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हाथरस हादसे को लेकर 2 और गिरफ्तारियां, अब तक कुल 11 आरोपी पकड़े गए हैं

Hathras Stampede: यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को ​​नारायण साकार हरि उर्फ ​​'भोले बाब' के एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई थी. इस हादसे में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है.

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Hathras stampede case
हाथरस में भगदड़ की घटना का मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर (तस्वीर में दायीं ओर) को बनाया गया है. (फोटो: PTI)
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सुरभि गुप्ता
8 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 8 जुलाई 2024, 03:14 PM IST)
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हाथरस हादसे के मामले में पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि के संगठन के सेवादार हैं. आजतक के अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आरोपी सत्संग में मौजूद थे और भगदड़ के दौरान फरार हो गए थे. इन 2 गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर सहित कुल 11 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. 

यूपी के हाथरस में 2 जुलाई को ​​नारायण साकार हरि उर्फ ​​'भोले बाब' के एक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मच गई थी. इस हादसे में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इस घटना के संबंध में स्थानीय सिकंदराराऊ पुलिस थाने में दर्ज FIR में सूरजपाल उर्फ ​​नारायण साकार हरि का नाम दर्ज नहीं है. 

भगदड़ की इस घटना का मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर को बनाया गया है. पुलिस के मुताबिक देवप्रकाश मधुकर ही हाथरस में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था और उसने इसके लिए चंदा जुटाया था. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में 80 हजार लोगों के शामिल होने की परमिशन ली गई थी, जबकि 2.50 लाख से अधिक लोग जुटे थे.

ये भी पढ़ें- हाथरस भगदड़: क्या सत्संग स्थल पर जहर छिड़का गया? बाबा सूरजपाल के वकील का दावा- 'सब साजिश है'

यूपी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग बनाया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज बृजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यों के दल में पूर्व IAS अधिकारी हेमंत राव और पूर्व IPS अधिकारी भावेश कुमार शामिल हैं.

ये दल शनिवार, 6 जुलाई को हाथरस पहुंचा और राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर फुलराई गांव के पास भगदड़ वाली जगह का निरीक्षण किया. न्यायिक आयोग के दल ने रविवार, 7 जुलाई को घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अलावा अधिकारियों से बात की. न्यायिक आयोग को दो महीने के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है. 

यूपी सरकार ने इस घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग के अलावा एक विशेष जांच दल (SIT) का भी गठन किया है. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आगरा जोन) अनुपम कुलश्रेष्ठ इस SIT का नेतृत्व कर रहे हैं.

(PTI इनपुट के साथ)

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