इस आदमी की टट्टी ने 27 गाड़ियों में आग लगा दी
प्रेम, रॉकेट और टट्टी इंसान को कहीं भी ले जा सकते हैं.

फिल्म 'रांझणा' का हीरो कुंदन हमें बताता है कि प्यार और रॉकेट इंसान को कहीं भी ले जा सकते हैं. पर एक चीज और भी है, जो वो बताना भूल गया था. टट्टी. भले आपका चेहरा सूर्य की तरह दमकता हो, आप 70 किलो का डंबल उठा लेते हों, लेकिन टट्टी का माहौल बनने के बाद क्या राजा क्या रंक, क्या पुतिन क्या ट्रंप. मुख मलिन हो जाता है. जबान का पानी सूख जाता है. आप हर किसी को कातर निगाहों से देख रहे होते हैं. कभी दांया कूल्हा उठाते हैं, कभी बांया. कभी अपना सर्वस्व भार केंद्र-बिंदु पर स्थिर कर देते हैं कि कहीं कुछ लीक न हो जाए. किंतु आखिर में मुक्ति पाखाने में ही मिलती है.

लेकिन ये सब तो किड्स और मेन के साथ होता है. लेजेंड क्या करते हैं, उसका उदाहरण हम आपके सामने रखने जा रहे हैं.
पुणे के सबसे बड़े स्लम वाले इलाके जनता नगर में नीलेश नाम के एक सज्जन रहते हैं. 25 साल के जवां छोरे हैं, लेकिन बिचरऊ कोर्ट-कचहरी के चक्कर में फंस गए हैं. कारण है टट्टी.
मामला 9 जुलाई यानी संडे का है. नीलेश को रात के दो बजे टट्टी लग गई. वो उस समय दारू के नशे में टुन्न घूम रहे थे, लेकिन जब बुलावा आ गया, तो लोटा लेकर कूच करना पड़ा. वो संडास के सामने पहुंचे ही थे कि एक मोटरसाइकिल ने उनका रास्ता रोक लिया. मदिरा-सेवन से उनकी चेतना का इतना विस्तार हो गया था कि वो ये मामला डिस्कशन से सुलझाना चाहते थे.
राम जाने उन्होंने बाइक से हटने के लिए कहा था या क्या किया था, पर बाइक उनके लिए बाधा बनी रही. वो रास्ते में खड़ी थी और नीलेश उसे पार नहीं कर पा रहे थे. उनका हाल बिना सीटी वाले कुकर जैसा हो गया था. नीचे आग लगी हुई थी, लेकिन ऊपरी निकास की कोई व्यवस्था नहीं था. आखिर में जब नीलेश को आभास हुआ कि उनका भाखड़ा नांगल बांध और दबाव नहीं सह पाएगा, उन्होंने उसी बाइक का पेट्रोल निकालकर उस पर छि़ड़का और आग लगा दी. सोचे रहे होंगे कि इसकी राख पर लात धरके हगने जाएंगे.

और सब धुआं-धुआं कर दिया
पर उस बाइक के आसपास करीब 25 बाइक और खड़ी थीं. एक ऑटो था और दो साइकिलें भी. सब स्वाहा हो गया. ये सारे वाहन झुग्गियों में रहने वाले मजदूरों के थे, जिन्होंने लोन ले-लेकर बाइक खरीदी थीं. इंश्योरेंस छोड़ो, इनकी गाड़ी में तेल हमेशा रिजर्व में रहता है. अब उनके हाथ में सिर्फ नीलेश का लोटा रह गया है, क्योंकि नीलेश को तो पुलिस पकड़ ले गई. नीलेश ने पुलिस के सामने सब गा भी दिया कि रात में क्या हुआ था.
वैसे जहां ये घटना हुई है, जनता नगर, वो पुणे का सबसे बड़ा स्लम एरिया है. यहां 118 छोटी-छोटी गलियां हैं, जिनमें करीब एक लाख लोग रहते हैं. ये सारे अपनी गाड़ियां ऐसे ही रास्तों पर पार्क करते हैं. यहां दो साल पहले भी ऐसी घटना हुई थी, जिसमें एक शख्स ने 90 गाड़ियां जला डाली थीं. 28 जून 2015 को अमन शेख नाम के इस आदमी को सीसीटीवी फुटेज की मदद से गिरफ्तार किया गया था.
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