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हाथरस भगदड़: क्या सत्संग स्थल पर जहर छिड़का गया? बाबा सूरजपाल के वकील का दावा- 'सब साजिश है'

Hathras Stampede: स्वयंभू बाबा सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा' के वकील AP Singh ने बताया कि Hathras Stampede सुनियोजित साजिश थी. भगदड़ शुरू होने के बाद साज़िशकर्ता कार्यक्रम वाली जगह से भाग गए.

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8 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 08:31 AM IST)
lawyer claimed the group of conspirators fled the venue after triggering the stampede
वकील ने कहा है कि CCTV फ़ुटेज ज़ब्त की जानी चाहिए. (फ़ोटो - PTI)
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हाथरस भगदड़ (Hathras Stampede) मामले में स्वयंभू बाबा सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा' अभी भी फरार चल रहे हैं. इस बीच 'भोले बाबा' के वकील एपी सिंह (AP Singh) ने दावा किया है कि भगदड़ इसलिए हुई, क्योंकि धार्मिक आयोजन के दौरान 15-16 लोगों के एक ग्रुप ने वहां ज़हर छिड़क दिया था (Bhole Baba's lawyer AP Singh claimed that 15-16 people sprayed poison). इसीलिए वहां भगदड़ मची. वकील का दावा है कि भगदड़ शुरू होने के बाद साज़िशकर्ता कार्यक्रम वाली जगह से भाग गए. साथ ही, ये घटना सुनियोजित थी.

ये बातें एपी सिंह ने 7 जुलाई को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में की. न्यूज़ एजेंसी PTI के मुताबिक़, एपी सिंह ने बताया,

"साज़िश में 15-16 लोग शामिल थे. भगदड़ वाली जगह पर कुछ अज्ञात वाहन थे. 10-12 लोगों ने जहर छिड़का था. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिलाएं गिर रही थीं और कई की सांस फूलने से मौत हो गई. इस बीच साज़िशकर्ता मौक़े से भाग गए. SIT और SP हाथरस जांच कर रहे हैं. CCTV फ़ुटेज ज़ब्त की जानी चाहिए, ताकि उन वाहनों की पहचान की जा सके. ये सब प्लानिंग के तहत किया गया था."

एपी सिंह ने आगे बताया कि साजि़शकर्ताओं ने अपनी जेब में ज़हर के स्प्रे छिपा रखे थे. वो भागते रहे और स्प्रे छिड़कते रहे. इससे महिलाएं भागने लगीं और गिरने लगीं. इसीलिए मृत्यु का कारण सांस रुकना बताया गया है. जहरीली स्प्रे के कारण ही सांस रुकी. कई लोगों ने साज़िशकर्ताओं को गाड़ी में बैठते हुए भी देखा.

बता दें, शुरुआती जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि कार्यक्रम के आयोजकों ने 80,000 लोगों की उपस्थिति की परमिशन मांगी थी. लेकिन वहां 2.5 लाख से ज़्यादा लोग शामिल हुए थे. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि भगदड़ उस समय मची, जब बाबा के समर्थक उस रास्ते से मिट्टी इकट्ठा करने के लिए दौड़े, जिस पर बाबा चले थे. सुरक्षाकर्मियों ने इसे रोकने के लिए हस्तक्षेप किया, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई. भीड़ के बीच धक्का-मुक्की से कई लोग गिर गए और भगदड़ मच गई.

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हाल ही में भगदड़ की घटना की गहन जांच के लिए न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बृजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में 3 सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है. आयोग का मकसद अपनी जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यापकता सुनिश्चित करना बताया गया. जांच आयोग के अध्यक्ष बृजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही जनता को नोटिस जारी किया जाएगा. इस नोटिस के जरिए लोगों को बुलाया जाएगा और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे. सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी.

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