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डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कैंडिडेट बनने के चांस सबसे ज्यादा, विवेक रामास्वामी रेस से बाहर, आगे क्या?

US Presidential Election 2024: भारतीय मूल के Vivek Ramaswamy राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की रेस से बाहर हो गए हैं. Iowa में डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बुरी तरह हराया है

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16 जनवरी 2024 (अपडेटेड: 16 जनवरी 2024, 01:12 PM IST)
trump ramaswami
आयोवा कॉकस चुनाव हारने के बाद रामास्वामी ने 16 जनवरी को खुद इसकी घोषणा की.

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की अपनी दावेदारी को और मजबूत कर लिया है. वो आयोवा कॉकस में भी अव्वल रहे हैं. इस रेस में भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी बुरी तरह हारे. और इसके बाद उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. यानी वो अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोवा कॉकस चुनाव हारने के बाद रामास्वामी ने मंगलवार, 16 जनवरी को खुद इसकी घोषणा की(Donald Trump Wins Iowa Caucus).

आयोवा कॉकस चुनाव के नतीजे आने बाद 38 साल के बायोटेक एंटरप्रेन्योर विवेक रामास्वामी ने कहा,

‘इस सच को समझना काफी कठिन है, लेकिन मुझे ये स्वीकार करना ही होगा. मैंने इस बारे में हर तरह से विचार किया लेकिन ये सच है कि हम वो नतीजे आज रात हासिल नहीं कर पाए, जो चाहते थे. अब मेरे राष्ट्रपति बनने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है, इसलिए मैं अपना कैंपेन खत्म करता हूं…’

कॉकस में कौन किस नंबर पर रहा?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोवा राज्य के कॉकस चुनाव में दूसरे नंबर पर फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डी-सेंटिस और तीसरे नंबर पर भारतीय मूल की निक्की हेली रहीं. विवेक इस रेस में चौथे पायदान पर रहे. आयोवा कॉकस में कुल 87 फीसदी वोट पड़े. जिसमें से ट्रंप को 51 फीसदी, सेंटिस को 21 फीसदी, हेली को 19 फीसदी और रामास्वामी को 8 फीसदी वोट मिले. ये भी कहा जा रहा है कि इस जीत के साथ ही रिपब्लिकन पार्टी से डोनाल्ड ट्रंप का उम्मीदवार बनना लगभग तय हो गया है.

बता दें कि आयोवा राज्य में उम्मीदवारी के लिए हुए कॉकस चुनाव के प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने विवेक रामास्वामी पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने रामास्वामी को सीधे-सीधे फ्रॉड करार दिया था. एक बयान में ट्रंप ने अपने समर्थकों से ये भी कहा था कि विवेक रामास्वामी को वोट देना विपक्षी पार्टी को वोट देने जैसा होगा.

ये भी पढ़ें:- ट्रंप की भारत को धमकी, “अगर राष्ट्रपति बना तो बदला...”

हालांकि, अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अब विवेक रामास्वामी डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करेंगे और जल्द ही अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में दोनों साथ-साथ रैली करते नजर आएंगे.

रिपब्लिकन कॉकस होता क्या है? 

कॉकस का आयोजन स्कूल, टाउन हॉल जैसी सार्वजनिक जगहों पर किया जाता है, जिसमें उम्मीदवारों के चयन को लेकर रजिस्टर्ड पार्टी मेंबर्स जुटते हैं. कॉकस चुनाव में हिस्सा लेने वाले लोग पहले अपने डेलिगेट्स का चुनाव करते हैं, फिर ये डेलिगेट्स अपने उम्मीदवार को चुनते हैं. आयोवा कॉकस में डोनाल्ड ट्रंप को 20 डेलिगेट्स ने अपना समर्थन दिया. जबकि रॉन डी-सेंटिस को 8, निकी हेली को 7 और विवेक रामास्वामी को केवल 3 डेलिगेट्स ने चुना.

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