सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा वापस लेने पर पीठ थपथपाने वाली AAP सरकार की HC में खिंचाई हो गई!
हाई कोर्ट ने AAP सरकार से पूछा है कि मूसेवाला की सिक्योरिटी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक करने के पीछे क्या वजह थी.

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकारा है. हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा से संबंधित कागज़ातों को पब्लिक डोमेन में लाने पर सवाल किया है.
इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार से सवाल किया है कि किस वजह से सुरक्षा से जुड़े कागजात को सार्वजनिक किया गया. कोर्ट ने कहा कि ऐसी गंभीर जानकारियों से जुड़े कागज को सरकार पब्लिक डोमेन में क्यों लाई. हाई कोर्ट की ये टिप्पणी उस समय आई जब अकाली नेता वीर सिंह लोपोके द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई चल रही थी.
बता दें कि पंजाब की AAP सरकार ने राज्य के 400 से अधिक वीआईपी लोगों की सुरक्षा को हटा दिया था. सत्तारूढ़ दल ने इसका गुणगान करते हुए कहा था कि वो आम आदमी की सरकार चला रहा है, इसलिए वीआईपी लोगों को दी गई विशेष सुरक्षा वापस ली जा रही है. लेकिन इसके 24 घंटे बाद ही सरकार को अपने इस कदम का खामियाजा भुगतना पड़ा. रविवार 29 मई को मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्दू मूसेवाला की अज्ञात बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी. जिन लोगों से राज्य सरकार ने वीआईपी सुरक्षा वापस ली थी, उनमें सिद्धू भी शामिल थे.
विपक्ष के निशाने पर आई AAPघटना के बाद भगवंत मान सरकार पर हमला होना ही था. पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने वीआईपी लोगों की सुरक्षा वापस लिए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा,
'हम न्याय की उम्मीद कर रहे हैं. हमें पता चला है कि आईबी ने पंजाब पुलिस के साथ एक मीटिंग की थी. इसमें उन्होंने बताया था कि तीन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है. सिद्धू मूसेवाला भी उनमें से एक थे. लेकिन इसके बावजूद उनकी सिक्योरिटी हटा दी गई.'
इस बीच खबर है कि पंजाब पुलिस ने राज्य के एक और आपराधिक गैंग बुड्ढा ग्रुप के दो लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों युवकों के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं. इनमें से एक युवक मोगा जिले के भिंडर कला गांव का निवासी है. वहीं दूसरा जालंधर के शाहकोट का रहने वाला है. पुलिस ने दोनों को स्कॉर्पियो कार के साथ पकड़ा है. इलाके के एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि दोनों के खिलाफ दो-दो आपराधिक मामले दर्ज हैं.
उधर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने कोर्ट का रुख किया है. उसने अपनी अर्जी में आशंका जताई है कि पंजाब पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है. बिश्नोई को मकोका एक्ट के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद किया गया है. उसने कोर्ट में मांग की है कि उसे पंजाब पुलिस की हिरासत में न भेजा जाए. हालांकि स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि अभी किसी दूसरे राज्य की पुलिस का प्रोडक्शन वारंट कोर्ट के सामने नहीं है. ऐसे में सिर्फ एनकाउंटर की आशंका के मद्देनजर पहले से कोर्ट ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकता.
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