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गैंगस्टर विनोद उपाध्याय की पुलिस एनकाउंटर में मौत, यूपी का मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर था विनोद

गैंगस्टर Vinod Upadhyay ने 2005 में एक थप्पड़ मारे जाने पर हत्या कर दी थी. उसपर 35 मुकदमे दर्ज थे लेकिन किसी में भी सजा नहीं मिली थी.

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रवि सुमन
| संतोष शर्मा
5 जनवरी 2024 (पब्लिश्ड: 11:01 AM IST)
gangster vinod upadhyay
STF एनकाउंटर में गैंगस्टर विनोद उपाध्याय की मौत हो गई है. (तस्वीर साभार: इंडिया टुडे)
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गोरखपुर के गैंगस्टर विनोद उपाध्याय (Vinod Upadhyay) को उत्तर प्रदेश STF ने सुल्तानपुर में हुए एनकाउंटर में मार दिया है. गोरखपुर पुलिस ने उपाध्याय पर 1 लाख का इनाम रखा था. उस पर 35 मुकदमे दर्ज थे. STF प्रमुख अमिताभ यश ने एनकाउंटर की पुष्टि की है.

इंडिया टुडे से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, STF मुख्यालय के डिप्‍टी SP दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व वाली टीम के साथ उपाध्याय का एनकाउंटर हुआ. एनकाउंटर 5 जनवरी की सुबह 3:30 बजे हुआ. उपाध्याय काफी समय से फरार चल रहा था. मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर STF की टीम उसे पकड़ने निकली थी. टीम ने जब उसे घेरा तो उपाध्याय ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाब में STF टीम की तरफ से भी गोली चली. इसमें गैंगस्टर उपाध्याय को गोली लग गई. STF उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गई. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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कौन है Vinod Upadhyay?

अपराध की दुनिया का बड़ा नाम रहा था, गैंगस्टर विनोद उपाध्याय. पहले उस पर 50 हजार का इनाम रखा गया था. बाद में इसे बढ़ा कर 1 लाख कर दिया गया. उपाध्याय पर संगठित गिरोह बनाकर जनपद गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर, लखनऊ में कई सनसनीखेज हत्या की वारदातों को अंजाम देने का आरोप था. इसके अलावा उस पर अपहरण और फिरौती जैसी घटनाओं को भी अंजाम देने का आरोप था. उस पर 35 मुकदमे दर्ज थे लेकिन किसी में भी सजा नहीं मिली थी.

वह अयोध्या जिले के पुरवा का रहने वाला था. उपाध्याय योगी सरकार की तरफ जारी की गई 61 वांटेड माफियाओं की लिस्ट में शामिल था. उसने साल 2007 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गया था. 

एक थप्पड़ पर हत्या

2004 में विनोद उपाध्याय ने एक थप्पड़ मारे जाने पर हत्या कर दी थी. हुआ यूं कि जेल में बंद जीतनारायण मिश्र नाम के एक अपराधी ने किसी विवाद पर उसे थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के एक साल बाद जब जीतनारायण मिश्र जेल से बाहर आया तो विनोद उपाध्याय ने संतकबीर नगर बखीरा के पास उसकी हत्या कर दी थी. जिसके बाद वो सुर्खियों में आ गया था.

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