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दिल्ली शराब नीति केस: आरोपी अरुण पिल्लई को भी जमानत, ED ने क्या आरोप लगाए थे?

Delhi Excise Policy Case: रामचंद्रन पिल्लई पर आरोप है कि उन्होंने शराब कंपनी इंडोस्पिरिट के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर महेन्द्रू से रिश्वत ली थी. ये पैसा उन्होंने कथित तौर पर बाद में अन्य आरोपियों को सौंपा था.

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11 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 11 सितंबर 2024, 04:25 PM IST)
Delhi High Court grants bail to Arun Pillai in Delhi Excise policy case
पिल्लई को भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के कविता का करीबी सहयोगी बताया जाता है. (फोटो- X)
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दिल्ली शराब नीति मामले (Delhi Excise policy case) में दिल्ली हाई कोर्ट ने 11 सितंबर को हैदराबाद के बिजनेसमैन अरुण रामचंद्रन पिल्लई (Arun Pillai) को जमानत दे दी. ED ने पिल्लई पर आरोप लगाए थे कि जांच के दौरान उन्होंने गलत बयान दिए थे. पिल्लई पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप है.

बार एंड बेंच में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पिल्लई की जमानत का ऑर्डर पास किया. पिल्लई को मार्च 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था. उन्हें भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता के कविता का करीबी सहयोगी बताया जाता है, जो इस मामले के आरोपियों में शामिल हैं.

आरोपों के मुताबिक पिल्लई ने शराब कंपनी इंडोस्पिरिट के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर महेन्द्रू से रिश्वत ली थी. ये पैसा उन्होंने कथित तौर पर बाद में अन्य आरोपियों को सौंपा था. रिपोर्ट के अनुसार महेन्द्रू को इस हफ्ते की शुरुआत में हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी.

के कविता को मिल चुकी है जमानत

इससे पहले दिल्ली शराब नीति मामले में 27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने BRS नेता के कविता को जमानत दे दी थी. ये जमानत ED और CBI, दोनों ही केस में दी गई थी. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सुनवाई के दौरान CBI और ED की निष्पक्षता पर सवाल उठाया था. कोर्ट ने कुछ आरोपियों को सरकारी गवाह बनाने की उनकी सेलेक्टिव अप्रोच की आलोचना भी की थी. सुनवाई के दौरान जस्टिस गवई ने कहा,

"अभियोजन पक्ष को निष्पक्ष होना चाहिए. खुद को दोषी ठहराने वाले व्यक्ति को गवाह बनाया गया है! कल आप अपनी मर्जी से किसी को भी चुन सकते हैं? आप किसी भी आरोपी को चुनकर नहीं रख सकते. ये कैसी निष्पक्षता है?"

बेंच ने कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और CBI और ED दोनों मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है. साथ ही, दोनों मामलों में ट्रायल जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है.

के कविता को इस साल 15 मार्च की शाम को ED ने गिरफ्तार किया था और तब से वो हिरासत में थीं. CBI ने उन्हें तब गिरफ्तार किया, जब वो ED मामले में न्यायिक हिरासत में थीं.

वीडियो: केजरीवाल ने कोर्ट में CBI की ऐसी क्या शिकायत की जो हेडलाइन बन गई?

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