परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए खड़े रहे, पर डॉक्टर को मूंगफली खानी थी, बोला “सुबह से भूखा हूं.”
पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के परिजनों और डॉक्टर के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई.
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उत्तर प्रदेश में एक अस्पताल के मुर्दाघर में चार शव सुबह से यूँ ही पड़े रहे, लेकिन डॉक्टर ने कहा - भूख लगी है, मूँगफली खाने के बाद पोस्टमॉर्टम करूंगा.
ये मामला बाराबंकी के एक अस्पताल का है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक अस्पताल के पोस्टमॉर्टम हाउस में तैनात डॉक्टर की इस बड़ी लापरवाही के बाद मृतकों के परिवार वाले भड़क गए और डॉक्टर से उनका झगड़ा हो गया. रिपोर्टों में कहा गया है कि डॉक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने शाम ढलने तक एक भी शव का पोस्टमॉर्टम नहीं किया. आरोप है कि जब मृतकों के परिजनों ने इस बात पर नाराज़गी जताई तो तो डॉक्टर ने उनके साथ अभद्रता की.
जब डॉक्टर धर्मेंद्र गुप्ता से लोगों ने सवाल पूछना शुरू किया तो उन्होंने कहा कि सुबह से कुछ खाया नहीं है. डॉक्टर ने आगे कहा कि अभी मूंगफली खा रहे हैं, खत्म होगी तो रात में पोस्टमॉर्टम करेंगे. इस पर वहां मौजूद परिजनों और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गई. बाद में कहासुनी इतनी बढ़ गई कि हाथापाई तक की नौबत आ गई.
जानकारी के मुताबिक वहां मौजूद एक शख्स ने राज्य में मंत्री सतीश शर्मा को फोन मिलाकर डॉक्टर से बात करानी चाही. इसपर डॉक्टर ने कहा कि वो मंत्री को जानते ही नहीं. इसके बाद मामला और बिगड़ गया. यहां तक कि मारपीट तक की नौबत आ गई. घटना की सूचना मिलते ही देर शाम सीएमओ (CMO) अस्पताल के पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे.
सीएमओ डॉक्टर अवधेश कुमार यादव ने सीएचसी बड़ागांव के अधीक्षक डॉक्टर संजीव कुमार और जिला अस्पताल के डॉक्टर वीरेंद्र कुमार सिंह को बुलाकर पोस्टमॉर्टम शुरू कराया. जिसके बाद देर रात परिजनों को बॉडी हैंडओवर की गई. सीएमओ ने ये भी बताया कि मामले की सूचना जिलाधिकारी को दे दी गई है. आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा.
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