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कांग्रेस से इस्तीफा देने के पहले हार्दिक पटेल ने अपना एक ट्वीट डिलीट किया, वो देख लीजिए

पिछले महीने पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि उनकी हालत ऐसी हो गई है, जैसे नए दूल्हे की नसबंदी करा दी गई हो.

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18 मई 2022 (अपडेटेड: 18 मई 2022, 02:41 PM IST)
Hardik Patel Resignation
कांग्रेस पर बड़े आरोप लगाकर हार्दिक पटेल ने दिया इस्तीफा (फोटो- @HardikPatel_/Twitter)
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गुजरात विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हार्दिक पटेल (Hardik Patel) के इस्तीफे ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है. पिछले दो साल से वे गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष थे. एक तरफ हार्दिक पटेल ने इस्तीफा देते हुए कांग्रेस पर बड़े-बड़े आरोप लगाए. वहीं दूसरी ओर, अब कांग्रेस के कई नेताओं ने भी निशाना साधना शुरू कर दिया है. पटेल पर बीजेपी के दबाव में आने के आरोप भी लग रहे हैं.

आजतक ने सूत्रों के हवाले से ये भी बताया है कि हार्दिक पटेल अगले एक हफ्ते में बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. पिछले दिनों बीएल संतोष के साथ हार्दिक पटेल ने एक बैठक भी की थी. बताया जाता है कि हार्दिक पिछले दो महीने से बीजेपी नेताओं के संपर्क में थे. हार्दिक ने पिछले महीनों में पार्टी के प्रति कई बार खुलकर नाराजगी भी जताई थी.

"बीजेपी का दबाव है"

उनके इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेताओं ने उन्हें घेर लिया. कांग्रेस नेता अल्का लांबा ने ट्विटर पर लिखा,

"हार्दिक पटेल के पत्र को पढ़ने के बाद पार्टी का हर समर्पित कार्यकर्ता साफ महसूस कर सकता है कि हार्दिक पूरी तरह से BJP के दबाव में है. सत्ता के लालच/डर के कारण आज उन्हीं की भाषा बोल रहा है. पार्टी शीर्ष नेतृत्व को हार्दिक का इस्तीफा तुरंत स्वीकार करना चाहिए, बिना डरे आगे बढ़ना चाहिए."

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने हार्दिक पटेल पर तंज कसते हुए राहुल गांधी का एक वीडियो शेयर किया. और लिखा,

"जिन्हें 'डर' लगता है, उन्हें 'हार्दिक' आभार, जो 'सच' के साथ खड़ा है, वो विचारधारा के साथ डटा है."


वहीं दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि हार्दिक पटेल के इस्तीफे में जो लिखा हुआ है वो भाजपा के शब्द हैं और भाजपा के दबाव में ही उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि हार्दिक पटेल पहले से ही भाजपा नेताओं के संपर्क में थे.

पुराना ट्वीट वायरल

सोशल मीडिया पर कई लोग हार्दिक के एक ट्वीट के स्क्रीनशॉट को शेयर कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने आजीवन कांग्रेस में रहने की बात की थी. यह ट्वीट 10 नवंबर 2020 का है. जिसमें उन्होंने लिखा था कि "हार-जीत के कारण पाले व्यापारी बदलते हैं, विचारधारा के अनुयायी नहीं. लडूंगा, जीतूंगा और मरते दम तक कांग्रेस में रहूंगा."

Hardik Patel
10 नवंबर 2020 का ट्वीट

अब हार्दिक पटेल ने अपना ये ट्वीट डिलीट कर लिया है. लेकिन इस लिंक पर क्लिक करके वेरीफाई कर लीजिए.

हार्दिक पटेल ने अपने इस्तीफे में राम मंदिर, CAA-NRC, अनुच्छेद-370, GST जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस के स्टैंड पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि देश इन मुद्दों का समाधान चाहता था लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ विरोध जताया और बाधा बनी. पिछले सालों में BJP की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन्हें लागू किया है. माना जा रहा है कि हार्दिक पटेल बीजेपी में जाने का अप्रत्यक्ष रूप से एक संदेश दे चुके हैं.

बीजेपी नेताओं ने क्या कहा?

उधर, बीजेपी नेताओं ने हार्दिक के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को घेरने का मौका नहीं छोड़ा. राज्यसभा सांसद अनिल जैन ने कहा कि कांग्रेस युवाओं को मौका नहीं दे रही है इसलिए एक के बाद एक लोग कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं. उन्होंने कहा,

"हार्दिक पटेल को पार्टी में लेना है या नहीं लेना है, ये गुजरात बीजेपी और पार्टी नेतृत्व फैसला करेगी. हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल होते हैं तो पार्टी को इसका फायदा होगा."

वहीं बीजेपी नेता वरुण पटेल नहीं चाहते हैं कि हार्दिक पटेल बीजेपी में शामिल हों. वरुण पाटीदार आंदोलन के दौरान हार्दिक के करीबियों में एक थे. 2017 चुनाव से ठीक पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए थे. वरुण पटेल ने कहा,

"बीजेपी नेताओं ने हार्दिक पटेल के खिलाफ काफी संघर्ष किया है. इसलिए बीजेपी के ग्राउंड वर्कर्स हार्दिक पटेल के पार्टी में शामिल होने को पसंद नहीं करेंगे. उनके बीजेपी में आने से पार्टी को कोई फायदा नहीं होगा. हालांकि ये पूरा फैसला शीर्ष नेतृत्व के हाथों में है."

3 साल पहले आए थे पार्टी में

हार्दिक पटेल ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था. मार्च 2019 में आधिकारिक रूप से वे कांग्रेस में शामिल हुए थे. हालांकि वे कोर्ट केस के कारण 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाए थे. दो साल पहले उन्हें गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. माना जाता है कि शुरुआत से ही स्टेट लीडरशिप के साथ उनकी कभी नहीं बन पाई.

पिछले महीने पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी में उन्होंने यहां तक कह दिया था कि उनकी हालत ऐसी हो गई है, जैसे नए दूल्हे की नसबंदी करा दी गई हो. अब तक उन्होंने सिर्फ स्टेट लीडरशिप पर ही सवाल उठाए थे. लेकिन अब उन्होंने खुलकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और उसकी राजनीति को नकार दिया है.

वीडियो: कांग्रेस से नाराज़ हार्दिक पटेल ने जब राहुल-प्रियंका से बात की तो क्या हुआ?

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