'हां, मेरे ही गैंग ने मारा मूसेवाला को', लॉरेंस विश्नोई ने पुलिस के सामने कबूला!
"विक्की मिद्दूखेड़ा कॉलेज से ही मेरा भाई था, सिद्धू मूसेवाला ने मरवाया था उसे"

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (Sidhu moose wala murder) में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है. सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की पूछताछ में लॉरेंस बिश्नोई ने कबूल किया कि उसके ही गैंग ने मूसेवाला की हत्या की है.
आजतक के तनसीम हैदर के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई ने पूछताछ के दौरान कहा,
'हां, हमारे गैंग मेंबर ने सिद्धू मूसेवाला को मरवाया है. कॉलेज के वक्त से विक्की मिददुखेड़ा मेरा बड़ा भाई था, हमारे ग्रुप ने ही उसकी मौत का बदला मूसेवाला को मारकर लिया है.'
हालांकि, दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने ये भी कहा,
'मूसेवाला को मारा मेरे गैंग ने ही है, लेकिन ये काम इस बार मेरा नहीं है, क्योंकि मैं जेल में लगातार बंद था और फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा था, मुझे तो खुद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बारे में तिहाड़ जेल में टीवी देखकर पता चला था. हालांकि, मैं कबूल करता हूं कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हमारे गैंग का हाथ है.'
तनसीम हैदर के मुताबिक लॉरेंस ने यह भी कबूल किया है कि पंजाब का एक मशहूर सिंगर भी उसका भाई है. सुरक्षा कारणों से इसे उजागर नहीं किया जा रहा है.
गोल्डी बराड़ ने पहले ही हत्या की जिम्मेदारी ले ली थीलॉरेंस बिश्नोई के इस कबूलनामे से पहले ही उसके दोस्त और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ले ली थी. इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई के एक और सदस्य सचिन बिश्नोई ने भी कहा था कि वह खुद सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल था. सचिन ने न्यूज़-18 के पत्रकार आनंद तिवारी को फोन पर बताया कि सिद्धू मूसेवाला को उसने इस इसलिए मारा क्योंकि मूसेवाला ने ही गोल्डी बराड़ के भाई गुरलाल बराड़ और विक्की मिद्दूखेड़ा की हत्या करवाई थी.
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच कहां तक पहुंची?मूसेवाला हत्याकांड की जांच के लिए पंजाब सरकार ने SIT बनाई है. SIT की टीम ने पिछले 4 दिनों में करीब 5 गैंगस्टर्स को पकड़ा है. बताया जाता है कि ये सभी हत्या से पहले गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई के सम्पर्क में थे. पुलिस ने बठिंडा जेल से मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू, फिरोजपुर जेल से शरद और देहरादून की जेल से गैंगस्टर मनप्रीत उर्फ सुखपाल और अमृतसर जेल से सराज सिंह को गिरफ्तार किया था. बताते हैं कि इन्होंने ही हमलावरों के लिए गाड़ियां की व्यवस्था करवाई थी. सराज सिंह के लिए तो ये भी कहा जा रहा है कि इसके इशारे पर ही हत्याकांड में कुछ छात्रों को शामिल किया गया था.
इन सभी पूछताछ के दौरान ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल कारें भी पंजाब पुलिस ने बरामद कर ली हैं. इसके अलावा उत्तराखंड से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर हथियार सप्लाई करने का आरोप है. पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है.
वीडियो देखें - सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर गोल्डी बराड़ ने क्या बताया?

