3 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 3 जुलाई 2024, 08:27 PM IST)
भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि. (फोटो- सोशल मीडिया)
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हाथरस हादसे पर नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' का पहला बयान सामने आया है (Bhole Baba first statement). उन्होंने हादसे में मरने वालों के प्रति संवेदना जताई है. साथ ही दावा किया है कि वह सत्संग में भगदड़ होने से बहुत पहले ही वहां से निकल चुके थे. बाबा ने लिखित बयान जारी कर ये भी बताया है कि ‘असामाजिक तत्वों’ ने भगदड़ मचाई और वो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. भोले बाबा ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एपी सिंह को अधिकारिक तौर पर अपना वकील नियुक्त किया है.
हाथरस हादसे के मृतकों की संख्या 121 हो गई है. कई लोग अब भी घायल हैं. सिकंदरा राऊ तहसील के रतिभानपुर गांव में हुए इस हादसे के संबंध में एक FIR दर्ज हुई है. इसमें 'मुख्य सेवादार' देवप्रकाश मधुकर और कार्यक्रम के अन्य आयोजकों को आरोपी बनाया गया है. FIR में बाबा का नाम नहीं है. हालांकि, समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार ने कहा है कि पुलिस बाबा की तलाश में है. फिलहाल वो फरार चल रहे हैं. और अब बाबा ने हादसे पर लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है.
बाबा ने क्या कहा? भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि ने लिखित बयान जारी कर कहा,
"मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रभु से प्रार्थना करता हूं. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील डॉ एपी सिंह को भगदड़ मचाने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है. मैं 2 जुलाई को ग्राम फुलरई, सिकंदरा राऊ, हाथरस में आयोजित सत्संग से काफी समय पहले ही निकल चुका था."
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे पर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि शुरुआत में ‘सेवादारों’ ने इस मामले को दबाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन के पहुंचने के बाद वो वहां से फरार हो गए. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. इस मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है. हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आगे की जांच की जाएगी.
#WATCH | Hathras stampede incident | "We have formed an SIT, led by ADG Agra. It has submitted a preliminary report. They have been told to investigate this deeply. There are several angles that need to be investigated...State Government has decided to have a judicial inquiry as… pic.twitter.com/rWTKTtchWs