The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • documentry film on the condition of freedom fighter bhagat singh in pakistan

जहां हुई भगत सिंह को फांसी, वहां मूर्ति लगाई तो होगी पिटाई

पाकिस्तानी कट्टरपंथी नहीं बनने दे रहे भगत सिंह का स्मारक. देखें वीडियो:

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
अविनाश जानू
28 जून 2016 (अपडेटेड: 28 जून 2016, 07:41 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
भगत सिंह. 23 की उमर में हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले मस्ताने क्रांतिकारी. ये जांबाज पैदा भी पाकिस्तान की धरती पर हुए और दफ्न भी. लायलपुर सुना है न. पाकिस्तान में है. यहीं भगत सिंह का जन्म हुआ था. और फांसी दी गई लाहौर में. नीचे जो तस्वीर दिख रही है न, यही है वो जगह, जहां भगत सिंह को फांसी दी गई थी. पहले ये जगह लाहौर की सेंट्रल जेल के अंदर हुआ करती थी.
13310515_1556499204646581_4827746158470939837_n
यहीं दी गई थी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी

भगत सिंह का नाम सुनते ही स्कूल, कॉलेज में हमारे मन और सीने में चौड़ वाला भाव आ जाता था. फख्र से भर जाते थे. भगत सिंह के लिए ऐसा ही पाकिस्तान वाले भी महसूस करते हैं. पाकिस्तान की सिविल सोसाइटी के लोग इसलिए फांसी वाली जगह पर भगत सिंह का भव्य स्मारक बनवाना चाहते थे.
कहने को सब कहते रहते हैं कि भगत सिंह जितने हिन्दुस्तानी थे, उतने ही पाकिस्तानी भी.
 पर कुछ पाकिस्तानी कट्टरपंथियों के चलते भगत सिंह की मिट्टी से उनका हक छिन रहा है. कुछ कट्टरपंथियों के लिए मजहब की कट्टरता भगत सिंह की शहादत से ऊंची हो गई है.
उनका कहना है भगत सिंह की मूर्ति यहां नहीं लगाई जा सकती. वजह इस्लाम में बुतपरस्ती कुफ्र है. ज्यादा उर्दू हो गई हो तो सिंपल शब्दों में समझो कि इस्लाम के हिसाब से मूर्ति नहीं लगा सकते. पाप होता है. तब सिविल सोसाइटी वालों ने कहा कि हम मूर्ति नहीं लगाएंगे, केवल स्मारक बनायेंगे. फिर भी ये कट्टरपंथी इन्हें धमका रहे हैं. इनका कहना है यहां कुछ नहीं बनना चाहिए.
ये वो कट्टरपंथी हैं जो ग्लोबल जिहाद मूवमेंट से जुड़े हुए हैं. ये लोग भगत सिंह जैसे इस्लामी मजहब से इतर क्रांतिकारियों को अपना हीरो मानने वालों को डराते तो हैं ही. उनपर जानलेवा हमले भी कराते हैं.

अब पाकिस्तान के हफीज चाचड़ और जैनब धर इसी मुद्दे पर एक डॉक्यूमेंट्री लेकर आ रहे हैं. नाम है इंडेलीबल- भगत सिंह
पाकिस्तान की सिविल सोसाइटी भगत सिंह के सम्मान में जो कैंपेन चला रही है. उसमें उन्हें ऐसे कट्टरपंथी संगठनों से किस तरह के खतरे उठाने पड़ रहे हैं. इस फिल्म में दिखाया गया है. यह डॉक्यूमेंट्री पाकिस्तान में जुलाई के अंत में और भारत में अगस्त के पहले हफ्ते में रिलीज होगी. लो देखो फिल्म का ट्रेलर:
https://www.youtube.com/watch?v=k0WzMVYtGTM
और पढ़ें-

भगत सिंह खुद को क्या मानते थे, क्रांतिकारी या आतंकवादी?

भगत सिंह: जितने हिन्दुस्तानी उतने ही पाकिस्तानी

भगत सिंह के 20 क्रांतिकारी विचार

जब अधजले शवों का दोबारा हुआ अंतिम संस्कार

Advertisement

Advertisement

()