The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • hemant soren takes oath as jharkhand cm after bail from ed money laundering charges

फिर से झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए हेमंत सोरेन, तीसरी बार ली शपथ

बीते रोज़, 3 जुलाई को झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफ़ा सौंपा था. तबसे लगभग साफ़ ही था कि हेमंत फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे. बस तारीख़ तय नहीं हुई थी.

Advertisement
hemant soren oath jharkhand cm
झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री.
pic
सोम शेखर
4 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 4 जुलाई 2024, 06:01 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

बुधवार, 3 जुलाई को चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. फिर झारखंड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. और आज, 4 जुलाई की शाम हेमंत सोरेन ने झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली.

बीते 28 जून को झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन को एक कथित ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ज़मानत दे दी थी.

अपने समर्थकों के लिए झारखंड के नए-नवेले मुख्यमंत्री ने मेसेज दिया है. अपने आधिकारिक हैंडल पर पांच मिनट लंबा एक वीडियो पोस्ट किया. लिखा, 

Embed
Embed

दरअसल, हेमंत सोरेन के एक सहयोगी का नाम ज़मीन हड़पने वाले एक सिंडिकेट में आया था. उनपर 8.36 एकड़ ज़मीन के काग़ज़ात में हेराफेरी के भी आरोप लगे थे. इसी सिलसिले में ED ने सोरेन को दस समन भेजे थे, जिनमें से आठ का जवाब उन्होंने दिया नहीं. इसके बाद, 31 जनवरी की सुबह ED की टीम हेमंत सोरेन के रांची स्थित घर पहुंची थी. कथित ज़मीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे कई घंटों तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया.

गिरफ़्तारी से ठीक पहले उन्होंने CM पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. फिर कुछ अटकलों के बाद चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद का ज़िम्मा संभाला.  

ये भी पढ़ें - क्या है वो ज़मीन 'घोटाला', जिसमें हेमंत सोरेन अरेस्ट हुए?

सूबे में ऐसा ही माना जा रहा था कि चंपई ‘प्रॉक्सी’ मुख्यमंत्री हैं. बस तब के लिए हैं, जब तक हेमंत वापस लौट नहीं आते. पांच महीने जेल काटने के बाद हेमंत को ज़मानत मिल गई और बाहर आने के दूसरे ही दिन चंपई सोरेन ने इस्तीफ़ा दे दिया.

बुधवार, 3 जुलाई को चंपई सोरेन के रांची आवास पर सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के बीच एक मीटिंग हुई. बैठक में कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर थे. इनके अलावा हेमंत सोरेन के भाई बसंत और पत्नी कल्पना भी मौजूद थीं. इसमें ये सहमति बनी कि हेमंत सोरेन को वापस मुख्यमंत्री बन जाना चाहिए. इस्तीफ़े के बाद चंपई सोरेन ने भी पुष्टि कर दी कि हेमंत सोरेन के वापस आने के बाद गठबंधन ने ये फ़ैसला लिया.

हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि चंपई मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लिए इच्छुक नहीं थे. उनका कहना था कि राज्य में चुनाव बस कुछ ही महीने दूर हैं और उनका अचानक जाना ‘अच्छा संदेश नहीं देगा’. लेकिन हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद उनके क़रीबियों की ट्यूनिंग चंपई सोरेन के साथ बैठ नहीं पा रही थी. 

वीडियो: 'हमारे खिलाफ साजिश रची गई', हेमंत सोरेन ने जेल से निकलकर क्या-क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()