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केजरीवाल ने किसी भी घाट पर छठ पूजा करने की बात की, एलजी बोले- 'लोगों को गुमराह न करें'

अब दिल्ली के सीएम और एलजी के बीच छठ पूजा को लेकर हुआ टकराव

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26 अक्तूबर 2022 (अपडेटेड: 26 अक्तूबर 2022, 07:51 PM IST)
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दोनों के बायनों से दिल्ली वाले कंफ्यूज! | फोटो : आजतक
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दिल्ली (Delhi) के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (LG VK Saxena) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) के बीच एक बार फिर विचारों का टकराव हुआ है. इस बार टकराव का मुद्दा बना है, छठ. दोनों ने राजधानी में छठ पूजा को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं. इसमें जरूरी बात बात ये है कि इनके बयानों से दिल्ली वाले कंफ्यूज हैं.

'जनता को भ्रामक जानकारी न दो'

इंडिया टुडे से जुड़े कुमार कुणाल के मुताबिक कुछ दिन पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि यमुना में कहीं भी छठ का पर्व किया जा सकता है. लेकिन, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने साफ कहा है कि छठ की पूजा सिर्फ तय घाटों पर ही की जाएगी. सक्सेना ने केजरीवाल को भी हिदायत दी कि वे समय से पहले और गुमराह करने वाली जानकारी जनता के साथ साझा करने से बचें.

इंडिया टुडे के मुताबिक एलजी के सचिवालय की ओर से कहा गया है,

'छठ पूजा के जिस प्रस्ताव को एलजी ने मंजूरी दी थी, उसमें कुछ विशेष घाटों के नाम दिए गए थे. लेकिन, केजरीवाल ने ट्वीट किया कि यमुना पर कहीं भी पूजा हो सकती है, जिससे लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है'

इसके अलावा दिल्ली के एलजी ने राजस्व और पर्यावरण विभाग को यमुना में प्रदूषण के संबंध में एनजीटी के आदेशों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. साथ ही केजरीवाल सरकार से छठ पूजा करने वालों के लिए घाटों की साफ सफाई और यमुना के पानी की सफाई को सुनिश्चित करने को कहा है.

केजरीवाल ने क्या कहा था?

बता दें कि बीते 14 अक्टूबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छठ पूजा को लेकर बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने बताया था कि इस साल दिल्ली में 1100 जगहों पर सार्वजनिक तौर पर छठ पूजा की जाएगी.  केजरीवाल का कहना था कि 2 साल से कोरोना के चलते सार्वजनिक तौर पर छठ पूजा करने पर रोक थी. लेकिन इस बार सरकार ने धूमधाम से छठ पूजा करने का फैसला किया है. उनके मुताबिक सरकार छठ पूजा के लिए 25 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

इस बार छठ का त्योहार 30 और 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा. छठ पूजा के दौरान महिलाएं उपवास करके घुटने तक पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं. ये त्योहार दिल्ली में रहने वाले बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है.

वीडियो देखें : अरविंद केजरीवाल को गुजरात इलेक्शन पर किया ट्वीट डिलीट क्यों करना पड़ा?

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