हाथरस हादसे पर 'भोले बाबा' का बयान आ गया, किसे जिम्मेदार बताया?
Hathras Stampede के बाद पहली बार भोले बाबा की तरफ से जारी किए गए बयान में लिखा है, "मैं समागम से बहुत पहले ही निकल गया था."

हाथरस हादसे पर नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' का पहला बयान सामने आया है (Bhole Baba first statement). उन्होंने हादसे में मरने वालों के प्रति संवेदना जताई है. साथ ही दावा किया है कि वह सत्संग में भगदड़ होने से बहुत पहले ही वहां से निकल चुके थे. बाबा ने लिखित बयान जारी कर ये भी बताया है कि ‘असामाजिक तत्वों’ ने भगदड़ मचाई और वो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. भोले बाबा ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट एपी सिंह को अधिकारिक तौर पर अपना वकील नियुक्त किया है.
हाथरस हादसे के मृतकों की संख्या 121 हो गई है. कई लोग अब भी घायल हैं. सिकंदरा राऊ तहसील के रतिभानपुर गांव में हुए इस हादसे के संबंध में एक FIR दर्ज हुई है. इसमें 'मुख्य सेवादार' देवप्रकाश मधुकर और कार्यक्रम के अन्य आयोजकों को आरोपी बनाया गया है. FIR में बाबा का नाम नहीं है. हालांकि, समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए पुलिस उपाधीक्षक सुनील कुमार ने कहा है कि पुलिस बाबा की तलाश में है. फिलहाल वो फरार चल रहे हैं. और अब बाबा ने हादसे पर लिखित बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की है.
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बाबा ने क्या कहा?
भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि ने लिखित बयान जारी कर कहा,
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे पर बयान दिया था. उन्होंने कहा कि शुरुआत में ‘सेवादारों’ ने इस मामले को दबाने की कोशिश की थी, लेकिन प्रशासन के पहुंचने के बाद वो वहां से फरार हो गए. उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. इस मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया है. हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में आगे की जांच की जाएगी.
CM योगी ने कहा कि राहत और बचाव के काम के बाद आयोजकों को बुलाया जाएगा. उनसे पूछताछ की जाएगी. और फिर हादसे के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी.
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