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गुजरात में एक और स्कैम, फर्जी नर्सिंग इंस्टीट्यूट के जरिए स्टूडेंट्स से लाखों ठगे, फिर ऐसे खुली पोल

Gujarat fake nursing institute: गुजरात के नर्मदा जिले में धड़ल्ले से चल रहे एक फर्जी नर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया. इंस्टीट्यूट के छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें सर्टिफिकेट नहीं दिया गया.

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1 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 1 दिसंबर 2024, 03:56 PM IST)
Fake nursing institute was running indiscriminately in Gujarat, huge fees were collected from students,
गुजरात में फर्जी नर्सिंग इंस्टीट्यूट का हुआ भंडाफोड़ (Photo Credit: Aaj Tak)
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गुजरात के नर्मदा जिले में धड़ल्ले से चल रहे एक फर्जी नर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (Gujarat Nursing Training Institute Scam) का भंडाफोड़ उस वक्त हुआ, जब मोटी फीस वसूलने के बाद भी इंस्टीट्यूट ने अपने छात्रों को सर्टिफिकेट नहीं दिया. छात्रों ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि एडमिशन लेने से पहले उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि इंस्टीट्यूट बेंगलुरु के एक कॉलेज से एफिलिएटेड है. फिलहाल, पुलिस ने इंस्टीट्यूट के मालिक डॉक्टर अनिल गोहिल को गिरफ्तार कर लिया है.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, एक छात्र ने पुलिस को बताया कि साल 2021 में 12वीं क्लास के दौरान ‘मां कमल फाउंडेशन’ के कुछ अधिकारी उनके स्कूल आए थे और उन्होंने नर्सिंग से जुड़े कोर्सेज के पर्चे बांटे थे. इस दौरान स्टूडेंट्स को बताया गया कि इंस्टीट्यूट में तीन साल का नर्सिंग कोर्स कराया जा रहा है, जिसके लिए आपको 1.65 लाख रुपये की फीस भरनी पड़ेगी. कोर्स खत्म होने के बाद नर्सिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा और उसके आधार पर निजी अस्पताल में नौकरी भी मिलेगी.

इसी जानकारी के आधार पर 12वीं के बाद कई स्टूडेंट्स ने ‘मां कमल फाउंडेशन’ में दाखिला लिया था. स्टूडेंट्स से एक ही किश्त में फीस का पूरा खर्चा वसूला गया. उसके बाद उन्हें नर्सिंग और मिडवाइफरी (प्रसूति विद्या) जैसे कोर्सेज में दाखिला दिया गया और तीन साल बाद कोर्स पूरा होने पर सर्टिफिकेट दिए जाने का आश्वासन दिया गया. 

इंस्टीट्यूट ने दावा किया था कि एग्जाम बेंगलुरु में होंगें. स्टूडेंट्स के शक की सुई इंस्टीट्यूट पर जाकर तब घूमी, जब उन्हें बेंगलुरु तो ले जाया गया लेकिन उन्हें एग्जाम में बैठने की परमिशन नहीं मिली. इसके बाद इंस्टीट्यूट से छात्रों ने सर्टिफिकेट मांगा तो इंस्टीट्यूट आना-कानी करने लगा. छात्रों ने गुस्से में आकर इंस्टीट्यूट के मालिक डॉ. गोहिल और अन्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस जांच में पता चला कि संस्थान बिना किसी मान्यता और संबद्धता के चल रहा था. जबकि स्टूडेंट्स को बताया गया था कि इंस्टीट्यूट बेंगलुरु के एक कॉलेज से एफिलिएटेड है. नर्मदा जिले के DSP संजय शर्मा ने बताया-

“जिले के SP ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की है और छात्रों से पूछताछ की गई है. 77 से अधिक छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं. डॉ. अनिल गोहिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है.”

फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.

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