निराधार और बदनाम करने वाला बताया. 

अडानी समूह कोई पहला नहीं था जिसपर अमेरिकी फर्म ने रिपोर्ट जारी की हो. उससे पहले हिंडनबर्ग ने अमेरिका, कनाडा और चीन की करीब 18 कंपनियों को लेकर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अलग-अलग रिपोर्ट प्रकाशित की थीं. जिसके बाद शेयर बाजारों में काफी घमसान मचा था. ज्यादातर कंपनियां अमेरिका की ही थीं, जिनपर अलग-अलग आरोप लगे.

ये भी पढ़ें- अडानी ग्रुप ने एक साल में क्या-क्या किया, सबकी जांच करेगी SEBI, हिंडनबर्ग रिपोर्ट भी पढ़ेगी

हिंडनबर्ग की सबसे चर्चित रिपोर्ट अमेरिका की ऑटो सेक्टर की बड़ी कंपनी निकोला को लेकर आई थी. इस रिपोर्ट के बाद निकोला के शेयर 80 फीसदी तक टूट गए थे. निकोला को लेकर जारी रिपोर्ट में व्हिसलब्लोअर और पूर्व कर्मचारियों की मदद से कथित फर्जीवाड़े को उजागर किया गया था. निकोला के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष ट्रेवर मिल्टन ने तुरंत कंपनी से इस्तीफा दे दिया था.

वीडियो: खर्चा-पानी: अडानी-हिंडनबर्ग के मामले में कोटक महिंद्रा का नाम कहां से आया?

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