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ट्रंप ने यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी मदद रोक दी, वॉइट हाउस में हुई बहस का असर दिखा

US Paused Aid to Ukraine: पिछले दिनों ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि रूस के साथ उनकी लड़ाई का अंत अभी बहुत दूर है. ट्रंप इस बयान से बहुत ज्यादा नाराज हुए थे. उन्होंने कहा था कि ये जेलेंस्की का सबसे खराब बयान है.

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4 मार्च 2025 (अपडेटेड: 4 मार्च 2025, 07:58 AM IST)
US Aid to Ukraine
ओवल ऑफिस में बैठक के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की. (फाइल फोटो: AP)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी सहायता पर रोक (Trump Paused Aid to Ukraine) लगा दी है. यूक्रेन तीन साल से ज्यादा समय से रूस के साथ युद्ध में शामिल है. इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, अमेरिकी सहायता पर बहुत अधिक निर्भर थे. जेलेंस्की चाहते थे कि ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनको अमेरिका का समर्थन मिलता रहे. लेकिन पिछले दिनों वॉइट हाउस में दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी.

क्यों रोकी गई Ukraine की सहायता?

न्यूज एजेंसी AP ने वॉइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से लिखा है,

ट्रंप इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि तीन साल से अधिक समय से चल रहा ये युद्ध समाप्त हो. वो चाहते हैं कि जेलेंस्की शांति समझौता करें. अमेरिका अपनी सहायता को रोक रहा है और समीक्षा कर रहा है. ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि वो इसके समाधान में योगदान दे रहे हैं.

ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में, साल 2019 में भी यूक्रेन को मिलने वाली सहायता रोक दी थी. इसके कारण ट्रंप पर पहला महाभियोग चलाया गया था. 2024 के चुनाव में उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने की अपील की थी. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस युद्ध की समाप्ति को लेकर जेलेंस्की के प्रति निराशा दिखाई है. साथ ही उन्होंने ये भी जताया है कि इस संघर्ष में अगर कोई समझौता होता है तो शांति बनाए रखने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भरोसा किया जा सकता है.

एक दिन पहले ही जताई थी नाराजगी

3 मार्च को भी ट्रंप ने जेलेंस्की के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी. दरअसल, इसी रोज जेलेंस्की ने एक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि रूस के साथ यूक्रेन के युद्ध का अंत अभी बहुत, बहुत दूर है. ट्रंप ने इसी का जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा,

जेलेंस्की का दिया ये सबसे खराब बयान है. अमेरिका इसे ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा! मैं भी यही कह रहा था कि ये आदमी तब तक शांति नहीं चाहता जब तक उसे अमेरिका का समर्थन मिल रहा है. यूरोप ने जेलेंस्की के साथ हुई बैठक में ये स्पष्ट कहा है कि वो अमरेका के बिना काम नहीं कर सकते. रूस के खिलाफ ताकत दिखाने के मामले में शायद ये बहुत सकारात्मक बयान नहीं है.

ये भी पढ़ें: ट्रंप और मोदी साथ बोलें तो लोकतंत्र के लिए खतरा... मेलोनी का भाषण नहीं सुना तो अब सुन लीजिए

वॉइट हाउस में हुआ क्या था?

जेलेंस्की को ट्रंप का समर्थन मिलता रहे, यही सोचकर यूक्रेन के राष्ट्रपति पिछले दिनों वॉइट हाउस पहुंचे थे. अमेरिका की ओर से यूक्रेन को जो मदद मिल रही थी, उसके बदले जेलेंस्की एक डील लेकर गए थे. मिनरल राइट्स डील. इसके तहत यूक्रेन के खनिजों पर कुछ हद तक अमेरिका की पहुंच होती. लगभग 45 मिनट तक बैठक चली. लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. मिनट के आखिरी 10 मिनटों में जो हुआ, उस पर बवाल हो गया.

मीटिंग सामान्य रूप से ही शुरू हुई. हालांकि, ट्रंप शुरुआत से ही जेलेंस्की पर हावी होने की कोशिश कर रहे थे. फिर अचानक से मीटिंग का "रंग-रूप" बदल गया. ट्रंप और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस चिल्लाने की टोन में आ गए. उन्होंने जेलेंस्की को अमेरिका के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए कहा. जेलेंस्की इस दौरान अपना बचाव करते दिखे. ये बहस लाइव टीवी पर पूरी दुनिया ने देखी.

इसके बाद जेलेंस्की को वॉइट हाउस से जाने को कह दिया गया. वो निकले और अपनी बख्तरबंद गाड़ी में बैठकर निकल गए. उनके साथ आए यूक्रेनी अधिकारी भी एक वैन में बैठकर उनके पीछे-पीछे चले गए. बाद में सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं ने बताया कि उनमें से किसी ने भी इस डील पर साइन नहीं किया है.

वीडियो: दुनियादारी: रूस-यूक्रेन वॉर में आगे क्या होगा? यूरोपीय देशों ने मिलकर क्या तय किया?

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