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सड़क, खेत, घर...हर जगह पानी, MP में बारिश ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पूरे भोपाल की बत्ती गुल

मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. इस बीच मदद के लिए वायुसेना को बुलाया गया है.

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23 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 23 अगस्त 2022, 04:45 PM IST)
heavy rain in bhopal madhya pradesh
भोपाल में हुई भारी बारिश की एक तस्वीर. (साभार- सोशल मीडिया)
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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में भारी बारिश (Torrential Rains) से हालात खराब होते दिख रहे हैं. कहा जा रहा है कि इससे राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है. बेतवा, बारना, अजनार समेत मध्य प्रदेश की कई नदियां उफान पर हैं. निचले इलाकों में जलभराव की खबरें आ रही हैं. राज्य के कई बड़े और जरूरी मार्ग बंद हो चुके हैं. सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात में दिक्कतें आ रही हैं. कई इलाकों का आपसी संपर्क भी टूट गया है. वहीं 22 अगस्त से राजधानी भोपाल (Bhopal) में भी हालात बहुत खराब हो गए. शहर के कई हिस्से पानी में डूबे हुए हैं, जिसके कारण यहां ज्यादातर इलाकों में बिजली गायब है.

कई जिलों में बांधों से पानी छोड़ा गया

इंडिया टुडे से जुड़े रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश के चलते उज्जैन और राजगढ़ में रेड अलर्ट जारी करना पड़ा है. वहीं ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा में ब्राउन अलर्ट जारी किया गया है. जंबल, जबलपुर और सागर में प्रशासन को येलो अलर्ट पर रहने को कहा गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, आगर मालवा जिले में भी पिछले 24 घंटों से मूसलाधार बारिश हो रही है. इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं. कुंडलिया डैम के 11 में से 10 गेट खोल दिए गए हैं. प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर जाने का रास्ता बंद हो गया है. खेतों में फसलों की जगह सिर्फ पानी दिख रहा हैं. वहीं आम लोग जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार कर रहे हैं.

उधर सीहोर जिले में भी भारी बारिश के चलते डैम लबालब हो गया है. ऐसे में कोलार डैम के 8 गेट खोले गए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कोलार नदी, कोलार नहर और कोलार बांध वाले प्रभावित इलाकों में ना जाएं. इसके अलावा नर्मदा के ओमकारेश्वर और इंदिरासागर बांध से भी पानी रिलीज किया गया है.

बचाव में उतरेगी वायुसेना

इस बीच खबर है कि मध्यप्रदेश को आने वाले बाढ़ संकट से बचाने के लिए वायुसेना अपने हेलिकॉप्टर तैनात करेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, नागपुर स्थित डिफेंस पीआरओ ने बताया कि वायुसेना अपने Mi17 V5 हेलिकॉप्टरों की सेवा विदिशा जिले के लोगों की मदद के लिए भेजेगी. बताया गया है कि मध्यप्रदेश सरकार ने इसके लिए रिक्वेस्ट की थी.

इधर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिजली के ट्रांसफार्मर्स में पानी भरने से 22 अगस्त को दिन भर शहर की बत्ती गुल रही. बताया जा रहा है कि इस दौरान भोपाल में 99 पर्सेंट पावर कट देखने को मिला. इसे लेकर विपक्ष ने शिवराज चौहान सरकार को घेरने की कोशिश की. मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा,

"बड़ी ही शर्मनाक स्थिति है कि मध्य प्रदेश की राजधानी के अधिकांश हिस्सों में रात भर से ही बिजली गायब है. भोपाल घंटों से अंधेरे में डूबा हुआ है. जनता हाहाकार कर रही है, परेशान है, सुनने वाला कोई भी नहीं है, सारे जिम्मेदार मैदान से गायब हैं, आयोजनों में व्यस्त हैं... बिजली संकट के कारण जनता को जलसंकट का सामना भी करना पड़ रहा है. अफसोस की बात है कि ये स्थिति प्रदेश की राजधानी भोपाल की है, बाक़ी प्रदेश की स्थिति खुद समझी जा सकती है. ये है भाजपा सरकार के 18 वर्ष के स्वर्णिम विकास व तमाम दावों की हकीकत."

उधर, मध्य प्रदेश सेंट्रल रीजन पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने एक बयान जारी कर बताया कि शहर में 33 किलोवाट बिजली रीस्टोर की गई है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिन कंपनी ने बताया कि 50 पर्सेंट फॉल्ट फीडर्स की रिपेयरिंग की जा चुकी है. अधिकारी बिजली सेवा जल्दी बहाल करने का काम कर रहे हैं और अगले कुछ घंटों में शहर की बिजली लौट आएगी.

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 अगस्त की सुबह हालात नियंत्रण में होने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि भोपाल, गुना, रायसेन, सागर, जबलपुर सहित राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से तमाम जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया है, फिलहाल स्थिति काबू में है. हालांकि बाद में सीएम शिवराज ने सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ एक बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी ली और जरूरी निर्देश जारी किए. इसके बाद सीएम खुद सामने आए और कहा,

"प्रदेश में बारिश ने सारे रिकोर्ड तोड़ दिए हैं. लगभग 2300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. विदिशा में 18 राहत शिविरों में 1200 लोग ठहरे हुए हैं. भोजन और आवश्यक सामाग्री के वितरण का प्रयास किया जा रहा है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

विदिशा और गुना जिले के 25 गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं. इन दोनों जिलों के गांव के लोगों को हेलिकॉप्टर के माध्यम से एयरलिफ्ट किया जाएगा. SDRF की टीमें रेस्क्यू कर रही हैं. जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने का प्रयास करेंगे."

हालांकि सब सामान्य करने की कोशिशों पर पानी भी फिर सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि अगले 24 घंटों में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं. इससे रीस्टोरेशन का काम बाधित हो सकता है. ऐसे में सरकार ने भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है.

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