The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Former Punjab CM Parkash Singh Badal passes away at 95 Shiromani Akali dal

पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का निधन

सांस लेने की समस्या के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

Advertisement
Prakash singh Badal death
प्रकाश सिंह बादल (फोटो- इंडिया टुडे)
pic
साकेत आनंद
25 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 25 अप्रैल 2023, 10:03 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया है. वे 95 वर्ष के थे. सांस लेने की समस्या के कारण उन्हें 16 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. एक दिन पहले अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया था कि वे ICU में थे. प्रकाश सिंह बादल रिकॉर्ड 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे. गैस्ट्राइटिस और सांस लेने में परेशानी के कारण बादल को पिछले साल जून में भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

बताया जा रहा है कि प्रकाश सिंह बादल का शव 26 अप्रैल की सुबह मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल से बठिंडा के बादल गांव लाया जाएगा. मोहाली से लेकर बठिंडा तक बादल की अंतिम यात्रा निकाली जाएगी.

प्रकाश सिंह बादल का राजनीतिक सफर

उम्र में 90 पार होने के बावजूद प्रकाश सिंह बादल राजनीति में सक्रिय थे. पिछले साल पंजाब विधानसभा चुनाव भी लड़े, हालांकि वे अपनी परंपरागत लांबी सीट से हार गए थे. बादल लगातार 25 साल तक (1997 से) इस सीट से विधायक रहे. प्रकाश सिंह बादल अब भी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संरक्षक थे.

‘सीनियर बादल’ के नाम से चर्चित प्रकाश सिंह बादल ने महज 20 साल की उम्र में सरपंच का चुनाव जीतकर पहली बार राजनीति में कदम रखा था. तब साल था 1947. 1957 में वे पहली बार विधायक बने थे. प्रकाश सिंह बादल ने 10 बार विधानसभा चुनाव जीता था.

बादल 1970 में जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तो वह देश में सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री थे. उस वक्त उनकी उम्र 43 साल की थी. वहीं, साल 2012 में जब वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने तो वह देश के सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री थे. पिछले विधानसभा चुनाव में प्रकाश सिंह बादल सबसे उम्रदराज प्रत्याशी थे.

जब बादल ने पद्म विभूषण लौटा दिया

बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने प्रकाश सिंह बादल को 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था. तब अकाली दल भी एनडीए की सहयोगी थी. लेकिन 2020 में केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों का अकाली दल ने जोरदार विरोध किया था. 26 सितंबर 2020 को पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने एनडीए से अलग होने का ऐलान किया था. बाद में प्रकाश सिंह बादल ने इसी मुद्दे पर अपना पद्म विभूषण भी लौटा दिया था.

कभी पीएम मोदी ने कहा था 'नेल्सन मंडेला'

प्रकाश सिंह बादल को एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'भारत का नेल्सन मंडेला' कहा था. बात थी 11 अक्टूबर, 2015 की. दिल्ली में जयप्रकाश नारायण की 113वीं जयंती के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहीं पर पीएम मोदी और प्रकाश सिंह बादल भी मौजूद थे. पीएम ने तब कहा था, 

Image embed

पीएम मोदी का इशारा उस वक्त कांग्रेस की तरफ था, जो ठीक एक साल पहले तक यानी 2014 तक सत्ता में थी.

वीडियो: अकाली दल के सांसद सिमरनजीत सिंह ने क्यों कहा- '15 अगस्त पर तिरंगा नहीं, सिख झंडा फहराएं'

Advertisement

Advertisement

()