3 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 3 जुलाई 2024, 03:39 PM IST)
मुख्यमंत्री को सौंपी गई जांच रिपोर्ट (फोटो-आजतक)
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उत्तर प्रदेश के हाथरस में मंगलवार 2 जुलाई को सत्संग में हुए हादसे की रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को सौंप दी गई है. सिकंदरा राव तहसील के रतिभानपुर गांव में हुए इस हादसे में कम से कम 116 लोगों की मौत हो गई. बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें हाथरस और एटा के अस्पतालों में एडमिट किया गया है. सीएम योगी खबर लिखे जाने तक खुद हाथरस में मौजूद थे और राहत-बचाव कार्य की समीक्षा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल का भी दौरा किया.
#WATCH | Hathras Stampede accident | UP CM Yogi Adityanath reaches and inspects the accident spot where the stampede took place yesterday pic.twitter.com/I5hAxtP0dQ
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सिकंदराराऊ के उपजिलाधिकारी (SDM) रविंद्र कुमार, जो कि खुद सत्संग के दौरान मौके पर मौजूद थे, उन्होंने यह रिपोर्ट हाथरस के जिलाधिकारी को सौंपी और जिलाधिकारी ने इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री को सौंपा. मुख्यमंत्री ने हादसे की जांच के लिए ADG आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट तलब के आदेश दिए थे.
SDM की रिपोर्ट के मुताबिक सत्संग में 2 लाख से ज़्यादा लोगों की भीड़ आई थी. बाबा सत्संग के बाद बाहर निकला तो जनता उनके पीछे दौड़ने लगी. कुछ लोग बाबा के चरण रज की धूल उठाने के चक्कर में भाग पड़े. इस दौरान बाबा के सुरक्षाकर्मी और सेवादारों ने वहां मौजूद लोगों के साथ धक्का-मुक्की की थी जिसके चलते वहां भगदड़ मच गई और यह हादसा हो गया.
SDM ने हाथरस के DM को सौंपी अपनी रिपोर्ट में लिखा,
‘हाथरस के फुलरई गांव में भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का सत्संग मंगलवार 2 जुलाई को तय था. मैं मौके पर मौजूद था. सत्संग में दो लाख से ज़्यादा की भीड़ पहुंची थीं. नारायण साकार हरि भोले बाबा दोपहर 12.30 बजे सत्संग पांडाल में पहुंचा. कार्यक्रम एक घंटा चला. इसके बाद लगभग 01.40 बजे नारायण साकार हरि (भोले बाबा) पांडाल से निकलकर नेशनल हाईवे -91 पर एटा की ओर जाने के लिए बढ़ा. इस दौरान जिस रास्ते से भोले बाबा निकल रहा था उस रास्ते की ओर सत्संगी महिला, पुरुष, बच्चे आदि उनके दर्शन, चरण स्पर्श और चरण रज लेकर अपने माथे पर लगाने लगे. जीटी रोड के किनारे और बीच में बने डिवाइडर पर पहले से ही काफी अधिक संख्या में दर्शन के लिए लोग खड़े थे. जो डिवाइडर से कूद कर बाबा के दर्शन करने के लिए उसकी गाड़ियों के काफिले की ओर दौड़ने लगे. ऐसे में बाबा के साथ उनके निजी सुरक्षाकर्मी (ब्लैक कमांडो) और सेवादारों ने भीड़ को पीछे करने के लिए धक्का-मुक्की करना शुरू कर दिया. जिससे कुछ लोग नीचे गिर गए. लेकिन तब भी भीड़ नहीं मानी और बाबा की ओर बढ़ती रही. इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अफरातफरी की वजह से लोग इधर उधर भागने लगे. इस दौरान सत्संगी पंडाल के पास खेतों की ओर भागने लगे. लेकिन उस रास्ते पर फिसलन भरी ढलान होने की वजह से अधिकांश लोग फिसलकर गिर गए. भीड़ इतनी बेतहाशा थी कि जो लोग गिर गए थे फिर नहीं उठ सके. भीड़ उनके ऊपर से ही इधर-उधर होकर भागने लगी. जिसमें कई महिलाएं और बच्चे बुरी तरह घायल हो गए. प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने एंबुलेंस और घटनास्थल पर मौजूद अन्य साधनों के ज़रिए लोगों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया. इनमें से कई का इलाज अब भी हाथरस, अलीगढ़ समेत आसपास के अस्पतालों में चल रहा है.’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे के संबंध में एक FIR दर्ज हुई है. FIR में 'मुख्य सेवादार' देवप्रकाश मधुकर और कार्यक्रम के अन्य आयोजकों को आरोपी बनाया गया है. FIR में ‘बाबा’ का नाम नहीं है. हालांकि, समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार ने कहा है कि पुलिस बाबा की तलाश में है. फिलहाल वो फरार चल रहे हैं.
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