राम रहीम के साथ जेल में ऐसा क्या हुआ कि मंत्री भी नहीं पहचान पाए?
पर उसके भक्तों ने जो किया वो चौंकाने वाला है.
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राम रहीम की शक्ल सूरत अब बदल गई है.
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मई के आखिरी हफ्ते में हरियाणा के जेल मंत्री कृष्णलाल पंवार सुनारिया जेल का जायजा लेने गए थे. वो जेल का चक्कर लगा रहे थे. अचानक एक बैरक से आगे निकले तो जेलर से पूछा - राम रहीम भी तो यहीं बंद है. जेलर ने बताया कि पिछली सेल में जो बुड्ढा बंद था वो राम रहीम ही है. मंत्रीजी पलटे और जाकर गुरमीत राम रहीम को देखा. लंबे काले बाल और दाढ़ी रखने वाला राम रहीम अब पहचान में नहीं आ रहा था. बाल सफेद हो गए हैं. चेहरे पर झुर्रियां पड़ गई हैं. उम्र का पूरा असर गुरमीत पर दिखने लगा है. जेल का खाना पूरा असर दिखा रहा है. पहले वो अपने बालों को कलर करता था, पर जेल में तो ऐसी कोई सुविधा मिलनी नहीं. यही वजह थी कि उस बैरक से सामने से गुजरने के बावजूद हरियाणा के जेल मंत्री कृष्णलाल पवार उसे पहचान नहीं सके. खैर जेलर ने बताया तो मंत्री राम रहीम से मिले. राम रहीम ने मां की तबियत खराब होने की बात कहकर पैरोल की मांग की. इस पर मंत्री जी कुछ नहीं बोले.

20 साल की सजा काट रहा है राम रहीम. (प्रतीकात्मक फोटो)
मंत्री जी का किस्सा तो कुछ दिन पहले का है. ताजा मामला उसके भक्तों से जुड़ा है. 24 जून को पुलिस ने सुनारिया जेल के बाहर से नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग सिरसा से आए थे. गिरफ्तारी इसलिए की गई क्योंकि पहले ये सभी सुनारिया जेल के बाहर हाथ जोड़े खड़े थे. फिर गाड़ी में सवार होकर जेल के पास प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंच गए. वहां लगे नाके पर पुलिस ने इन लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया. इनकी गाड़ी को भी जब्त कर लिया और इनसे पूछताछ की जा रही है.

रोज ऐसे भक्त आकर जेल के बाहर हाथ जोड़ते हैं.
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहा गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में सजा काट रहा है. उसे 20 साल की जेल हुई है और वो रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. उसको सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा में उसके समर्थकों ने बड़े स्तर पर हिंसा की थी, जिसमें 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे. पर उसकी सारी काली करतूतों के सामने आने के बाद भी उसके अनुयायियों में कमी नहीं आई है.

सुनरिया जेल में राम रहीम को किसी से मिलने की परमिशन नहीं है.
अकसर आते हैं भक्त
स्थानीय पुलिस वालों ने बताया कि गुरमीत के जेल में बंद होने के बाद से ही सुनारिया जेल के आसपास उसके अनुयायी यहां आते हैं. किसी को अंदर जाने की परमिशन नहीं है, इसलिए बाहर ही हाथ जोड़कर खड़े हो जाते हैं. किसी ने सुनारिया जेल की तरफ लगे बोर्ड पर भी एमएसजी लिख दिया है जो गुरमीत का निकनेम था. ये लोग जेल से करीब एक किलोमीटर दूर खड़े होते हैं. ऐसे में पुलिस सिर्फ खड़ा होने के लिए कुछ बोल नहीं सकती. सोशल मीडिया पर भी ऐसे लोगों की फोटो खूब वायरल हो रही हैं.
ऐसा ही जोधपुर जेल में बंद आसाराम के भक्त करते थे. जब आसाराम को जेल से सुनवाई के लिए ले जाया जाता था तो उसके भक्त दर्शन के लिए इकट्ठे हो जाते थे. ये तो कुछ भी नहीं आसाराम के जाने के बाद उसके 'चरणों की धूल' ये भक्त अपने साथ ले जाते थे.
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20 साल की सजा काट रहा है राम रहीम. (प्रतीकात्मक फोटो)
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रोज ऐसे भक्त आकर जेल के बाहर हाथ जोड़ते हैं.
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहा गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में सजा काट रहा है. उसे 20 साल की जेल हुई है और वो रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. उसको सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा में उसके समर्थकों ने बड़े स्तर पर हिंसा की थी, जिसमें 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे. पर उसकी सारी काली करतूतों के सामने आने के बाद भी उसके अनुयायियों में कमी नहीं आई है.

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ऐसा ही जोधपुर जेल में बंद आसाराम के भक्त करते थे. जब आसाराम को जेल से सुनवाई के लिए ले जाया जाता था तो उसके भक्त दर्शन के लिए इकट्ठे हो जाते थे. ये तो कुछ भी नहीं आसाराम के जाने के बाद उसके 'चरणों की धूल' ये भक्त अपने साथ ले जाते थे.
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