मुंडका आग: '100 बार पत्नी को फोन किया, कोई जवाब नहीं', बिलखते परिजनों की कहानियां रुला देंगी
पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद कंपनी मालिक वरुण और हरीश को गिरफ्तार कर लिया है. घटना पर मौजूद दमकल अधिकारी ने शनिवार सुबह मीडिया को बताया कि जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 30 तक पहुंच सकती है.

दिल्ली के मुंडका इलाके में 13 मई की शाम एक बिल्डिंग में लगी आग ने एक साथ कई परिवारों पर कहर ढा दिया. आग की वजह से कम से कम 27 लोगों की मौत हुई और 12 लोग घायल हैं. चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के बाद कई परिवार, अपनों को ढूंढ़ रहे हैं. बिल्डिंग में काम करने वाले कई लोग अब भी लापता हैं. कई लोग तस्वीर लेकर अपने परिजनों को ढूंढ़ने पहुंच रहे हैं. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, आग लगने की घटना के बाद अब भी 29 लोगों का पता नहीं चल पाया है, जिसमें 24 महिलाएं और 5 पुरुष हैं.
ये कहानियां दर्दनाकइस बीच कई कहानियां हमारे सामने आईं, जो दिल दहलाने वाली हैं. 26 साल की तान्या इसी बिल्डिंग में काम करती हैं. अभी वो लापता हैं. आग लगने के बाद से उनकी मां, बेटी के इंतजार में हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक मां ने बताया कि शाम 5 बजे उनकी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी. तब तक उसने 5-6 लोगों की जान बचाई थी. उन्होंने कहा,
"मैं जब अपनी बेटी से बात कर रही थी. तब मैं सुन रही थी कि वह लोगों को आग से बचाने में लगी है. उन्हें बाहर निकलने के लिए रास्ता बता रही थी. लेकिन बचाते-बचाते अब वो खुद कहीं खो गई है. उसका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है."

विजय पाल की पत्नी मोहिनी पाल पिछले 5-6 सालों से कंपनी में सेल्स का काम देखती हैं. मोहिनी से उनकी आखिरी बार शुक्रवार शाम चार बजे फोन पर बात हुई थी. पत्नी ने कहा था कि वो शाम 6 बजे तक लौट जाएंगी. हालांकि विजय ने बताया कि वे अब तक 100 से ज्यादा बार मोहिनी को फोन कर चुके हैं लेकिन कोई जवाब नहीं आया. दिल्ली के संजय गांधी अस्पताल के बाहर विजय लगातार अपनी पत्नी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें डर है कि कहीं उनकी पत्नी मृतकों में शामिल ना हो. ऐसी आशंका जताते हुए वे रो पड़ते हैं.
इसी तरह वीरेंद्र नेगी की भाभी भारती नेगी लापता हैं. वीरेंद्र ने आजतक को बताया,
"भाभी पिछले 2 साल से फैक्ट्री में काम कर रही हैं. उनका पति और बेटा शादी में शामिल होने बाहर गए थे. खबर मिलने के बाद वे दिल्ली के लिए लौट गए. वो बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बैठती थीं. लेकिन एक मीटिंग में शामिल होने के लिए शाम 4 बजे दूसरी मंजिल पर थीं."
लापता लोगों में 19 साल की पूजा भी हैं. जो इस कंपनी में 2 साल से काम कर रही हैं. उनकी मां और बहन उनसे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रही हैं. दोनों अस्पताल के बाहर मौजूद हैं. उनके मुताबिक पूजा घर में अकेले कमाने वाली हैं.

बिल्डिंग में लगी आग के कारण कंपनी के मालिक वरुण और हरीश गोयल के पिता अमरनाथ की भी मौत हो गई. खबरों के मुताबिक जिस वक्त आग लगी उस वक्त कंपनी में मोटिवेशनल स्पीच चल रही थी. और वहीं पर अमरनाथ भी मौजूद थे. आग लगी और अमरनाथ भी फंस कर झुलस गए.
पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद कंपनी मालिक वरुण और हरीश को गिरफ्तार कर लिया है. घटना पर मौजूद दमकल अधिकारी ने शनिवार सुबह मीडिया को बताया कि जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 30 तक पहुंच सकती है. बिल्डिंग में प्लास्टिक का सामान ज्यादा होने के कारण आग तेजी से फैल गई थी.
पश्चिमी दिल्ली के एडीएम धर्मेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि जिन लोगों को हल्की चोटें आई थीं, उन्हें इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया. उन्होंने कहा,
"7 और शव अस्पताल लाए गए हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है. परिवारवालों से संपर्क किया जा रहा है ताकि उनकी पहचान हो सके. 70-80 लोग यहां काम करते थे. हमारी प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करना है."
इधर दिल्ली फायर सर्विसेस के डायरेक्टर ने आजतक को बताया कि बिल्डिंग में कई खामियां हैं. उन्होंने कहा कि बिल्डिंग की फायर NOC नहीं करवाई गई थी. उन्होंने आश्चर्य जताया कि बिल्डिंग में सिर्फ एक ही एग्जिट गेट है. बिल्डिंग में सुरक्षा के नजरिए से कोई एहतियात नहीं बरते गए थे.
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