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दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा से भी पास, अमित शाह बोले 'कुछ गलत नहीं', केजरीवाल का बड़ा आरोप

अमित शाह बोले इस बिल से सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले का उल्लंघन नहीं हुआ है.

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7 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 7 अगस्त 2023, 10:31 PM IST)
Amit Shah speaks on Delhi Services Bill in Rajya Sabha
अमित शाह ने राघव चड्ढा के बयान का जवाब देते हुए कहा कि अच्छे शब्द बोलने से असत्य सत्य नहीं हो जाता है. (फोटो- आजतक)
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दिल्ली सर्विसेज बिल राज्यसभा में भी पारित हो गया है. बिल के समर्थन में 131 वोट पड़े हैं, जबकि विरोध में 102 मत डाले गए. तकनीकी खराबी की वजह से पर्ची के जरिये वोट डाले गए थे. इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में ये बिल पेश किया. इस पर सदन में जोरदार बहस हुई. AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि ये बिल एक ‘राजनीतिक धोखा’ है. देर शाम गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का पक्ष सामने रखा. उन्होंने कहा कि बिल के एक भी प्रावधान से, पहले जो व्यवस्था थी, उस व्यवस्था में एक इंच मात्र भी परिवर्तन नहीं हो रहा है. 

गृह मंत्री ने पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव को लेकर भी तर्क दिया. उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल से सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले का उल्लंघन नहीं हुआ है. अमित शाह ने आगे कहा,

"19 मई 2023 को लाए गए बिल की जगह हम विधि द्वारा व्यवस्था को स्थापित करना चाह रहे हैं. दिल्ली कई मायनों में बाकी राज्यों से अलग प्रदेश है. यहां सुप्रीम कोर्ट है, एंबेसी हैं, ये देश की राजधानी है. बार-बार दुनियाभर के राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां पर चर्चा करने के लिए आते हैं. इसीलिए दिल्ली को केंद्र शासित बनाया गया था. यहां की सरकार को सीमित अधिकार दिए गए हैं."

‘2015 के बाद समस्या शुरू हुई’

अमित शाह ने राघव चड्ढा के बयान का जवाब देते हुए कहा कि अच्छे शब्द बोलने से असत्य सत्य नहीं हो जाता है. कुछ लोगों ने कहा कि केंद्र सत्ता अपने हाथ में लेना चाहता है. केंद्र को ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि भारत के लोगों ने हमें शक्ति और अधिकार दिया है. शाह ने आगे कहा,

"बिल का एक भी प्रावधान गलत नहीं है. हम विधि द्वारा स्थापित व्यवस्था लाए हैं. सुप्रीम कोर्ट के किसी भी फैसले का उल्लंघन नहीं है. इस बिल का मतलब भ्रष्टाचार रोकना है. दिल्ली में अलग-अलग पार्टी की सरकार रही है… पहले दिल्ली में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर झगड़े नहीं होते थे. किसी सीएम को दिक्कत नहीं होती थी. 2015 में एक 'आंदोलन' के बाद एक नई पार्टी अस्तित्व में आई और उनकी सरकार बनी. सारी समस्या उसके बाद ही शुरू हुई."

अमित शाह ने कांग्रेस पर भी तंज कसा. उस पर हमेशा दिल्ली के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया. शाह ने कहा, 

“हम पूर्व प्रधानमंत्री की सदस्यता बचाने के लिए बिल लेकर नहीं आए है. हम संविधान के तहत बिल लाए हैं. इसका मकसद प्रशासन को दुरुस्त करना है.”

केजरीवाल ने फाइलें इधर-उधर कीं

शाह ने बिल पर बोलते हुए AAP को भी घेरा. उन्होंने शराब घोटाले का जिक्र कर डाला. गृह मंत्री ने सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास को लेकर 'शीशमहल' शब्द का भी इस्तेमाल किया. इस पर संसद में जोरदार हंगामा भी हुआ. शाह ने कहा कि शीशमहल में असंसदीय कुछ भी नहीं है. उन्होंने अपने बयान से AAP पर हमला बोलते हुए कहा कि इनका उद्देश्य विजिलेंस विभाग में तबादले कराना है. शाह ने आरोप लगाया कि AAP के नेताओं ने आधी रात में विजिलेंस विभाग में जाकर कागजों को इधर-उधर किया.

इधर, बिल पास होने के बाद अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि अब दिल्ली को पीएम मोदी और एलजी वीके सक्सेना चलाएंगे. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ये बिल 'चोर दरवाजे' से दिल्ली की सत्ता को हथियाने की कोशिश है. इंडिया टुडे के मुताबिक सीएम ने कहा है,

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतना अहंकार है कि ना वो जनता की बात सुनते हैं, ना सुप्रीम कोर्ट की बात सुनते हैं. देश ने इसलिए प्रधानमंत्री बनाया था कि चपरासी की ट्रांसफर पोस्टिंग करोगे? मणिपुर में बीजेपी की सरकार है मणिपुर को जला दिया. आम आदमी पार्टी के जैसे काम नहीं कर सकते. इसलिए केजरीवाल को काम करने से रोक रहे हैं."

दिल्ली के सीएम ने कहा कि वो भले झगड़े करते हैं, लेकिन दिल्ली के लोगों को पसंद हैं. ठीक काम कर रहे हैं तभी लोगों ने उन्हें बार-बार वोट दिया है.

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