The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • electric poll installed on railway track in Madhya Pradesh Sagar district

रेल की पटरी के बीच में बिजली का खंभा गाड़ दिया, रेलवे ने कहा - "सही तो लगा है!"

"क्या रेल पटरी के बीच में खंभा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए?"

Advertisement
pic
24 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 24 अगस्त 2022, 01:06 PM IST)
electric poll on railway track in Sagar district
पटरी के बीच लगा खंभा. (तस्वीर- आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

मध्य प्रदेश के सागर जिले में चल रहा रेलवे (Railway) की थर्ड लाइन का काम एक खंभे की वजह से चर्चा में आ गया है. हुआ ये कि यहां एक रेलवे ट्रैक के बीच में बिजली का खंभा (Electric Poll) का लगा दिया गया. लोग इसे लेकर रेलवे का मजाक उड़ा रहे हैं. हालांकि रेलवे का कहना है कि काम में कोई गलती नहीं हुई है.

Railway Track के बीच Electric Poll

रेलवे की थर्ड लाइन का ये काम मध्य प्रदेश के बीना और कटनी जिलों के बीच चल रहा है. इस रास्ते में नरयावली से ईसरवारा के बीच साढ़े सात किलोमीटर की डबल रेल लाइन बिछाई जा रही है. लेकिन ट्रैक के बीच खंभा लगा दिखा तो पटरी बनाने वालों की काबिलियत पर सवाल उठने लगे. आजतक से जुड़े हिमांशु पुरोहित और धीरज शाह की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के निर्माण विभाग ने ट्रैक बिछाया और बिजली विभाग ने उसी पर खंभा गाड़ दिया. कहा जा रहा है कि अब इसके चलते एक किलोमीटर के रेल ट्रैक को शिफ्ट करना होगा, क्योंकि मौजूदा ट्रैक पर तो पोल लगा दिया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के निर्माण विभाग ने जिस ठेकेदार को ट्रैक बनाने का ठेका दिया था, उसने कथित तौर पर सेंटर ट्रैक से अलाइनमेंट मिलाए बिना ही पटरी बिछा दी, जो 3 से 5 मीटर की दूरी है. वहीं बिजली विभाग ने इस खामी पर गौर किए बिना ही पटरी पर पोल लगा दिया. इसी तरह का काम ईसरवारा स्टेशन के पास भी किया गया. यहां भी बिजली का एक खंभा रेलवे ट्रैक के बीच में लगा दिख रहा है.

खबर सामने आने के बाद लोगों ने रेलवे पर कॉमेंट करना शुरू कर दिया. सिमी नाम की एक ट्विटर यूजर ने लिखा,

"भाइयो-बहनो, आप बताओ, क्या नए भारत में रेल पटरी के बीच में खंभा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? पिछले 70 सालों से रेल पटरी के बीच में खंभा नहीं लगा पाए, हमने लगा के दिखाया है."

मेघराम चौधरी नाम के यूजर लिखते हैं,

"सड़क के बीच खंभे लगते तो कई बार देख चुके हैं, लेकिन रेल पटरी के बीच खंभा पहली बार देख रहे हैं जो रेलवे इंजीनियर का कमाल ही है."

एक और यूजर पंकज दीवान राय देते हुए लिखते हैं,

"पटरी शिफ्टिंग की क्या जरुरत है, पोल भी तो सही जगह शिफ्ट हो सकता है." 

विभाग ने क्या कहा?

बहरहाल, रिपोर्ट के मुताबिक विभाग के अधिकारी गलती होने के बाद भी इसे मानने को तैयार नहीं हैं. जबलपुर मंडल के सीपीआरओ राहुल श्रीवास्तव का कहना है,

"ईसरवारा स्टेशन के पास एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) अभी प्रस्तावित है जहां डबल लाइन बिछनी है. प्लान के अंतर्गत उस लाइन में जो अभी पुराना स्टेशन है, उसकी बिल्डिंग लाइन के रास्ते में आ रही है. जो भी प्लान है वो पहले से तैयार किया हुआ है. उसके हिसाब से ही काम हो रहा है. जब हम डबल लाइन बिछाते हैं, तो उसके लिए पहले मटेरियल की जरूरत होती है, स्लीपर की जरूरत होती है. उसके लिए कुछ टेंपरेरी लाइन बिछानी पड़ती है."

वहीं ANI से बातचीत में राहुल श्रीवास्तव ने बताया,

"पोल एक अस्थायी लाइन पर है जो नई लाइन बनाने से पहले मदद के लिए बनाई जाती है. इस अस्थायी लाइन को बाद में हटाकर नई लाइन बनाई जाएगी. तो OHE मास्ट (मतलब इलेक्ट्रिक पोल) वहीं है जहां इसे होना चाहिए."

सीपीआरओ का ये भी कहना है कि 24 अगस्त से जैसे ही एनआई चालू होगी, तो स्टेशन बिल्डिंग और टेंपरेरी लाइन को हटा दिया जाएगा. पहले से जो डिजाइन तैयार हुआ है, उसी हिसाब से डबल लाइन बिछेगी. इसमें रेलवे को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा. सीपीआरओ ने बताया कि जब डबल लाइन बिछती है तो रास्ते में कुछ स्ट्रक्चर आते हैं और इसी तरह से काम होता है.

वीडियो : रेलवे में एक साल के बच्चे का पूरा टिकट लगने का सच

Advertisement

Advertisement

()