होर्मुज खोलने का आदेश आ गया, इन 14 शर्तों पर ईरान-अमेरिका के बीच डील पर बनी बात
US-Iran deal: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बताया कि महीनों से चल रही ईरान डील की बातचीत पर आखिरकार मुहर लग चुकी है. दोनों देशों के बीच 19 जून को आधिकारिक रूप से डील साइन होगी. इसके बाद ट्रंप और ईरान ने भी इसे कंफर्म किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हो गया है. इसके साथ ही होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने का प्रोसेस शुरू होगा और जहाज़ों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. ईरान ने भी इस समझौते की पुष्टि की है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बताया कि 19 जून को आधिकारिक रूप से डील साइन होगी. इस समझौते के बाद अमेरिका और ईरान के बीच की सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद हो जाएगी.
दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया था. उसके बाद से दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज़ स्ट्रेट काफी हद तक बंद पड़ा था. इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल पहुंचता है.
ट्रंप ने क्या लिखा?डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा,'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो चुका है. मैं होर्मुज़ स्ट्रेट को टोल-फ्री खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत हटाने की अनुमति देता हूं. दुनिया के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो. तेल को फिर बहने दो.'

एक दूसरी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ये समझौता पूरे इलाके में शांति और सुरक्षा लाएगा. उन्होंने ये भी संकेत दिया कि आगे चलकर ईरान के साथ एक और बड़ा शांति समझौता हो सकता है. ट्रंप ने लिखा कि कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति बहाल करने की कोशिश की, लेकिन मुझसे पहले सभी असफल रहे. पहली बार इस इलाके के नेताओं को ऐसा राष्ट्रपति मिला है जो असल शांति दिला सकता है.
हालांकि, ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ईरान को चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट का संरक्षक बनने के बदले इलाके की आय में 20% हिस्सेदारी मांग सकता है.
ईरान ने क्या कहा?वहीं दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि उसे किसी ने मजबूर नहीं किया. अल जज़ीरा ने ईरानी नेताओं के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ये समझौता कई हफ्तों की मुश्किल बातचीत का नतीजा है, जिसमें पहले पाकिस्तान और बाद में कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.
ईरानी न्यूज़ चैनल Press TV के मुताबिक, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है, ‘14 जून की शाम तक अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने को लेकर चल रही बातचीत का मसौदा तैयार कर लिया गया. समझौते के तहत आज रात से जंग खत्म मानी जाएगी. दोनों पक्ष सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोक देंगे और ईरान के खिलाफ लगी नौसैनिक नाकाबंदी भी हटा ली जाएगी.’
डील के 14 पॉइंट्स- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को स्थायी और तत्काल रूप से समाप्त किया जाए.
- अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा और ईरान इस्लामी गणराज्य की संप्रभुता का सम्मान करेगा.
- नौसैनिक नाकाबंदी को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से हटा दिया जाए.
- अमेरिका द्वारा ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अपनी सेनाओं को वापस बुलाया जाए.
- ईरानी एग्रीमेंट के तहत 30 दिनों के भीतर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज फिर से खोला जाए.
- तेल सैंक्शन और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स पर लगे सैंक्शन हटाए जाएं.
- अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के पुनर्निर्माण की कम से कम 300 अरब डॉलर की योजना प्रस्तुत करेंगे.
- परमाणु मुद्दों और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्राइमरी और सेकेंडरी सैंक्शन को पूरी तरह हटाने के लिए 60 दिनों की बातचीत.
- ईरान ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी नीति (एनपीटी) के तहत परमाणु हथियार न बनाने की अपनी बात दोहराई है.
- जब तक बातचीत चल रही है तब तक अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सेना न बढ़ाने की बात मानी है.
- एग्रीमेंट को लागू करने के लिए सुपरवाइजरी मैकेनिज्म बनाई जाए.
- जब तक ईरान पर लगे सैंक्शन और नेवल ब्लॉकेड हट नहीं जाते तब तक फाइनल समझौता नहीं होगा.
- अंतिम वार्ता के 60 दिनों की अवधि के दौरान ईरान के फ्रीज़ 24 अरब डॉलर के कोष को जारी किया जाए. इस राशि का आधा हिस्सा वार्ता शुरू होने से पहले ईरान को उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से अप्रूव किया जाएगा.
डॉनल्ड ट्रंप के ऐलान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी X पर इस समझौते की जानकारी दी थी.
शहबाज़ शरीफ ने लिखा, ‘गहन बातचीत के बाद हमें ये ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है. दोनों पक्षों ने सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमति जताई है.'
शहबाज़ शरीफ ने इस पूरे प्रोसेस में मदद करने के लिए कतर, सऊदी अरब और तुर्किये का भी धन्यवाद किया. उनके मुताबिक, समझौते के लागू होने से पहले इस हफ्ते कई तकनीकी और शुरुआती बैठकें होंगी, जिनमें आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी.
इस घोषणा के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस समझौते का स्वागत किया. कुल मिलाकर महीनों से चल रहे पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद तनाव कम करने की दिशा में ये पहला कदम है.
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