The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Heated discussion over Waqf (Amendment) Bill, 2024 in Lok Sabha

"आज मुसलमान हैं, कल ईसाई, जैन को...", वक्फ बिल पर संसद में किसने क्या कहा?

Parliament Monsoon Session: Waqf (Amendment) Bill, 2024 को आज लोकसभा में पेश किया गया. इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली.

Advertisement
pic
8 अगस्त 2024 (पब्लिश्ड: 03:50 PM IST)
heated debate between government and opposition on Wakf Bill (screengrab- Sansad TV)
सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच वक्फ बिल पर जोरदार बहस. (स्क्रीनग्रैब - संसद टीवी )
Quick AI Highlights
Click here to view more

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया गया. बिल पेश होते ही विपक्ष ने इसके विरोध में हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने वक्फ बिल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये संविधान से मिले ‘धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन’ है. हालांकि उनकी आपत्ति को केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया.  

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 का विरोध करते हुए कहा, 

"यह विधेयक संविधान पर एक मौलिक हमला है. इस विधेयक के माध्यम से यह प्रावधान किया जा रहा है कि गैर-मुस्लिम भी वक्फ गवर्निंग काउंसिल के सदस्य होंगे. यह धर्म की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है. आज आप मुस्लिमों के खिलाफ जा रहे है, कल ईसाइयों और जैन के खिलाफ जाएंगे. भारत के लोग अब इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे."

इस पर पंचायती राज मंत्री और जेडीयू सांसद ललन सिंह ने बिल के समर्थन में विपक्षी सांसदों को जवाब देते हुए कहा, 

“वक्फ संशोधन बिल एक निरंकुश संस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया है. धर्म के नाम पर कोई बंटवारा नहीं हो रहा है, इसकी तुलना मंदिर से नहीं की जा सकती है. यह बिल मुसलमान विरोधी बताया जा रहा है. यह बिल्कुल गलत बात है. यहां अयोध्या मंदिर का उदाहरण दिया जा रहा है. मंदिर और संस्था में अगर आपको फर्क समझ नहीं आ रहा है, तो आप कौन सा तर्क खोज रहे हैं. यह मंदिर नहीं है. आपकी मस्जिद से छेड़छाड़ का प्रयास नहीं किया जा रहा है. यह कानून से बनी संस्था को पारदर्शी बनाने के लिए है. कोई भी संस्था निरंकुश होगी तो सरकार को कानून बनाने का पूरा अधिकार है. इसकी तुलना मंदिर से करना गलत है.”

बिल पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, 

“यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है. यह विधेयक भेदभावपूर्ण और मनमाना दोनों है. इस विधेयक को लाकर आप (केंद्र सरकार) देश को जोड़ने का नहीं बल्कि बांटने का काम कर रहे हैं. यह विधेयक इस बात का सबूत है कि आप मुसलमानों के दुश्मन हैं."

इस बहस में अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया और सवाल किया कि वक्फ बोर्ड में किसी गैर मुसलमान को शामिल करने की वजह क्या बनती है. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित करते हुए कहा,

“यह बिल बहुत सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है. ये इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि अभी-अभी ये लोग हारे  हैं. जब लोकतांत्रिक तरीके से चुने जाने की पहले से ही प्रक्रिया है, तो इसे नॉमिनेट किया जा रहा है. वहीं जो अन्य धार्मिक मसले हैं उनमें कोई गैर बिरादरी का नहीं आता है. वैसे ही वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम को शामिल करने का क्या औचित्य है? आज तो हमारे और आपके अधिकार कट कर रहे हैं. मैंने आप से कहा था कि आप लोकतंत्र के न्यायाधीश हैं और मैंने सुना है कि कुछ आपके भी अधिकार छीने जा रहे हैं. मैं इस बिल का विरोध करता हूं."

इसके बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल को लेकर उठाए गए सभी मुद्दों का एक-एक कर के जवाब दिया. उन्होंने कहा, 

"इस बिल में जो भी प्रावधान हैं, आर्टिकल 25 से लेकर 30 तक किसी रिलीजियस बॉडी का जो फ्रीडम है, उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. न ही संविधान के किसी भी अनुच्छेद का इसमें उल्लंघन किया गया है. इस विधेयक से किसी भी धार्मिक संस्था की स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा. किसी के अधिकार छीनने की बात तो भूल ही जाइए, यह विधेयक उन लोगों को अधिकार देने के लिए लाया गया है जिन्हें कभी अधिकार नहीं मिले. आज जो विधेयक लाया जा रहा है वह सच्चर समिति की रिपोर्ट (जिसमें सुधार की बात कही गई थी) पर आधारित है, जिसे कांग्रेस ने बनाया था. मुस्लिमों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है. विपक्ष सिर्फ चंद लोगों की आवाज उठा रहा है. देश में जितना भी वक्फ बोर्ड है, उस पर माफिया लोगों का कब्जा हो गया है. "

इस बिल का डीएमके, टीएमसी, शरद पवार की एनसीपी जैसी पार्टियों ने भी विरोध किया है. ताजा अपडेट ये है कि सरकार ने बिल को संसद की जॉइंट कमेटी के पास भेजने की बात कही है.

वीडियो: विनेश फोगाट अदालत पहुंचीं, सिल्वर मेडल की कितनी संभावना?

Advertisement

Advertisement

()