The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Dilip Ghosh alleges CBI officers had setting with TMC, so centre sent ED to probe scams bjp west bengal

"CBI के अधिकारी बिक गए, इसलिए ED को भेजा गया" - बंगाल वाले दिलीप घोष का बवाली बयान!

दिलीप घोष ने कहा कि CBI अधिकारियों और TMC के बीच 'सेटिंग' है, अब बीजेपी को बचाव करना पड़ रहा है!

Advertisement
pic
22 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 22 अगस्त 2022, 08:59 AM IST)
Dilip Ghosh comment against CBI
(बाएं-दाएं) दिलीप घोष और सीबीआई का लोगो. (फाइल फोटो- इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद दिलीप घोष (Dilip Ghosh) का एक बयान चर्चा में है. दिलीप घोष ने कहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI CBI के कुछ अधिकारी 'बिक' गए हैं. उन्होंने ये भी कहा है कि इन कुछ अधिकारियों की तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के साथ सेटिंग है.

दिलीप घोष ने ये दावा भी किया कि CBI अधिकारियों और TMC की इसी सेटिंग की वजह से वित्त मंत्रालय ने CBI को न भेजकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल भेजा है. मेदिनीपुर से सांसद दिलीप घोष ने कहा कि कोल स्कैम, मवेशियों की तस्करी का मामला और स्कूल भर्तियों में गड़बड़ी के मामलों की CBI जांच में कुछ निकल कर नहीं आ रहा था, इसीलिए केंद्र ने ED को बंगाल भेज दिया. अब दिलीप घोष के बयान के बाद बीजेपी घेरे में आ गई है क्योंकि ED की कार्रवाई पर बीजेपी का कहना रहा है कि ये कार्रवाईयां कोर्ट के आदेश के बाद हो रही हैं.

CBI पर शुरू हुए तो रुके नहीं Dilip Ghosh

दिलीप घोष रविवार, 21 अगस्त को कोलकाता में थे. यहां वो केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय के एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इंडिया टुडे से जुड़े रितिक मोंडल की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने कहा कि

"कुछ CBI अधिकारियों को खरीद लिया गया. एक सेटिंग थी. इस बारे में जांच शुरू कर दी गई है. इसी सिलसिले में कुछ अधिकारियों को हटाया भी गया है. केंद्रीय एजेंसी पिछले दो महीनों से बंगाल में जांच कर रही है. लेकिन कोई खास रिजल्ट देखने को मिला नहीं, ना ही कोई दस्तावेज सामने आए. मुझे लगता है कुछ अधिकारी बिक गए. कुछ लाखों में बिके हैं, तो कुछ करोड़ों में."

घोष ने कहा कि केंद्र को ऐसे संकेत मिले थे कि CBI के अंदर ये सब चल रहा है, इसीलिए उसने जांच के लिए ED को आदेश दिया था. BJP सांसद ने ये दावा किया कि 'TMC के नेताओं को ED का डर है', क्योंकि उन्हें CBI के अधिकारियों की तरह 'सेट नहीं' किया जा सकता. दिलीप घोष ने कहा,

"फिर वित्त मंत्रालय के निर्देश पर ED ने काम करना शुरू किया. दवा की डोज बढ़ा दी गई. अब TMC के नेता डरे हुए है, क्योंकि CBI की तरह ED से सेटिंग नहीं हो सकती. ED को पालतू कुत्ते की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता."

घोष ने कहा कि ED के आते ही कुछ बड़े लोगों की गिरफ्तारी हुई है और ममता बनर्जी के अंत की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने आगे कहा,

"सरकार ये समझ गई है. वित्त मंत्री की विशेष पहल के तहत ED को घोटालों की जांच के लिए भेजा गया है. CBI अधिकारियों से सेटिंग करने में शामिल कुछ नेता ED की जांच पर अब सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ED क्यों जांच कर रही है, CBI क्यों नहीं? वे कोर्ट तक चले गए."

BJP फंस गई

दिलीप घोष के इस बयान पर हंगामा इसलिए मच गया है कि क्योंकि BJP नेता बंगाल में CBI की अलग-अलग जांच पर कॉमेंट करने से बचते रहे हैं. वे कहते हैं कि इन जांचों का आदेश तो कोर्ट की तरफ से दिया गया था, BJP का इसमें कोई हाथ नहीं है. जाहिर है घोष के नए बयान के बाद पार्टी डिफेंस मोड में आ गई है. हुगली से BJP की सांसद लॉकेट चटर्जी ने दिलीप घोष के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

"ED और CBI निष्पक्ष एजेंसियां हैं. वे अपनी तरीके से जांच कर रही हैं. हम उनका सम्मान करते हैं. हमें ED और CBI की जांच से खुशी है. BJP का केंद्रीय एजेंसियों से कोई संबंध नहीं है."

उधर TMC को बैठे-बिठाए केंद्र सरकार को घेरने को मिल गया है. पार्टी के नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा,

"CBI केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथ में है. तो क्या दिलीप घोष CBI पर सवाल उठाकर BJP शासित केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहे हैं? या CBI अधिकारियों पर सेटिंग का आरोप लगाकर वो अपनी ही पार्टी के नेता को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं?"

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक BJP के कई नेताओं ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि घोष के बयान के चलते पार्टी को खासी दिक्कत हो रही है. फिर भी डैमेज कंट्रोल की कोशिश जारी है. BJP प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि दिलीप घोष ने CBI को लेकर अपना निजी पक्ष रखा है, उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था.

करोड़ों के नोटों के बाद ED ने बंगाल में मंत्री के घर में एडमिट कार्ड, उम्मीदवारों की लिस्ट ढूंढ ली?

Advertisement

Advertisement

()