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FBI की वॉन्टेड लिस्ट में आया कल्पेश कुमार, गिरोह बनाया फिर सैकड़ों लोगों से ठगे लाखों डॉलर

कल्पेश कुमार रासिकभाई पटेल पर आरोप है क‍ि उसने एक ऑर्गनाइज्ड कॉल-फ्रॉड नेटवर्क के जरिए अमेरिका में बड़े पैमाने पर ठगी को अंजाम दिया. FBI के मुताबिक, ये नेटवर्क 2017 से 2021 के बीच सक्रिय रहा और इस दौरान दर्जनों लोगों को निशाना बनाकर लाखों डॉलर की ठगी की गई.

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19 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 12:12 PM IST)
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FBI ने एक भारतीय नागर‍िक को अपनी वॉन्टेड ल‍िस्ट में शामिल किया है (PHOTO-FBI)
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अमेरिका की टॉप जांच एजेंसी FBI ने एक भारतीय नागर‍िक को अपनी वॉन्टेड ल‍िस्ट में शामिल किया है. इस शख्स पर आरोप है क‍ि उसने एक ऑर्गनाइज्ड कॉल-फ्रॉड नेटवर्क के जरिए अमेरिका में बड़े पैमाने पर ठगी को अंजाम दिया. FBI के मुताबिक, ये नेटवर्क 2017 से 2021 के बीच सक्रिय रहा और इस दौरान दर्जनों लोगों को निशाना बनाकर लाखों डॉलर की ठगी की गई. 

FBI के मुताब‍िक, इस शख्स का नाम कल्पेश कुमार रासिकभाई पटेल है. ये गुजरात का रहने वाला है. FBI ने बताया क‍ि ये गिरोह लोगों को डराकर काम करता था. पटेल और उसके सहयोगी खुद को अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे. वे पीड़ितों से कहते थे कि उनकी पहचान किसी आपराधिक मामले में सामने आई है और उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई हो सकती है.

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FBI ने कल्पेशकुमार को ढूंढने के लिए नोटिस जारी किया है 

इस तरह की बातों से लोगों में डर और घबराहट पैदा की जाती थी, ताकि वे बिना ज्यादा सोच-विचार के तुरंत पैसे देने के लिए तैयार हो जाएं. ये सब ब‍िल्कुल वैसे ही हो रहा था जैसे भारत में ड‍िज‍िटल अरेस्ट वाला स्कैम चलता है. FBI का कहना है कि आरोपी पीड़ितों पर इतना दबाव बनाते थे कि वे खुद को कानूनी मुसीबत से बचाने के लिए तुरंत पैसे दे दें. कई मामलों में लोगों से नकद रकम भेजने के लिए कहा गया. जबकि कुछ मामलों में प्रीपेड डेबिट कार्ड खरीदकर उनकी जानकारी शेयर करने को कहा गया. इस तरह के पेमेंट को ट्रेस करना मुश्किल होता है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए अपराधियों तक पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी के पैसों को अलग-अलग एड्रेस और मीडि‍यम्स के जरिए इकट्ठा किया जाता था, ताकि पूरी चेन को ट्रैक करना आसान न हो. अधिकारियों का मानना है कि ये नेटवर्क कई अमेरिकी राज्यों में फैला हुआ था और इसका संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था.

साल 2023 में इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हुई. 22 जून 2023 को कोर्ट ने कल्पेश पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. उसके खिलाफ मेल फ्रॉड और वायर फ्रॉड साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. अमेरिकी कानून में ये अपराध बेहद गंभीर माने जाते हैं और दोषी पाए जाने पर लंबी सजा का प्रावधान है. FBI का कहना है कि पटेल फिलहाल फरार है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है. एजेंसी को शक है कि वो अमेरिका के Illinois और Pennsylvania के बीच कहीं रह रहा हो सकता है, हालांकि उसकी एग्जेक्ट लोकेशन अभी कंफर्म नहीं हो पाई है.

एजेंसी ने उसे फरार अपराधी घोषित करते हुए आम लोगों से मदद मांगी है. FBI का कहना है कि पटेल की गिरफ्तारी बेहद अहम है, क्योंकि वो एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा रहा है. उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे गिरोह के काम करने के तरीके, फंडिंग चैनल और अन्य शामिल लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.

FBI ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी पटेल की पहचान, गतिविधियों या लोकेशन के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत नजदीकी FBI कार्यालय, स्थानीय पुलिस या किसी अमेरिकी दूतावास से संपर्क करें. एजेंसी ने ये भी भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी. 

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