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ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट लटक सकती है! वकील ने क्या बताया?

"कोर्ट अगर दूसरी डेट दे देती है तो और भी अच्छा होगा. कोई मिस्टेक हो या गलती हो, तो वो दिक्कत की बात होगी."

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17 मई 2022 (अपडेटेड: 18 मई 2022, 09:08 AM IST)
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ज्ञानवापी मस्जिद (फाइल फोटो बाएं) और कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ सर्वे (दाएं)
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वाराणसी (Varanasi) की ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi masjid) में हुए सर्वे की रिपोर्ट आज 17 मई को अदालत में पेश होनी है. लेकिन रिपोर्ट लटक सकती है. आजतक की खबर के मुताबिक सर्वे के सहायक वकील आयुक्त अजय सिंह ने मीडिया को ये जानकारी दी है.

अजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा है,

आज सर्वे रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं हो पाएगी, क्योंकि सैकड़ों फोटोग्राफ और कई घण्टे का वीडियो है. इसलिए पूरी रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हो पाई है. न्यायालय में अगली तारीख के लिए एप्लिकेशन देंगे, जो तारीख मिलेगी उस पर रिपोर्ट सबमिट की जाएगी.

लेकिन इस मामले में कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने कहा है कि उनकी पूरी कोशिश है कि तय समयावधि के भीतर सर्वे रिपोर्ट सबमिट कर दी जाए. उन्होंने कहा,

"सर्वे रिपोर्ट लगभग तैयार है, थोड़ी लैंग्वेज और टाइपिंग मिसटेक को चेक किया जाना है. मुझे ये उम्मीद है कि हम कोर्ट की तय सीमा 12 बजे तक पेश कर सकेंगे."

इसके अलावा विशाल सिंह ने ये भी कहा,

"कोर्ट अगर दूसरी डेट दे देती है तो और भी अच्छा होगा. कोई मिस्टेक हो या गलती हो, तो वो दिक्कत की बात होगी."

गुरुवार, 12 मई को बनारस के सिविल कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे 17 मई से पहले पूरा लेने का आदेश दिया था. इसके बाद तीन दिनों तक मस्जिद का सर्वे और वीडियोग्राफ़ी हुई.

क्या है मस्जिद मंदिर का मामला?

ज्ञानवापी मस्जिद वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर से बिल्कुल सटी हुई है. दावा किया जा रहा है कि प्राचीन विश्वेश्वर मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर ये मस्जिद बनाई गई है. मंदिर बनाम मस्जिद का ये मामला तो 1991 से अदालत में है. लेकिन मां श्रृंगार गौरी का मामला महज 7-8 महीने पुराना है.

18 अगस्त, 2021 को 5 महिलाओं ने वाराणसी की एक अदालत में याचिका दायर कर मां श्रृंगार गौरी के साथ-साथ दूसरे हिंदू देवी देवताओं की निर्बाध दैनिक पूजा-अर्चना की मांग की थी. कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए श्रृंगार गौरी मंदिर की मौजूदा स्थिति को जानने के लिए एक कमीशन का गठन किया. कोर्ट ने सर्वे कमीशन से कहा कि वो ज्ञानवापी परिसर में सर्वे करें और सर्वे रिपोर्ट की डेडलाइन 17 मई निर्धारित की गई.

क्या मिला सर्वे में?

इसको लेकर अलग-अलग दावे हैं. पक्की बात सर्वे कमीशन की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चल सकेगी. क्योंकि सर्वे के लिए मस्जिद के भीतर गई टीम के पास मोबाइल या संपर्क के दूसरे साधन नहीं थे. लेकिन दावे हैं कि मस्जिद के वजूखाने के बीचोबीच एक पत्थर है, जिसे हिंदू पक्ष ने कहा कि वो शिवलिंग है.

वीडियो देखें | ज्ञानवापी को लेकर वकील विष्णु जैन ने बताया कि वजूखाने में क्या-क्या दिखा?

ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे पर वकील वकील विष्णु जैन ने बताया वजूखाने में क्‍या-क्‍या दिखा?

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