पुलिसवालों की वर्दी फाड़ने, सिर फोड़ने, जिंदा जलाने की कोशिश के आरोप में महंत समेत 17 गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों से कथित बदसलूकी और हिंसा का ये हैरतअंगेज मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सामने आया.

गाजियाबाद में एक महंत और उनके कुछ समर्थकों पर पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश का आरोप लगा है. मामला गाजियाबाद के हिंडन विहार इलाके का है. बुधवार 10 अगस्त की रात बालाजी धाम मंदिर के महंत मछेन्द्रनाथ पुरी और उनके समर्थक नंदग्राम थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. वे मारपीट के एक मामले में इमरान नाम के शख्स की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. इसी पर झड़प हुई और प्रदर्शनकारी पुलिसवालों से ही भिड़ गए. गाजियाबाद पुलिस ने इसके बाद महंत मछेन्द्रनाथ सहित 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
आजतक से जुड़े तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक, महंत और उनके समर्थक पुलिस पर घूस लेकर आरोपियों को बचाने की शिकायत कर रहे थे. महंत मछेन्द्रनाथ का एक वीडियो भी सामने आया था जिसमें उन्होंने पुलिस पर 'दूसरे समुदाय के लोगों से मिले होने' के आरोप लगाए थे और 14 अगस्त को नंदग्राम थाने का घेराव करने की धमकी दी थी. लेकिन 10 अगस्त की रात ही वे अपने समर्थकों के साथ नंदग्राम थाने पहुंच गए. पुलिस के समझाने और दबाव डालने के बाद वे वहां से हट गए.
पुलिसवालों के सिर फोड़ने का आरोपरिपोर्ट के अनुसार, थाने से वापस आने के बाद वे सभी बालाजी धाम मंदिर के बाहर प्रदर्शन करने लगे. महंत पर आरोप लगा है कि उन्होंने खुद कुछ पुलिसवालों पर डीजल डाल दिया और माचिस जलाने लगे. वो कुछ बड़ा करते उससे पहले वहां मौजूद पुलिसवालों ने महंत के पास से माचिस छीन ली. इसके बाद महंत नदी में कूदने की धमकी देकर वहां से जाने लगे. जब पुलिसवालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो महंत के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया.
आरोप है कि महंत के समर्थकों ने थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार और दूसरे पुलिसवालों की वर्दी फाड़ दी. तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल संजय पुडीर और कॉन्स्टेबल आयुश महामुनी के सिर फोड़ दिए गए. दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इसके बाद महंत और उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया. पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और वर्दी फाड़ने के आरोप में महंत समेत 17 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
यति नरसिंहानंद ने गिरफ्तारी का किया विरोधइस मामले में गाजियाबाद के एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि नंदग्राम थाने पर महंत मछेन्द्रनाथ और उनके समर्थक अनावश्यक रूप से दबाव बना रहे थे. उन्होंने कहा कि उस मामले में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है. महंत और उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ बदसलूकी की. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मारपीट के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था.
वहीं गाजियाबाद डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी पर विरोध जताया है. उन्होंने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि महंत मछेन्द्र पुरी को झूठे केस में फंसाया जा रहा है और वे इसके खिलाफ अंतिम सांस तक विरोध करेंगे.
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