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'तुम्हारा वजूद मिट गया होता अगर...', G7 समिट गए ट्रंप ने इजरायल को बहुत बुरा सुनाया

Donald Trump criticizes Netanyahu: राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में G7 समिट के दौरान पत्रकारों से बात की. दावा किया कि अगर वे ना होते, तो इजरायल का अस्तित्व नहीं होता. उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान के मामले में 'ज्यादा जिम्मेदार' होना चाहिए

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16 जून 2026 (अपडेटेड: 16 जून 2026, 08:39 PM IST)
Donald Trump criticizes Netanyahu
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में G7 समिट के दौरान पत्रकारों से बात की. (फोटो-इंडिया टुडे)
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ईरान जंग में महीनों तक ‘साथी-साथ निभाना’ करते चले, अब ट्रंप ने कह दिया कि ‘मेरे बिना, इजरायल का अस्तित्व नहीं होता’. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में G7 समिट के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ये दावा किया.

उन्होंने लेबनान में इजरायल के मिलिट्री ऑपरेशन पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ये भी कहा कि सीरिया को हिज्बुल्लाह से निपटने देना चाहिए. दरअसल, इजरायली सेना ने 14 जून को लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला किया था. इसमें कई लोगों के घायल हो गए और तीन की मौत हो गई.

ये हमला तब हुआ, जब अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क डील की घोषणा करने की तैयारी कर रहा था. ट्रंप ने माना कि ऐसा करने से ईरान के साथ हुई डील को पर बुरा असर पड़ सकता है.

‘मिस्टर प्रेजिडेंट’ ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेबनान के मामले में थोड़ा जिम्मेदार होना चाहिए. उन्होंने कहा,

“लेबनान कभी एक बेहतरीन देश हुआ करता था. वहां प्रोफेसर, डॉक्टर और वकील हुआ करते थे. अब वहां हालात बहुत बुरे हैं. लेबनान और हिज्बुल्लाह के साथ इजरायल ने जिस तरह से स्थिति को संभाला है, उससे मैं खुश नहीं हूं. उन्हें ये काम तेजी से करना चाहिए था. यह मामला बस खिंचते ही जा रहा है. और जब ऐसा होता है, तो इससे उस बड़ी डील पर बुरा असर पड़ता है. और वह है ईरान के साथ हुई डील. ”

आगे उन्होंने दावा किया कि उनके जंग में शामिल न होने से तेल अवीव तबाह हो सकता था. ट्रंप ने कहा,

“मैं कहूंगा कि हमारे (ट्रंप-नेतन्याहू) रिश्ते काफी अच्छे हैं. लेकिन अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता, तो इजरायल बहुत पहले ही तबाह हो गया होता. ये डील परमाणु हथियार बनने से रोकने वाली एक दीवार है. उनकी (बराक ओबामा की) डील परमाणु हथियार बनाने का रास्ता थी. मैंने उस डील को खत्म कर दिया.”

'सीरिया को हिजबुल्लाह से निपटने देना ही ठीक'

डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि इजरायल, हिज्बुल्लाह से काफी समय से लड़ रहा है. और अब तक काफी लोग मारे जा चुके हैं. किसी को ढूंढने के लिए हर बार अपार्टमेंट बिल्डिंग को गिराना जरूरी नहीं है. उसमें कई आम लोग भी रहते हैं. वे सभी हिज्बुल्लाह के सदस्य नहीं हैं. ऐसे में उनका मानना है कि सीरिया को हिज्बुल्लाह से निपटने दिया जाए. क्योंकि वे ये काम बेहतर ढंग से कर पाएंगे.

ट्रंप का कहना है कि लेबनान में चल रही लड़ाई ‘छोटी-मोटी’ है. मगर ईरान एक बड़ी जंग है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मार्च 2026 में दावा किया था कि इजरायली हमलों में 3 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं. जबकि इजरायल का दावा है कि उसने केवल हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया.

ये भी पढ़ें: होर्मुज खोलने का आदेश आ गया, इन 14 शर्तों पर ईरान-अमेरिका के बीच डील पर बनी बात

डील में लेबनान पर युद्ध विराम की मांग

ईरान-अमेरिका के बीच हुई डील में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को स्थायी और तत्काल रूप से समाप्त करने की बात हुई थी. मगर इजरायल ने अमेरिका-ईरान समझौते में लेबनान को शामिल करने का विरोध किया. 

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