गंभीर ने कोहली की इस इनिंग को बताया बेस्ट, कोच बनने की असली वजह का खुलासा किया
Virat Kohli और Gautam Gambhir ने इंटरव्यू में एक दूसरे के करियर के कुछ यादगार लम्हों को याद किया. साथ ही दोनों ने क्रिकेट से जुड़े कई और टॉपिक्स पर भी बात की.
.webp?width=210)
विराट कोहली (Virat Kohli) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का पूरा इंटरव्यू सामने आ चुका है. जिसमें दोनों ने एक-दूसरे के साथ कई चीजों को लेकर बात की है. 19 मिनट के वीडियो इंटरव्यू (Gambhir Kohli interview) में गंभीर और कोहली ने एक दूसरे के करियर के कुछ यादगार लम्हों को याद किया. साथ ही दोनों ने क्रिकेट से जुड़े कई और टॉपिक्स पर भी बात की.
BCCI की तरफ से शेयर किए गए इंटरव्यू की शुरुआत वर्ल्ड कप 2011 फाइनल्स में मिली जीत के सेलिब्रेशन वीडियो से हुई. इस इंटरव्यू के दौरान गंभीर ने कोहली की पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई 183 रन की पारी को काफी सराहा है. गंभीर ने इसे किसी भी इंडियन क्रिकेटर की तरफ से खेली गई सबसे बेहतरीन वनडे इनिंग बताया है.
गंभीर ने कहा,
“मैंने आपको इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करते देखा है. फिर साउथ अफ्रीका में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुश्किल विकेट पर आपने वो कमाल की पारी खेली. लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में खेली गई 183 रन की पारी किसी भी इंडियन बैटर की तरफ से खेली गई बेस्ट वनडे इनिंग है.”
गंभीर ने आगे कहा,
“आप यहां बैठे हैं, इसलिए ऐसा नहीं कह रहा हूं. मैं इसे बेस्ट इनिंग इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि जिस तरह की टीम, जिस तरह की बॉलिंग, जिस तरह की कंडीशन में 300 से ज्यादा रन का टारगेट चेज करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ऐसी पारी खेलना, वो वाकई में काफी स्पेशल था. इसलिए मेरे हिसाब से वो बेस्ट वनडे इनिंग है.”
ये भी पढ़ें: गंभीर-कोहली का धमाकेदार इंटरव्यू, दोनों में कौन ज्यादा लड़ता है, खुद ही बता दिया
अब गंभीर ने जिस इनिंग का जिक्र किया, उसके बारे में जान लेते हैं. दरअसल, एशिया कप 2012 के मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 6 विकेट खोकर 329 रन बनाए थे. पाकिस्तान की तरफ से दोनों ओपनर्स मोहम्मद हफीज और नासिर जमशेद ने शतक लगाया था. चेज के दौरान गंभीर पहली बॉल पर बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद क्रीज पर आए कोहली ने पहले सचिन तेंडुलकर और फिर रोहित शर्मा के साथ शानदार पार्टनरशिप की और टीम इंडिया को 13 गेंद रहते ही 6 विकेट से जीत दिलवाने में अहम भूमिका निभाई. कोहली ने 183 जबकि सचिन ने 52 और रोहित ने 68 रन की पारियां खेली थीं.
कोच बनने का नहीं सोचा थाइस बातचीत के दौरान कोहली ने गंभीर से पूछा कि क्या कभी उन्होंने कोच बनने का सोचा था. इसके जवाब में इंडियन कोच ने कहा,
“मैंने कभी भी इसके बारे में नहीं सोचा था. कुछ महीनों पहले तक भी मैं इसके बारे में नहीं सोच रहा था. लेकिन फिर से उस ड्रेसिंग रूम में वापस आना, जहां आपने काफी समय बिताया है, जहां आपने काफी स्पेशल चीजें की है. जहां आपलोगों के साथ कई यादगार लम्हे बिताए हैं. अब चैंपियंस ट्रॉफी आने वाली है. फिर T20 वर्ल्ड कप और ODI वर्ल्ड कप. ऐसे में आप अपने आप को चैंलेज करते हैं. मुझे लगा कि मैं इसमें योगदान कर सकता हूं. यही मेरे हेड कोच बनने के पीछे ये बड़ा कारण रहा है.”
इस बातचीत के दौरान गंभीर ने कोहली की कप्तानी की भी काफी तारीफ की है.
वीडियो: पहले टेस्ट में बांग्लादेश को पस्त करने के लिए गौतम गंभीर की ये तरकीब

