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मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में कब चुनाव? इलेक्शन कमीशन से बड़ी जानकारी आई है

मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं

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9 अक्तूबर 2023 (अपडेटेड: 9 अक्तूबर 2023, 11:33 AM IST)
Election dates announced today in Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh, Mizoram and Telangana, EC press conference today
पांचों राज्यों में विधानसभा चुनावों का शेड्यूल जारी होगा
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चुनाव आयोग पांच राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव की तारीखों का आज ऐलान करने जा रहा है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, आज दोपहर 12 बजे इलेक्शन कमीशन प्रेस कांफ्रेंस करेगा. जिसमें पांचों राज्यों में विधानसभा चुनावों का शेड्यूल जारी होगा. आजतक को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नवंबर के दूसरे हफ्ते से दिसंबर के पहले हफ्ते तक अलग-अलग तारीखों और चरणों में इन राज्यों में मतदान हो सकता है. पिछली बार की तरह राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना में एक चरण में चुनाव कराए जाने की संभावना है. वहीं, छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान कराया जा सकता है. हालांकि, मतदान की तारीख अलग-अलग होने की उम्मीद है.

25 सालों से राजस्थान में हर बार बदलती है सरकार

राजस्थान की बात करें तो वहां कुल 200 विधानसभा सीटे हैं. 2018 में यहां 199 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे. अलवर की रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का हार्टअटैक से निधन हो गया था. जिसके चलते एक सीट पर चुनाव स्थगित कर दिए गए थे. 199 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 99 सीट मिली थी. रालोद यहां कांग्रेस को समर्थन कर रही है, जिसके खाते में एक सीट आई है. इस तरह कांग्रेस को 100 सीटें मिली और सरकार बनाई. कांग्रेस ने अशोक गहलोत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया. फिर 2019 में हुए रामगढ़ सीट के चुनाव में भी कांग्रेस की उम्मीदवार जीती जिससे कांग्रेस के पास 101 सीटें हो गई.

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मध्यप्रदेश में BJP ने सिंधिया के जरिए बनाई सरकार

मध्यप्रदेश में पिछले चुनाव में कांग्रेस को BJP से पांच सीटें ज्यादा मिली थीं. कांग्रेस के पास 114 सीटें थी वहीं BJP के खाते में 109 सीटें आईं थी. बसपा को दो और सपा को एक सीट पर जीत मिली थी. कांग्रेस ने गठजोड़ करके बहुमत का 116 का आंकड़ा पा लिया और कमलनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बन गए.

कांग्रेस की सरकार 15 महीने ही टिक पाई. दरअसल, कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. ये सभी कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया के सपोर्टर थे. इसमें कांग्रेस सरकार के छह मंत्री शामिल थे. स्पीकर ने मंत्रियों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इस्तीफे के कारण कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया. मगर फ्लोर टेस्ट से पहले कमलनाथ ने CM पद से इस्तीफा दे दिया. बाद में BJP ने बागी विधायकों को मिलाकर अपने पास 127 विधायक कर लिए और सरकार बनाई. शिवराज सिंह चौहान चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. और सिंधिया केंद्र में मंत्री.

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छत्तीसगढ़ में 15 साल बाद कांग्रेस का नंबर आया

छत्तीसगढ़ में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की. 90 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव नतीजे में कांग्रेस को दो- तिहाई बहुमत मिला. BJP के खाते में जहां सिर्फ 15 सीटें आईं थी वहीं कांग्रेस को 68 सीटें मिली थीं. बाद में कुछ विधायकों ने पार्टी बदली.

मौजूदा वक्त में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पास 71 विधायक, BJP के पास 13 विधायक, बसपा के पास दो, तीन विधायक जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी के हैं और एक रिक्त है. राज्य में मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं.

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