डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने अमेरिका की राजधानी में मचाया दंगा, 4 लोगों की मौत, वॉशिंगटन में कर्फ़्यू
फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम ने ट्रम्प पर बैन लगा दिया है.
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वॉशिंगटन में ट्रंप समर्थकों के बवाल के बीच कैपिटल बिल्डिंग के बाहर धमाका भी हुआ. कहा जा रहा है, दंगाइयों को रोकने के लिए पुलिस ने ऐसा किया.
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अमेरिका में नए राष्ट्रपति के सत्ता संभालने से ऐन पहले बवाल हो गया है. रिपब्लिकन पार्टी के नेता और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के समर्थकों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाते हुए वॉशिंगटन डीसी में मौजूद कैपिटल बिल्डिंग में जमकर हंगामा मचाया. यहीं पर अमेरिकी कांग्रेस के लोग बैठते हैं. लोगों की भीड़ इस बिल्डिंग के भीतर घुस गई. तोड़फोड़ की. पुलिस से झड़प हुई. आंसू गैस के गोले दागे गए. इन झड़पों में चार लोगों के मौत की खबर आ रही है. 1 महिला की मौके पर ही मौत हो गयी, और बाक़ी 3 की अस्पताल में इलाज के दौरान. इसके बाद वॉशिंगटन डीसी में कर्फ़्यू का ऐलान कर दिया गया है. FBI ने करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद कैपिटल बिल्डिंग को सिक्योर करने का दावा किया है.
कैपिटल बिल्डिंग पर चढ़ते प्रदर्शनकारी
भारतीय समयानुसार, ये हंगामा 6 जनवरी की रात शुरू हुआ. और शुरू भी हुआ तो कब? चुनावी नतीजों को लेकर होने वाली संसद की बैठक के ठीक पहले. इस बैठक में ट्रम्प के प्रतिद्वंदी जो बाइडन को राष्ट्रपति चुनाव का सर्टिफ़िकेट दिया जाना था. मतलब ये कि बाइडन चुनाव जीत गए. जब अमेरिकी कांग्रेस का सत्र चल रहा था, उसी दौरान ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई.
कैपिटल बिल्डिंग के भीतर ट्रम्प समर्थकों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए गए. (फ़ोटो : AFP)
बताया जा रहा है कि ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसने के लिए पुलिस पर कुछ केमिकल भी फेंके. जो तस्वीरें आयीं, उनमें लोगों की भीड़ कैपिटल बिल्डिंग की दीवारों को फ़ांदते दिख रहे हैं. ख़बरों के मुताबिक़, दंगाई कैपिटल बिल्डिंग के अंदर सीनेट चैम्बर तक पहुंच गए थे. देखिए ये वीडियो-
कैपिटल बिल्डिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी (AFP)
ये दंगा हो क्यों रहा है?
जानकारों का कहना है कि वॉशिंगटन में जो दंगा भड़का है, उसकी वजह ट्रम्प के झूठे दावें हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान और बाद डॉनल्ड ट्रम्प लम्बे समय तक वोटों की गिनती रोकने, चुनाव में धांधली होने और अपनी जीत के दावे कर रहे थे. लोगों का कहना है कि इन्हीं भ्रामक दावों के उकसावे में उनके समर्थक आ गए. यूएस कैपिटल में हिंसा के दौरान भी ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित किया था. सोशल मीडिया ने भी डॉनल्ड ट्रम्प पर कठोर कार्रवाई की है. ट्रम्प ने चुनाव को लेकर आधारहीन ट्वीट किए, जिसके बाद ट्विटर ने उनके अकाउंट पर 12 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया. ट्विटर ने ये भी कहा कि ट्रम्प यदि नियमों को तोड़ने वाले ट्वीट नहीं हटाते हैं तो उनका अकाउंट परमानेंटली लॉक कर दिया जाएगा. ट्विटर के अलावा फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम ने भी ट्रम्प के खिलाफ़ कार्रवाई करते हुए उन पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया है.
नेताओं ने क्या कहा है?
नए प्रेसिडेंट चुने गए जो बाइडन ने ट्वीट करके कहा कि कैपिटल पर जो सीन देखने को मिल रहे हैं, वो हमारी और इस देश की प्रतिनिधि तस्वीर नहीं है. ये चंद कट्टरपंथी हैं, जो बस क़ानून तोड़ना जानते हैं. ये मतभेद नहीं है, ये दंगा है.
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दंगा भड़काने के लिए सीधे-सीधे ट्रम्प को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने ट्वीट किया कि क़ानून का पालन करके कराए गए चुनाव के खिलाफ़ ट्रम्प के बयानों से हमारे देश को शर्मसार होना पड़ा है.
केवल अमरीकी नेताओं ने ही नहीं, बल्कि कई देशों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रियाएं दी हैं. UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने US कैपिटल में जो सीन देखने को मिल रहे हैं, वो शर्मनाक हैं. US दुनियाभर में लोकतंत्र के लिए जाना जाता है और ये ज़रूरी है कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीक़े और सलीक़े से हो.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके कहा कि दंगे और हिंसा की तस्वीरें देखकर वो व्यथित हैं. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ग़ैरक़ानूनी प्रदर्शनों से रोका नहीं जा सकता है.
उधर ट्रम्प ने भी ट्वीट करके अपने समर्थकों को पुलिस और क़ानूनी एजेंसियों का सपोर्ट करने को कहा है. शांति बनाए रखने की भी अपील की है. ट्रम्प ने एक और ट्वीट में कहा कि हम क़ानून और व्यवस्था की पार्टी हैं. शांति बनाए रखिए.
कैपिटल बिल्डिंग पर चढ़ते प्रदर्शनकारीभारतीय समयानुसार, ये हंगामा 6 जनवरी की रात शुरू हुआ. और शुरू भी हुआ तो कब? चुनावी नतीजों को लेकर होने वाली संसद की बैठक के ठीक पहले. इस बैठक में ट्रम्प के प्रतिद्वंदी जो बाइडन को राष्ट्रपति चुनाव का सर्टिफ़िकेट दिया जाना था. मतलब ये कि बाइडन चुनाव जीत गए. जब अमेरिकी कांग्रेस का सत्र चल रहा था, उसी दौरान ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई.
कैपिटल बिल्डिंग के भीतर ट्रम्प समर्थकों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए गए. (फ़ोटो : AFP)बताया जा रहा है कि ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसने के लिए पुलिस पर कुछ केमिकल भी फेंके. जो तस्वीरें आयीं, उनमें लोगों की भीड़ कैपिटल बिल्डिंग की दीवारों को फ़ांदते दिख रहे हैं. ख़बरों के मुताबिक़, दंगाई कैपिटल बिल्डिंग के अंदर सीनेट चैम्बर तक पहुंच गए थे. देखिए ये वीडियो-
फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के मुताबिक़, घटनास्थल पर दो विस्फोटक डिवाइस भी मिले, जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है. वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार ने ट्वीट करके दावा किया कि वॉशिंगटन डीसी के अधिकारियों ने रक्षा विभाग से पहले ही नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स भेजने की दरखास्त की थी, लेकिन रक्षा विभाग ने इसे ठुकरा दिया. घटना के काफ़ी देर बाद रक्षा विभाग की ओर से नेशनल सिक्योरिटी गार्ड को कैपिटल हिल रवाना किया गया.#WATCH
— ANI (@ANI) January 6, 2021
| Supporters of outgoing US President Donald Trump hold a demonstration at US Capitol in Washington DC as Congress debates certification of Joe Biden's electoral victory. pic.twitter.com/c7zCgg9Qdu
कैपिटल बिल्डिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी (AFP)ये दंगा हो क्यों रहा है?
जानकारों का कहना है कि वॉशिंगटन में जो दंगा भड़का है, उसकी वजह ट्रम्प के झूठे दावें हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के दौरान और बाद डॉनल्ड ट्रम्प लम्बे समय तक वोटों की गिनती रोकने, चुनाव में धांधली होने और अपनी जीत के दावे कर रहे थे. लोगों का कहना है कि इन्हीं भ्रामक दावों के उकसावे में उनके समर्थक आ गए. यूएस कैपिटल में हिंसा के दौरान भी ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित किया था. सोशल मीडिया ने भी डॉनल्ड ट्रम्प पर कठोर कार्रवाई की है. ट्रम्प ने चुनाव को लेकर आधारहीन ट्वीट किए, जिसके बाद ट्विटर ने उनके अकाउंट पर 12 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया. ट्विटर ने ये भी कहा कि ट्रम्प यदि नियमों को तोड़ने वाले ट्वीट नहीं हटाते हैं तो उनका अकाउंट परमानेंटली लॉक कर दिया जाएगा. ट्विटर के अलावा फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम ने भी ट्रम्प के खिलाफ़ कार्रवाई करते हुए उन पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया है.
This means that the account of @realDonaldTrump
will be locked for 12 hours following the removal of these Tweets. If the Tweets are not removed, the account will remain locked.
— Twitter Safety (@TwitterSafety) January 7, 2021
नेताओं ने क्या कहा है?
नए प्रेसिडेंट चुने गए जो बाइडन ने ट्वीट करके कहा कि कैपिटल पर जो सीन देखने को मिल रहे हैं, वो हमारी और इस देश की प्रतिनिधि तस्वीर नहीं है. ये चंद कट्टरपंथी हैं, जो बस क़ानून तोड़ना जानते हैं. ये मतभेद नहीं है, ये दंगा है.
Let me be very clear: the scenes of chaos at the Capitol do not represent who we are. What we are seeing is a small number of extremists dedicated to lawlessness. This is not dissent, it's disorder. It borders on sedition, and it must end. Now.
— Joe Biden (@JoeBiden) January 6, 2021
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दंगा भड़काने के लिए सीधे-सीधे ट्रम्प को ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने ट्वीट किया कि क़ानून का पालन करके कराए गए चुनाव के खिलाफ़ ट्रम्प के बयानों से हमारे देश को शर्मसार होना पड़ा है.
Here’s my statement on today’s violence at the Capitol. pic.twitter.com/jLCKo2D1Ya
— Barack Obama (@BarackObama) January 7, 2021
केवल अमरीकी नेताओं ने ही नहीं, बल्कि कई देशों के नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रियाएं दी हैं. UK के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने US कैपिटल में जो सीन देखने को मिल रहे हैं, वो शर्मनाक हैं. US दुनियाभर में लोकतंत्र के लिए जाना जाता है और ये ज़रूरी है कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीक़े और सलीक़े से हो.
Disgraceful scenes in U.S. Congress. The United States stands for democracy around the world and it is now vital that there should be a peaceful and orderly transfer of power.
— Boris Johnson (@BorisJohnson) January 6, 2021
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करके कहा कि दंगे और हिंसा की तस्वीरें देखकर वो व्यथित हैं. लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ग़ैरक़ानूनी प्रदर्शनों से रोका नहीं जा सकता है.
Distressed to see news about rioting and violence in Washington DC. Orderly and peaceful transfer of power must continue. The democratic process cannot be allowed to be subverted through unlawful protests.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 7, 2021
उधर ट्रम्प ने भी ट्वीट करके अपने समर्थकों को पुलिस और क़ानूनी एजेंसियों का सपोर्ट करने को कहा है. शांति बनाए रखने की भी अपील की है. ट्रम्प ने एक और ट्वीट में कहा कि हम क़ानून और व्यवस्था की पार्टी हैं. शांति बनाए रखिए.

